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Panipat News: शिक्षक पति ने भी फंदा लगाकर दी जान
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पानीपत। अहर गांव में शिक्षक (पीजीटी) ने पत्नी की मौत के 76 दिन बाद खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मतलौडा थाना पुलिस ने मृतक के पास बेड से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। बड़े भाई के अनुसार छोटे भाई की पत्नी ने 25 सितंबर को आत्महत्या की थी। मायके वालों ने चार दिसंबर को पति व अन्य पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। नौ दिसंबर को पुलिसकर्मी घर नोटिस लेकर पहुंचा तो आहत होकर उसके भाई ने देर रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट में पत्नी के पिता, मां, भाई और भाभी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। मतलौडा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अहर गांव निवासी सुलेंद्र कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई संदीप कुमार पीजीटी था। उसकी आठ नवंबर 2019 में सेक्टर-6 निवासी मोनिका से शादी हुई थी। उनकी तीन वर्षीय एक बेटी है। मोनिका शहर के एक सरकारी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर पद पर कार्यरत थी। भाई की पत्नी मोनिका व उसका पिता देशराज, मां सुदेश, भाई पवन, उसकी पत्नी पूनम पांचों मिलकर संदीप पर गांव छोड़कर शहर में आकर रहने का दबाव बना रहे थे। जिस वजह से मोनिका और संदीप में मनमुटाव रहता था। डेढ़ साल से मोनिका सेक्टर-छह में रह रही थी।
मोनिका ने कहा था कि वह गांव में रहना चाहती है, लेकिन मायके वाले की इससे बेइज्जती होगी। घर बसाने के लिए भाई संदीप अब सेक्टर में ही मकान देख रहा था, लेकिन 25 सितंबर 2023 को मोनिका ने अपने मायके में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय मोनिका के पिता ने एक झूठी शिकायत संदीप, मां किशनी व उसके खिलाफ सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को दी थी, लेकिन उनका समझौता हो गया। आरोप है कि सेक्टर 13-17 थाना में दी शिकायत में समझौते की एवज में 17 अक्टूबर को षडयंत्र के तहत मोनिका के परिवार ने मोनिका की सरकारी नौकरी के सभी लाभ, चल-अचल सभी संपत्ति अपने नाम करवा ली। तीन वर्षीय बेटी की कस्टडी भी खुद ले ली।
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षडयंत्र के तहत दोबारा थाने में शिकायत दी और चार दिसंबर को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। नौ दिसंबर को संबंधित एक नोटिस पुलिसकर्मी घर देकर गए। भाई नोटिस को देखकर आहत हो गया। उन्होंने समझाया तो वह अपने कमरे में चला गया। सुबह चार बजे चचेरा भाई घर आया और उसने बताया कि फोन पर संदीप ने सुसाइड नोट भेजा है। वह दौड़कर संदीप के कमरे के पास गए तो दरवाजा लॉक था। खिड़की से देखा तो संदीप फंदे पर लटका हुआ था।
बॉक्स
पुलिस ने फंदे से उतारा, बेड से नोट बरामद
परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, मतलौडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा, सांसे जांची तो वह मृत मिला। पुलिस ने बेड से सुसाइड नोट व पेन बरामद किया और मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया। उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया।
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नोटिस को पढ़कर रोने लगा था संदीप
शैलेंद्र ने बताया कि नौ दिसंबर को भाई ने नोटिस को पढ़ा तो आहत हो गया। वह रोने लगा। उसने कहा कि मायके वालों की वजह से उसकी पत्नी ने आत्महत्या की और बेटी को उससे मिलने नहीं दे रहे और सभी प्रॉपर्टी अपने नाम करा ली। अब परेशान हो गया है, जीना नहीं चाहता।
बॉक्स
बेटी से नहीं मिलने देते थे ससुर
संदीप अपनी बेटी से बहुत प्यार करता था, लेकिन ससुर ने कस्टडी अपने पास लेकर कभी संदीप को बेटी से मिलने नहीं दिया। जब भी वह मिलने जाता तो उसे धमकाकर भगा देते थे। ससुर धमकी देता था कि दोबारा आया तो वह झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देगें।
वर्जन
मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है।
- इंस्पेक्टर विजय कुमार, प्रभारी, मतलौडा थाना
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सुसाइड नोट में पत्नी के पिता, मां, भाई और भाभी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। मतलौडा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अहर गांव निवासी सुलेंद्र कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई संदीप कुमार पीजीटी था। उसकी आठ नवंबर 2019 में सेक्टर-6 निवासी मोनिका से शादी हुई थी। उनकी तीन वर्षीय एक बेटी है। मोनिका शहर के एक सरकारी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर पद पर कार्यरत थी। भाई की पत्नी मोनिका व उसका पिता देशराज, मां सुदेश, भाई पवन, उसकी पत्नी पूनम पांचों मिलकर संदीप पर गांव छोड़कर शहर में आकर रहने का दबाव बना रहे थे। जिस वजह से मोनिका और संदीप में मनमुटाव रहता था। डेढ़ साल से मोनिका सेक्टर-छह में रह रही थी।
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मोनिका ने कहा था कि वह गांव में रहना चाहती है, लेकिन मायके वाले की इससे बेइज्जती होगी। घर बसाने के लिए भाई संदीप अब सेक्टर में ही मकान देख रहा था, लेकिन 25 सितंबर 2023 को मोनिका ने अपने मायके में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय मोनिका के पिता ने एक झूठी शिकायत संदीप, मां किशनी व उसके खिलाफ सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को दी थी, लेकिन उनका समझौता हो गया। आरोप है कि सेक्टर 13-17 थाना में दी शिकायत में समझौते की एवज में 17 अक्टूबर को षडयंत्र के तहत मोनिका के परिवार ने मोनिका की सरकारी नौकरी के सभी लाभ, चल-अचल सभी संपत्ति अपने नाम करवा ली। तीन वर्षीय बेटी की कस्टडी भी खुद ले ली।
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षडयंत्र के तहत दोबारा थाने में शिकायत दी और चार दिसंबर को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। नौ दिसंबर को संबंधित एक नोटिस पुलिसकर्मी घर देकर गए। भाई नोटिस को देखकर आहत हो गया। उन्होंने समझाया तो वह अपने कमरे में चला गया। सुबह चार बजे चचेरा भाई घर आया और उसने बताया कि फोन पर संदीप ने सुसाइड नोट भेजा है। वह दौड़कर संदीप के कमरे के पास गए तो दरवाजा लॉक था। खिड़की से देखा तो संदीप फंदे पर लटका हुआ था।
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पुलिस ने फंदे से उतारा, बेड से नोट बरामद
परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, मतलौडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा, सांसे जांची तो वह मृत मिला। पुलिस ने बेड से सुसाइड नोट व पेन बरामद किया और मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया। उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया।
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नोटिस को पढ़कर रोने लगा था संदीप
शैलेंद्र ने बताया कि नौ दिसंबर को भाई ने नोटिस को पढ़ा तो आहत हो गया। वह रोने लगा। उसने कहा कि मायके वालों की वजह से उसकी पत्नी ने आत्महत्या की और बेटी को उससे मिलने नहीं दे रहे और सभी प्रॉपर्टी अपने नाम करा ली। अब परेशान हो गया है, जीना नहीं चाहता।
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बेटी से नहीं मिलने देते थे ससुर
संदीप अपनी बेटी से बहुत प्यार करता था, लेकिन ससुर ने कस्टडी अपने पास लेकर कभी संदीप को बेटी से मिलने नहीं दिया। जब भी वह मिलने जाता तो उसे धमकाकर भगा देते थे। ससुर धमकी देता था कि दोबारा आया तो वह झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देगें।
वर्जन
मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है।
- इंस्पेक्टर विजय कुमार, प्रभारी, मतलौडा थाना