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गुरुद्वारों का पैसा गुरुघरों में लगाएंगे : धम्मू
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के नजदीक आते ही सरगर्मियां बढ़ गई हैं। श्री रामदास सिंह गुरुद्वारा मॉडल टाउन के प्रधान हरचरण सिंह धम्मू ने आगे आकर हरियाणा का पैसा हरियाणा के गुरुघरों और यहां के शिक्षण संस्थानों में लगाने की बात कही है। उन्होंने साथ ही कई लोगों के पंजाब के दलों में शामिल होने पर चिंता जताई है।
हरचरण सिंह धम्मू शनिवार को गुरुद्वारा मॉडल टाउन के नजदीक अपने कार्यालय में मीडिया से रूबरू हुए। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों करोड़ों रुपये हर साल पंजाब में चला जाता था। यहां गुरुद्वारों में पाठी और अन्य लोग भी पंजाब के तैनात किए जाते थे। ऐसे में हरियाणा के लोगों को गुरुद्वारों में रोजगार तक नहीं मिल पाता था। इसके अलावा गुरुघरों से आने वाले पैसे काे भी पंजाब के गुरुद्वारों में स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान बनाए गए हैं। जबकि हरियाणा के गुरुद्वारों में इस तरह की सुविधा नहीं दी गई। हरियाणा के सिखों ने अधिकारों को लेकर 20 साल तक कड़ा संघर्ष किया। इसके बाद हरियाणा के सिखों को अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब राजनीति चमकाने के लिए हरियाणा को छोड़कर पंजाब के लोगों के साथ लग गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव को लेकर 19 जनवरी को मतदान है। कुछ लोग चुनाव के नजदीक आने पर पोस्टर तक उखाड़ रहे और इनको संशोधन कर उल्टी सीधी बात लिख रहे हैं। इससे समाज में रोष व्याप्त है।
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पानीपत। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के नजदीक आते ही सरगर्मियां बढ़ गई हैं। श्री रामदास सिंह गुरुद्वारा मॉडल टाउन के प्रधान हरचरण सिंह धम्मू ने आगे आकर हरियाणा का पैसा हरियाणा के गुरुघरों और यहां के शिक्षण संस्थानों में लगाने की बात कही है। उन्होंने साथ ही कई लोगों के पंजाब के दलों में शामिल होने पर चिंता जताई है।
हरचरण सिंह धम्मू शनिवार को गुरुद्वारा मॉडल टाउन के नजदीक अपने कार्यालय में मीडिया से रूबरू हुए। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों करोड़ों रुपये हर साल पंजाब में चला जाता था। यहां गुरुद्वारों में पाठी और अन्य लोग भी पंजाब के तैनात किए जाते थे। ऐसे में हरियाणा के लोगों को गुरुद्वारों में रोजगार तक नहीं मिल पाता था। इसके अलावा गुरुघरों से आने वाले पैसे काे भी पंजाब के गुरुद्वारों में स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान बनाए गए हैं। जबकि हरियाणा के गुरुद्वारों में इस तरह की सुविधा नहीं दी गई। हरियाणा के सिखों ने अधिकारों को लेकर 20 साल तक कड़ा संघर्ष किया। इसके बाद हरियाणा के सिखों को अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब राजनीति चमकाने के लिए हरियाणा को छोड़कर पंजाब के लोगों के साथ लग गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव को लेकर 19 जनवरी को मतदान है। कुछ लोग चुनाव के नजदीक आने पर पोस्टर तक उखाड़ रहे और इनको संशोधन कर उल्टी सीधी बात लिख रहे हैं। इससे समाज में रोष व्याप्त है।
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