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Panipat News: टेक्सटाइल नगरी की स्वच्छता रैंकिंग में 145 पायदान की छलांग, 39 पर पहुंची
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टेक्सटाइल नगरी की स्वच्छता रैंकिंग में 145 पायदान की छलांग, 39 पर पहुंची
- फोटो : टेक्सटाइल नगरी की स्वच्छता रैंकिंग में 145 पायदान की छलांग, 39 पर पहुंची
- वाटर प्लस, सोलिड वेस्ट मैंनेजमेंट शत प्रतिशत और स्टार रैंकिंग का मिला फायदा
समालखा की 1494 से 534 पर पहुंची स्वच्छता रैंकिंग
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। टेक्सटाइल नगरी का स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में शानदार प्रदर्शन रहा। पानीपत ने राष्ट्रीय स्तर पर 39वां और प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। करनाल और सोनीपत कुछ अंकों के चलते आगे रहे हैं। वहीं नगरपालिका समालखा की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग 534 रही। पानीपत नगर निगम की राष्ट्रीय स्तर पर पिछले साल 184वीं और प्रदेश में छठी रैंकिंग थी। जबकि समालखा की गत वर्ष 1491 रैंकिंग थी। पानीपत नगर निगम की रैंकिंग सुधार में वाटर प्लस, कचरा प्रबंधन शत प्रतिशत और स्टार रैंकिंग बड़ी सहयोगी रही। पानीपत को सर्वेक्षण में एक स्टार मिला है। सूखा व गीला कूड़ा में आधे अंक मिले हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के सर्वे की रिपोर्ट वीरवार को जारी हुई। पानीपत नगर निगम की 2011 के आधार पर 2,94,292 जनसंख्या को इसमें शामिल किया। वहीं समालखा नगरपालिका की 38675 जनसंख्या को इस सर्वे में आधार माना जिसमें कूड़ा उठान, निष्तारण और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई समेत आठ बिंदुओं पर सर्वे किया।
वाटर प्लस : पानीपत नगर निगम को ओडीएफ प्लस-प्लस का प्रमाणपत्र पहले मिल चुका है। इस बार वाटर प्लस का प्रमाणपत्र मिला है। यह रैंकिंग काे ऊपर लाने में काफी सहयोगी रहा। यह प्रमाणपत्र वेस्ट पानी को पुन: प्रयोग के लायक बनाने में मिलता है। नगर निगम की अर्जुन नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को पुन: प्रयोग लायक बनाकर पानीपत रिफाइनरी को देने की योजना है। वहीं सेक्टर-29 स्थित एसटीपी के पानी का पुन: प्रयोग किया जाता है। इसके 750 अंक हैं।
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कचरा प्रबंधन :
पानीपत नगर निगम को कचरा प्रबंधन में इस बार शत प्रतिशत अंक मिले हैं। पिछले साल इसमें शून्य अंक थे। टीम ने मुरथल में जेबीएम के कचरा प्रबंधन प्लांट के अंक को शामिल नहीं किया था। यहां कचरे से बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
स्टार रैंकिंग : यह गारबेज फ्री शहर होने पर मिलता है। यह दो हजार अंक का होता है। पानीपत को इसमें एक स्टार मिला है। जबकि करनाल व सोनीपत को तीन-तीन स्टार मिले हैं। इन स्टार की वजह से करनाल व सोनीपत नगर निगम क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे हैं। इसमें सात स्टार मिलते हैं।
यहां कमजोर रहे हम-
सूखा व गीला कूड़ा :
सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करने में नगर निगम को अपेक्षाकृत अंक नहीं मिले। नगर निगम काे सर्वेक्षण में मात्र 51 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसी में सबसे फिसड्डी रहे हैं। यह लोगों के स्तर पर भी किया जाने वाला है। इसमें लोगों को अपने घरों पर गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग करना होगा। वहीं निगम के डंपिंग प्वाइंट पर भी इसको अपनाना होता है।
डोर-टू-डोर कूड़ा :
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। शहर में कूड़ा उठान का जिम्मा जेबीएम के पास है। जेबीएम ने 2018 में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू किया था। अब तक यह शत प्रतिशत तक शुरू नहीं हो पाया है। इसी के चलते इसमें 91 प्रतिशत अंक मिले हैं। निगम ने जेबीएम पर सख्ती भी की है। इसमें जेबीएम ने अपने ठेकेदार को भी बदला है और साथ ही प्रत्येक वार्ड में सुपरवाइजर के नंबर जारी किए हैं।
सूखा और गीला कूड़ा छंटनी में मिले कम अंक
विषय अंक (प्रतिशत)
रिहायशी क्षेत्र में साफ-सफाई 100
मार्केट क्षेत्र में साफ-सफाई 100
पेयजल स्थल पर साफ-सफाई 100
सार्वजनिक शौचालय साफ-सफाई 100
डंप साइट सुधार 100
कचरा प्रबंधन 100
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान 99
सूखा व गीला कूड़ा छंटनी 55
शहरवासियों के सहयोग से स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसमें और सुधार की जरूरत है। शहरवासियों को साथ लेकर अगली बार पहली रैंकिंग लाने का प्रयास रहेगा।
- डॉ. पंकज, आयुक्त नगर निगम
पानीपत की रैंकिंग में 145 अंकों का सुधार आना बड़ी बात है। इसके लिए निगम आयुक्त व सभी अधिकारी बधाई के पात्र हैं। स्वच्छता के लिए आगे और काम किया जाएगा।
- कोमल सैनी, मेयर
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समालखा की 1494 से 534 पर पहुंची स्वच्छता रैंकिंग
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। टेक्सटाइल नगरी का स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में शानदार प्रदर्शन रहा। पानीपत ने राष्ट्रीय स्तर पर 39वां और प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। करनाल और सोनीपत कुछ अंकों के चलते आगे रहे हैं। वहीं नगरपालिका समालखा की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग 534 रही। पानीपत नगर निगम की राष्ट्रीय स्तर पर पिछले साल 184वीं और प्रदेश में छठी रैंकिंग थी। जबकि समालखा की गत वर्ष 1491 रैंकिंग थी। पानीपत नगर निगम की रैंकिंग सुधार में वाटर प्लस, कचरा प्रबंधन शत प्रतिशत और स्टार रैंकिंग बड़ी सहयोगी रही। पानीपत को सर्वेक्षण में एक स्टार मिला है। सूखा व गीला कूड़ा में आधे अंक मिले हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के सर्वे की रिपोर्ट वीरवार को जारी हुई। पानीपत नगर निगम की 2011 के आधार पर 2,94,292 जनसंख्या को इसमें शामिल किया। वहीं समालखा नगरपालिका की 38675 जनसंख्या को इस सर्वे में आधार माना जिसमें कूड़ा उठान, निष्तारण और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई समेत आठ बिंदुओं पर सर्वे किया।
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वाटर प्लस : पानीपत नगर निगम को ओडीएफ प्लस-प्लस का प्रमाणपत्र पहले मिल चुका है। इस बार वाटर प्लस का प्रमाणपत्र मिला है। यह रैंकिंग काे ऊपर लाने में काफी सहयोगी रहा। यह प्रमाणपत्र वेस्ट पानी को पुन: प्रयोग के लायक बनाने में मिलता है। नगर निगम की अर्जुन नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को पुन: प्रयोग लायक बनाकर पानीपत रिफाइनरी को देने की योजना है। वहीं सेक्टर-29 स्थित एसटीपी के पानी का पुन: प्रयोग किया जाता है। इसके 750 अंक हैं।
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कचरा प्रबंधन :
पानीपत नगर निगम को कचरा प्रबंधन में इस बार शत प्रतिशत अंक मिले हैं। पिछले साल इसमें शून्य अंक थे। टीम ने मुरथल में जेबीएम के कचरा प्रबंधन प्लांट के अंक को शामिल नहीं किया था। यहां कचरे से बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
स्टार रैंकिंग : यह गारबेज फ्री शहर होने पर मिलता है। यह दो हजार अंक का होता है। पानीपत को इसमें एक स्टार मिला है। जबकि करनाल व सोनीपत को तीन-तीन स्टार मिले हैं। इन स्टार की वजह से करनाल व सोनीपत नगर निगम क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे हैं। इसमें सात स्टार मिलते हैं।
यहां कमजोर रहे हम-
सूखा व गीला कूड़ा :
सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करने में नगर निगम को अपेक्षाकृत अंक नहीं मिले। नगर निगम काे सर्वेक्षण में मात्र 51 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसी में सबसे फिसड्डी रहे हैं। यह लोगों के स्तर पर भी किया जाने वाला है। इसमें लोगों को अपने घरों पर गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग करना होगा। वहीं निगम के डंपिंग प्वाइंट पर भी इसको अपनाना होता है।
डोर-टू-डोर कूड़ा :
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। शहर में कूड़ा उठान का जिम्मा जेबीएम के पास है। जेबीएम ने 2018 में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू किया था। अब तक यह शत प्रतिशत तक शुरू नहीं हो पाया है। इसी के चलते इसमें 91 प्रतिशत अंक मिले हैं। निगम ने जेबीएम पर सख्ती भी की है। इसमें जेबीएम ने अपने ठेकेदार को भी बदला है और साथ ही प्रत्येक वार्ड में सुपरवाइजर के नंबर जारी किए हैं।
सूखा और गीला कूड़ा छंटनी में मिले कम अंक
विषय अंक (प्रतिशत)
रिहायशी क्षेत्र में साफ-सफाई 100
मार्केट क्षेत्र में साफ-सफाई 100
पेयजल स्थल पर साफ-सफाई 100
सार्वजनिक शौचालय साफ-सफाई 100
डंप साइट सुधार 100
कचरा प्रबंधन 100
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान 99
सूखा व गीला कूड़ा छंटनी 55
शहरवासियों के सहयोग से स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसमें और सुधार की जरूरत है। शहरवासियों को साथ लेकर अगली बार पहली रैंकिंग लाने का प्रयास रहेगा।
- डॉ. पंकज, आयुक्त नगर निगम
पानीपत की रैंकिंग में 145 अंकों का सुधार आना बड़ी बात है। इसके लिए निगम आयुक्त व सभी अधिकारी बधाई के पात्र हैं। स्वच्छता के लिए आगे और काम किया जाएगा।
- कोमल सैनी, मेयर