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Panipat News: तीन साल में चार बार बदला महिला थाना, फिर भी ठिकाना नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jul 2023 02:32 AM IST
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Women's police station changed four times in three years, still no place
पानीपत। तीन साल से लगातार चार बार महिला थाना बदले जाने की वजह से आम जनता परेशान है। वर्तमान में थाना सेक्टर-6 में है, थाने की बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है। जिस वजह थाना पुलिस को भी बाहर तिरपाल लगाकर सुनवाई करनी पड़ती है। इसी समस्या को लेकर महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से शुक्रवार को आते ही सबसे पहले थाने की जगह सुनिश्चित करने और उसमें थाने को शिफ्ट करने के आदेश दिए। जिस पर एसपी अजीत सिंह शेखावत ने जल्द दूसरी बिल्डिंग में थाने को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया।
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महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने जिले में आई 11 में से नौ शिकायतों में सुनवाई की। जिनमें दूसरा मामला था कि एक महिला ने अपने पति-सास व ससुर के खिलाफ मानसिक रूप से परेशान करने की शिकायत दी थी।पति उसे रखना नहीं चाहता। जिस पर चेयरपर्सन ने पति का पक्ष जाना तो उसने कहा कि उसकी पत्नी शीशे के सामने बैठकर बातें करती है, कभी खुद को मारने की धमकी देती है, कभी उसको मारने के लिए कहती है, जिससे वह डरे हुए है। जिसके बाद चेयरपर्सन ने जांच अधिकारी को मैरेज काउंसलिंग और मनोरोग चिकित्सक से काउंसलिंग कराने के आदेश दिए। वहीं दूसरे मामले में एक महिला ने बताया कि स्कूल समय में उसके दोस्त ने निजी क्षणों की वीडियो बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर ब्लैकमेल कर तीन लाख वसूल लिए, अक्टूबर 2022 में पुलिस को शिकायत दी, पुलिस ने उनका समझौता करा दिया और शादी करा दी। पति ने दो माह बाद ही तलाक की अर्जी डाल दी। देवर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। जिस पर उसने मेडिकल कराकर थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने दुष्कर्म की धारा भी हटा दी। अब चेयरपर्सन ने दोनों पक्षों को सामने बैठाकर बातचीत कराई, जिस पर पति उसे साथ रखने पर राजी हो गया और उनका समझौता हो गया। इस अवसर पर एसपी अजीत सिंह शेखावत, प्रोग्राम ऑफिसर परमिंद्र कौर, बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
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वन स्टाप सेंटर का लिया जायजा-
चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने वन स्टॉप सेंटर का भी जायजा लिया और संचालिका इशा वर्मा के साथ बैठकर समीक्षा रिपोर्ट ली। इस मौके पर संबंधित स्टाफ से बातचीत भी की और कहा कि लोगों को अपनी मानसिकता सुधारने के लिए भी प्रेरित करें। वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिलाओं और औरतों को भी प्रेरित करें कि वे हौसला न हारे। उनसे लगातार फीडबैक लें। उन्होंने दो महिलाओं से बातचीत कर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में असंतुष्टि भी जाहिर की और कहा कि इस बारे में कुछ अधिकारियों से बात की जाएगी। वन स्टॉप सेंटर में जुलाई 2019 से लेकर जून 2023 तक 1172 केस वन स्टॉप सेंटर पर आए हैं।
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लिव-इन के मामले की जांच अधिकारी रजनी गुप्ता को सौंपी
नाबालिग युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली युवती ने शिकायत दी थी कि वह युवक के साथ नहीं रहना चाहती। वह उसके साथ मारपीट करता है। जबकि चेयरपर्सन ने युवक से पूछताछ की तो उसने कहा कि वह उसे रखना चाहता है। दोनों पक्षों की काउंसलिंग के लिए मामले की जांच चेयरपर्सन ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता को सौंप दी है।
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