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कागजों में सब डिवीजन पॉलिसी लागू, धरातल पर शून्य
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फोटो-18
कागजों में सब डिवीजन पॉलिसी लागू, धरातल पर शून्य
- छह माह के लिए सरकार ने लागू की थी योजना, बिना काम किए यूं ही बीत गए साढ़े तीन महीने
- शहरवासियों के पास सिर्फ ढाई माह का समय, 18 कॉलोनियों के हजारों लोग कर रहे इंतजार
- याशी सर्वे लागू होने के बाद भी, निगम अधिकारियों ने सब-डिवीजन पॉलिसी के लिए शहरवासियों को रुलाया
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर में अवैध भूखंडों को विनियमित करने और नए भूखंडों के विभाजन को लेकर सरकार की सब डिवीजन पॉलिसी कागजों में ही धूल फांक रही है। कहने को तो पॉलिसी निगम के कागजों में लागू है, लेकिन अफसर इस पर काम करने को तैयार ही नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक निगम अधिकारी अब तक योजना के अनुसार एक भी सब डिवीजन नहीं कर पाए हैं। जबकि सरकार ने इस योजना को सिर्फ छह माह के लिए लागू किया था। इसमें से साढ़े तीन माह तो बीत भी चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी नए भूखंड के विभाजन की बात तो दूर कोई अवैध भूखंड विनियमित भी नहीं हो सका है। निगम अधिकारियों और दलालों की वजह से कई बार शहर की संपत्तियों के विभाजन गलत तरीके से जरूर किए गए हैं। इसे लेकर निगम कार्यालय में कई बार हंगामे तक हो चुके हैं। योजना के अनुसार सही तरीके से संपत्तियों के विभाजन में अब शहरवासियों के पास अब सिर्फ ढाई माह का समय बचा है। बताया जा रहा है कि अब तक योजना के अनुसार निगम के पास मुट्ठी भर आवेदन ही आए हैं। इन पर भी काम नहीं हुआ है।
पहले सर्वे का देते थे हवाला, अब वह भी हवा हवाई :
बता दें कि जब तक याशी का सर्वे लागू नहीं हुआ था तब तक निगम अधिकारी दावा करते थे, लेकिन जब तक सर्वे लागू नहीं होगा तब तक वे कोई काम नहीं करेंगे। अब सर्वे लागू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक योजना के अनुसार शहर के अवैध भूखंडों को न विनियमित किया जा सका है, न ही नए भूखंडों के विभाजन हो सके हैं। इसे लेकर शहर के लोग निगम कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं और अफसर उनको आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
22 मई को मंजूरी, 22 जुलाई को लागू, फायदा आज तक नहीं-
अधिवक्ता एवं डीड राइटर योगेश वर्मा और विकास कुमार बताते हैं कि सरकार ने इस योजना को 22 मई को केबिनेट की बैठक में मंजूरी दी थी। इसके बाद यह पॉलिसी 22 जुलाई को लागू कर दी गई। अब आठ नवंबर आ चुका है, लेकिन निगम अफसरों ने योजना का लाभ शहर के लोगों को नहीं दिया। निगम में आवेदन करने के बाद या तो आवेदन कतार में पड़े रहते हैं या अधिकारी उन पर काम किए बिना रिजेक्ट कर देते हैं। यहां तक कि अफसर योजना की जानकारी तक निगम कार्यालय में देने से कतराते हैं।
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इन कॉलोनियों के हजारों लोग कर रहे इंतजार
नगर निगम क्षेत्र में टीपी स्कीम, नगर सुधार मंडल और पुनर्वास योजनाओं के तहत बसी कॉलोनियों के लिए सब डिवीजन पॉलिसी लागू की गई थी। योजना के अनुसार शहर की मॉडल टाउन, सुखदेव नगर, नारायण सिंह पार्क, भाटिया कॉलोनी, अग्रसेन कॉलोनी, आठ मरला, रेलवे रोड कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, नेताजी कॉलोनी, गुरुनानकपुरा, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, सब्जी मंडी, राम नगर, पटेल नगर, बिशनस्वरूप कॉलोनी और सुखदेव नगर के लोगों को फायदा मिलना था, जो नहीं मिल सका है।
वर्जन :
अफसरों को करेंगे तलब
सब डिवीजन का अगर शहरवासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है तो इस पर निगम अधिकारियों को तलब किया जाएगा। उनसे काम न करने की वजह या काम में आने वाली अड़चनों पर विचार विमर्श होगा। इसके बाद ही कुछ फैसला हो सकेगा।
- प्रमोद विज, विधायक, शहरी, पानीपत।
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कागजों में सब डिवीजन पॉलिसी लागू, धरातल पर शून्य
- छह माह के लिए सरकार ने लागू की थी योजना, बिना काम किए यूं ही बीत गए साढ़े तीन महीने
- शहरवासियों के पास सिर्फ ढाई माह का समय, 18 कॉलोनियों के हजारों लोग कर रहे इंतजार
- याशी सर्वे लागू होने के बाद भी, निगम अधिकारियों ने सब-डिवीजन पॉलिसी के लिए शहरवासियों को रुलाया
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर में अवैध भूखंडों को विनियमित करने और नए भूखंडों के विभाजन को लेकर सरकार की सब डिवीजन पॉलिसी कागजों में ही धूल फांक रही है। कहने को तो पॉलिसी निगम के कागजों में लागू है, लेकिन अफसर इस पर काम करने को तैयार ही नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक निगम अधिकारी अब तक योजना के अनुसार एक भी सब डिवीजन नहीं कर पाए हैं। जबकि सरकार ने इस योजना को सिर्फ छह माह के लिए लागू किया था। इसमें से साढ़े तीन माह तो बीत भी चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी नए भूखंड के विभाजन की बात तो दूर कोई अवैध भूखंड विनियमित भी नहीं हो सका है। निगम अधिकारियों और दलालों की वजह से कई बार शहर की संपत्तियों के विभाजन गलत तरीके से जरूर किए गए हैं। इसे लेकर निगम कार्यालय में कई बार हंगामे तक हो चुके हैं। योजना के अनुसार सही तरीके से संपत्तियों के विभाजन में अब शहरवासियों के पास अब सिर्फ ढाई माह का समय बचा है। बताया जा रहा है कि अब तक योजना के अनुसार निगम के पास मुट्ठी भर आवेदन ही आए हैं। इन पर भी काम नहीं हुआ है।
पहले सर्वे का देते थे हवाला, अब वह भी हवा हवाई :
बता दें कि जब तक याशी का सर्वे लागू नहीं हुआ था तब तक निगम अधिकारी दावा करते थे, लेकिन जब तक सर्वे लागू नहीं होगा तब तक वे कोई काम नहीं करेंगे। अब सर्वे लागू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक योजना के अनुसार शहर के अवैध भूखंडों को न विनियमित किया जा सका है, न ही नए भूखंडों के विभाजन हो सके हैं। इसे लेकर शहर के लोग निगम कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं और अफसर उनको आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
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22 मई को मंजूरी, 22 जुलाई को लागू, फायदा आज तक नहीं-
अधिवक्ता एवं डीड राइटर योगेश वर्मा और विकास कुमार बताते हैं कि सरकार ने इस योजना को 22 मई को केबिनेट की बैठक में मंजूरी दी थी। इसके बाद यह पॉलिसी 22 जुलाई को लागू कर दी गई। अब आठ नवंबर आ चुका है, लेकिन निगम अफसरों ने योजना का लाभ शहर के लोगों को नहीं दिया। निगम में आवेदन करने के बाद या तो आवेदन कतार में पड़े रहते हैं या अधिकारी उन पर काम किए बिना रिजेक्ट कर देते हैं। यहां तक कि अफसर योजना की जानकारी तक निगम कार्यालय में देने से कतराते हैं।
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नगर निगम क्षेत्र में टीपी स्कीम, नगर सुधार मंडल और पुनर्वास योजनाओं के तहत बसी कॉलोनियों के लिए सब डिवीजन पॉलिसी लागू की गई थी। योजना के अनुसार शहर की मॉडल टाउन, सुखदेव नगर, नारायण सिंह पार्क, भाटिया कॉलोनी, अग्रसेन कॉलोनी, आठ मरला, रेलवे रोड कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, नेताजी कॉलोनी, गुरुनानकपुरा, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, सब्जी मंडी, राम नगर, पटेल नगर, बिशनस्वरूप कॉलोनी और सुखदेव नगर के लोगों को फायदा मिलना था, जो नहीं मिल सका है।
वर्जन :
अफसरों को करेंगे तलब
सब डिवीजन का अगर शहरवासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है तो इस पर निगम अधिकारियों को तलब किया जाएगा। उनसे काम न करने की वजह या काम में आने वाली अड़चनों पर विचार विमर्श होगा। इसके बाद ही कुछ फैसला हो सकेगा।
- प्रमोद विज, विधायक, शहरी, पानीपत।