फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Strength and entrepreneurs employ workers

उद्यमियों को ताकत मिलेगी और श्रमिकों को रोजगार

Tue, 01 Oct 2013 12:46 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Tue, 01 Oct 2013 12:46 AM IST
विज्ञापन
Strength and entrepreneurs employ workers
पानीपत में केंद्रीय कपड़ा मंत्री केएस राव के आश्वासन हैंडलूम नगरी में सिरे चढ़ जाते हैं तो उद्यमियों को ताकत और श्रमिकों को स्थायी रोजगार दिया जाएगा। शहर का हैंडलूम एक्सपोर्ट भी चार हजार करोड़ से 10 हजार करोड़ हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री के इस चैलेंज को स्वीकारते हुए हैंडलूम नगरी के उद्यमियों ने चार साल में पूरा करने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन


मौका था सोमवार को सेक्टर 25 स्थित एक होटल में कपड़ा मंत्री केएस राव और हैंडलूम नगरी के उद्यमियों की गेट टू गेदर का। करीब तीन घंटे चली गेट टू गेदर में हैंडलूम के 50 से अधिक एक्सपोर्टर शामिल हुए। इसका आयोजन हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ने किया था। एसोसिएशन ने कपड़ा मंत्री केएस राव के सामने 10 मांगों को रखा। इनमें से उनकी नौ मांगों को जल्द ही लागू करने का भरोसा दिया और एक मांग को कैबिनेट में रखने और उसमें फैसला लेने पर लागू करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन


उद्यमियों की यह एक मांग थी उद्यमियों को सेकंड हैंड मशीन खरीदने पर सब्सिडी देना। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और उद्यमियों की तरफ से मांगों को रखा। इस मौके पर डेवलपमेंट कमिश्नर हैंडलूम बलविंद्र कुमार, डेवलमेंट कमिश्नर हैंडीक्राफ्ट एसएस गुप्ता, संयुक्त कमिश्नर जोरा चटर्जी, संयुक्त सचिव मोनिका गर्ग, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बेला राजेश, एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक, अविनाश पालीवाल, सुरेंद्र शर्मा, विभु पालीवाल, सुरेश गर्ग, ललित गोयल, रामप्रताप गुप्ता, मदन बठला और रमन छाबड़ा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक्सपोर्ट गुणा करने का आश्वासन
हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री केएस राव ने उद्यमियों को हर साल 10 हजार करोड़ के निर्यात की बात कही है। उन्होंने कहा कि इससे पानीपत के साथ देश का नाम विश्व पटल पर प्रमुखता से उभरेगा। केएस राव ने कहा कि उद्यमियों को सुविधा सरकार देगी। वे केवल अपने लक्ष्य को बढ़ाएं। उनके आश्वासनों को सुनकर उद्यमियों के चेहरे भी खिल उठे। उन्होंने सुविधा मिलने पर 10 हजार करोड़ के टारगेट को चार साल में ही पूरा करने का भरोसा दिलाया।

मांग नंबर एक 
हैंडलूम उद्यमियों ने वैट का सरलीकरण करने या हटाने की मांग। 
जवाब : उद्यमियों की यह मांग जायज है। वे इसको लेकर प्रदेश सरकार से बात करेंगे और इसका हर संभव समाधान कराया जाएगा।
ये है दिक्कत : उद्यमियों को उत्पाद पर सवा पांच प्रतिशत वैट देना होता है। हालांकि यह सब रिफंड हो जाता है। उद्यमियों का मानना है कि इसको रिफंड कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ये मिलेगा फायदा : इससे उद्यमियों वैट लेने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे इस समय को आसानी से अपने व्यवसाय में लगा सकेंगे।

मांग नंबर दो
पानीपत के उद्यमियों को पानीपत थर्मल पावर प्लांट से 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इससे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
ये मिला आश्वासन: उनकी यह मांग भी जायज है। बिना बिजली के उत्पादन नहीं हो सकता। इसको लेकर वे सीएम से बात करेंगे।
ये है स्थिति: पानीपत में थर्मल पावर प्लांट हैं, लेकिन लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती। उद्यमियों को बिजली नहीं मिलने पर जेनरेटरों का सहारा लेना पड़ता है। इससे उत्पादन महंगा हो जाता है। उद्यमियों को कई बार तो बिजली की मांग को लेकर निगम अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं।
ये मिलेगा फायदा : उद्यमियों को पर्याप्त बिजली मिलेगी। जिससे माल सस्ता होगा और इंटरनेशनल बाजार में उत्पाद का मांग बढ़ेगी।

मांग नंबर तीन
सेक्टर-29 स्थित सीटीपी की कैपेसिटी को बढ़ाया जाएं।
ये मिला आश्वासन : सीटीपी की कैपेसिटी बढ़ाना बेहद जरूरी है। वे इसको लेकर भी सीएम से विचार सांझा करेंगे।
ये है दिक्कत : सीटीपी सेक्टर-29 में स्थित है। यहां पर उद्योगों से निकलने वाले पानी को ट्रीट किया जाता है। इसकी कैपेसिटी उद्योगों से निगलने वाले पानी से काफी कम है। इससे पूरा पानी ट्रीट नहीं हो पता और प्रदूषण फैलता है।
ये होगा फायदा : सीटीपी की कैपेसिटी बढ़ने पर उद्योगों से निकलने वाला सारा पानी ट्रीट हो सकेगा। इससे पर्यावरण भी शुद्ध होगा।

मांग नंबर चार

हैंडलूम लेबर को प्रशिक्षण और इसके लिए सरकार की तरफ से ग्रांट जारी की जाएं। लेबर कालोनी में भी बनवाई जाएं।
ये मिला आश्वासन : ट्रेंड लेबर के बिना उद्योग नहीं चल सकता। लेबर को ट्रेनिंग देने के लिए प्र्र्रति श्रमिक 10 हजार रुपये इंडस्ट्री को देंगे और उनकी वहीं पर ट्रेनिंग दी जाएगी।


ये मिलेगा फायदा: इससे उद्यमियों व लेबर दोनों को फायदा मिलेगा। उद्यमियों को लेबर के भागने की चिंता नहीं रहेगी और न ही लेबर को स्थायी रोजगार के लिए धक्के खाने पड़ेंगे। लेबर कालोनी में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। जिससे यहीं पर हर संभव सुविधा जुटाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed