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Panipat News: जिप पार्षदों का विकास कार्यों पर हंगामा
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पानीपत। जिला परिषद की तीसरी बैठक में पार्षदों का विरोध खुलकर सामने आया। उन्होंने विकास कार्यों में भेदभाव और बिना जानकारी के काम कराने के आरोप लगाए। भाजपा समेत दूसरे दलों के समर्थित पार्षदों ने बीच-बीच में जमकर भड़ास निकाली। बैठक में 3.80 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर कई पर सवाल उठे।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि 80 लाख के काम पार्षदों की सहमति पर किए, बाकी तीन करोड़ के काम अकेले जिप चेयरपर्सन के कहने पर कराने की बात उठी। इस पर जिप चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन एक दूसरे पर बात डालने लगे। चेयरपर्सन ने इन कार्यों की जांच कराने तक की बात कह दी। इस दौरान अधिकारियों के काम पर कई बार सवाल उठे।
जिला परिषद की बैठक जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थित हाल में हुई। इसकी अध्यक्षता जिप चेयरपर्सन ज्योति शर्मा और वाइस चेयरमैन सुरेश मलिक ने संयुक्त रूप से की। संचालन जिप सीईओ विवेक चौधरी ने की। सांसद संजय भाटिया और पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा विशेष आमंत्रित सदस्य रहे। बैठक में नौ प्रस्ताव आम सहमति के साथ पास किए गए। सांसद संजय भाटिया ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर काम कर रही है। जिला परिषद में भी इसी नीति को अपनाया जाएं।
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पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि सरकार शहर के साथ गांवों के विकास पर भी बराबर काम कर रही है। जिप के साथ पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों द्वारा भी विकास कार्य कराए जा रहे हैं। चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने कहा कि जिला परिषद के सभी वार्डों में सामान रूप से कार्य करवाए जा रहे हैं। सींक और उरलाना कलां गांव में पीएचसी के नए भवन बनाए जाएंगे। वार्डों में विचाराधीन 149 कार्यों को जल्द शुरू कराया जाएगा। बैठक में वार्ड-2 के पार्षद रणदीप कवी नहीं पहुंचे।
पार्षद पतियों ने संभाला मोर्चा
जिला परिषद की बैठक में महिला पार्षद पूरी बैठक में तमाशबीन बनकर बैठी रही। चेयरपर्सन ज्योति शर्मा के पति प्रदीप शर्मा समेत सभी पार्षदों के पति और प्रतिनिधि बैठक में रहे। उन्होंने ही वार्डों के कार्यों पर सवाल उठाए। सांसद और विधायक ने उनकी बातों को पूरी ध्यान से सुना। इस दौरान तीन बार बिजली गुल हुई। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद 11:50 से 11:55, फिर 12:05 और तीसरी बार 12:21 से 12:27 बजे तक बिजली गुल रही।
अधिकारियों के काम पर भी सवाल
बैठक में जिला परिषद की चेयरपर्सन और अधिकारियों पर कई बार सवाल उठे। ऑनलाइन टेंडरों को प्रमुखता के साथ न लेने को सांसद संजय भाटिया ने भी गंभीरता के साथ लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन टेंडर सिस्टम शुरू किया है। अधिकारी इसको गंभीरता के साथ नहीं ले रहे हैं तो धरातल पर विरोध जायज है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस तरह से काम करने से कार्रवाई होने में देरी नहीं लगेगी। जिप सीईओ ने स्थिति को संभालते हुए इन मामलों को स्वयं देखकर कार्य निर्धारित करने का भरोसा दिया।
पार्षद पति बोले- खुद की गली नहीं बनी
पार्षदों ने कहा कि पिछली दो बैठकों में चेयरपर्सन और अधिकारियों के काम को जांच रहे थे। उनको तीसरी बैठक में अपनी बात उठाने के लिए आगे आना पड़ा। पार्षद पति संदीप कादियान ने कहा कि वार्ड के कामों की पार्षदों को जानकारी तक नहीं दी जाती। सीईओ ने कहा कि उनके पास यह बात नहीं आई है। इस पर सदन ने फैसला लिया कि पार्षदों के सर्टिफिकेट के बाद ही ठेकेदार की पेमेंट की जाएगी। भाजपा समर्थित पार्षद पति सुरेंद्र आर्य ने कहा कि मेरी अपनी गली नहीं बनी। अधिकारी उसको रास्ता तक नहीं दे रहे। एसडीओ ने सीईओ के गली बनवाने की बात कही। इस पर सीईओ बोले मुझे तो गली के मामले की जानकारी तक नहीं।
पार्षदों के अनुसार काम कराने के निर्देश
वार्ड-तीन की पार्षद प्रतिनिधि अनिल मलिक ने कहा कि वे गांव में नालियों पर जाल तक नहीं डलवा पाते। छोटे-छोटे कामों के लिए दो से तीन महीने की टेंडर प्रक्रिया से गुजरा नहीं जा सकता। सांसद ने अधिकारियों को सलाह दी कि विभिन्न कार्यों का एक टेंडर लगा दें। पार्षदों की मांग अनुसार काम करा दिया जाएं। उन्होंने धान के सीजन से पहले बिजली की तारों और खंभों को ठीक कराने की मांग रखी। वाइस चेयरमैन आर्य सुरेश मलिक ने कहा कि उनको 16 कामों की स्टेटस रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है।
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पार्षदों ने आरोप लगाया कि 80 लाख के काम पार्षदों की सहमति पर किए, बाकी तीन करोड़ के काम अकेले जिप चेयरपर्सन के कहने पर कराने की बात उठी। इस पर जिप चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन एक दूसरे पर बात डालने लगे। चेयरपर्सन ने इन कार्यों की जांच कराने तक की बात कह दी। इस दौरान अधिकारियों के काम पर कई बार सवाल उठे।
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जिला परिषद की बैठक जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थित हाल में हुई। इसकी अध्यक्षता जिप चेयरपर्सन ज्योति शर्मा और वाइस चेयरमैन सुरेश मलिक ने संयुक्त रूप से की। संचालन जिप सीईओ विवेक चौधरी ने की। सांसद संजय भाटिया और पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा विशेष आमंत्रित सदस्य रहे। बैठक में नौ प्रस्ताव आम सहमति के साथ पास किए गए। सांसद संजय भाटिया ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर काम कर रही है। जिला परिषद में भी इसी नीति को अपनाया जाएं।
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पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि सरकार शहर के साथ गांवों के विकास पर भी बराबर काम कर रही है। जिप के साथ पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों द्वारा भी विकास कार्य कराए जा रहे हैं। चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने कहा कि जिला परिषद के सभी वार्डों में सामान रूप से कार्य करवाए जा रहे हैं। सींक और उरलाना कलां गांव में पीएचसी के नए भवन बनाए जाएंगे। वार्डों में विचाराधीन 149 कार्यों को जल्द शुरू कराया जाएगा। बैठक में वार्ड-2 के पार्षद रणदीप कवी नहीं पहुंचे।
पार्षद पतियों ने संभाला मोर्चा
जिला परिषद की बैठक में महिला पार्षद पूरी बैठक में तमाशबीन बनकर बैठी रही। चेयरपर्सन ज्योति शर्मा के पति प्रदीप शर्मा समेत सभी पार्षदों के पति और प्रतिनिधि बैठक में रहे। उन्होंने ही वार्डों के कार्यों पर सवाल उठाए। सांसद और विधायक ने उनकी बातों को पूरी ध्यान से सुना। इस दौरान तीन बार बिजली गुल हुई। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद 11:50 से 11:55, फिर 12:05 और तीसरी बार 12:21 से 12:27 बजे तक बिजली गुल रही।
अधिकारियों के काम पर भी सवाल
बैठक में जिला परिषद की चेयरपर्सन और अधिकारियों पर कई बार सवाल उठे। ऑनलाइन टेंडरों को प्रमुखता के साथ न लेने को सांसद संजय भाटिया ने भी गंभीरता के साथ लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन टेंडर सिस्टम शुरू किया है। अधिकारी इसको गंभीरता के साथ नहीं ले रहे हैं तो धरातल पर विरोध जायज है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस तरह से काम करने से कार्रवाई होने में देरी नहीं लगेगी। जिप सीईओ ने स्थिति को संभालते हुए इन मामलों को स्वयं देखकर कार्य निर्धारित करने का भरोसा दिया।
पार्षद पति बोले- खुद की गली नहीं बनी
पार्षदों ने कहा कि पिछली दो बैठकों में चेयरपर्सन और अधिकारियों के काम को जांच रहे थे। उनको तीसरी बैठक में अपनी बात उठाने के लिए आगे आना पड़ा। पार्षद पति संदीप कादियान ने कहा कि वार्ड के कामों की पार्षदों को जानकारी तक नहीं दी जाती। सीईओ ने कहा कि उनके पास यह बात नहीं आई है। इस पर सदन ने फैसला लिया कि पार्षदों के सर्टिफिकेट के बाद ही ठेकेदार की पेमेंट की जाएगी। भाजपा समर्थित पार्षद पति सुरेंद्र आर्य ने कहा कि मेरी अपनी गली नहीं बनी। अधिकारी उसको रास्ता तक नहीं दे रहे। एसडीओ ने सीईओ के गली बनवाने की बात कही। इस पर सीईओ बोले मुझे तो गली के मामले की जानकारी तक नहीं।
पार्षदों के अनुसार काम कराने के निर्देश
वार्ड-तीन की पार्षद प्रतिनिधि अनिल मलिक ने कहा कि वे गांव में नालियों पर जाल तक नहीं डलवा पाते। छोटे-छोटे कामों के लिए दो से तीन महीने की टेंडर प्रक्रिया से गुजरा नहीं जा सकता। सांसद ने अधिकारियों को सलाह दी कि विभिन्न कार्यों का एक टेंडर लगा दें। पार्षदों की मांग अनुसार काम करा दिया जाएं। उन्होंने धान के सीजन से पहले बिजली की तारों और खंभों को ठीक कराने की मांग रखी। वाइस चेयरमैन आर्य सुरेश मलिक ने कहा कि उनको 16 कामों की स्टेटस रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है।