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टॉप-10 में निशानेबाज श्रुति, अब आठवीं रैंकिंग
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भोपाल में 64वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान पानीपत की निशानेबाज श्रुति जागलान
- फोटो : Panipat
पानीपत। भोपाल में आयोजित 64वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप-2021 में मंगलवार को पहले दिन 624 अंक अर्जित कर निशानेबाज श्रुति जागलान ने टॉप-10 में जगह बना ली है। वह देश में आठवें नंबर की निशानेबाज बन गई हैं। पिछले सप्ताह ही 200 में से 194 अंक अर्जित कर श्रुति पानीपत की सर्वश्रेष्ठ महिला निशानेबाज बनी थीं। भोपाल में बेहतरीन प्रदर्शन से श्रुति ने 10 मीटर निशानेबाजी में पहले दिन 624 अंक प्राप्त किए।
निशानेबाज श्रुति इसराना की रहने वाली हैं और छह महीने से ओलंपियन दीपक कुमार से निशानेबाजी की ट्रेनिंग ले रहीं हैं। श्रुति के पिता सुक्रम जागलान ने बताया कि ओलंपियन दीपक कुमार से मिलकर श्रुति को निशानेबाजी सिखाने का अनुरोध किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उन्होंने श्रुति को अपनी राइफल भी दी। उसी से बेटी अभ्यास करती है। इस राइफल को उन्होंने ओलंपिक में इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि सपना है कि बेटी ओलंपिक में जाकर देश के लिए पदक जीते।
खेलो हरियाणा में रजत पदक के साथ श्रुति जीत चुकी हैं 15 पदक
श्रुति पिछले दो साल में 15 पदक जीत चुकी हैं। खेलो हरियाणा में रजत पदक जीता था। वह रोज पांच घंटे अभ्यास करती हैं। इस वक्त 28 नवंबर से भोपाल में चल रही नेशनल चैंपियनशिप में भाग ले रहीं हैं।
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पिता ने बेटी के लिए बनवाई है शूटिंग रेंज
श्रुति के पिता सुक्रम जागलान ने बेटी के लिए अपने कांप्लेक्स में ही शूटिंग रेंज का निर्माण कराया है। श्रुति यहां अपने भाई द्रोण के साथ अभ्यास करती हैं। शूटिंग रेंज होने की वजह से उनकी निशानेबाजी भी पहले से बेहतर हुई है, जिससे उनकी रैंकिंग में भी सुधार हुआ है।
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निशानेबाज श्रुति इसराना की रहने वाली हैं और छह महीने से ओलंपियन दीपक कुमार से निशानेबाजी की ट्रेनिंग ले रहीं हैं। श्रुति के पिता सुक्रम जागलान ने बताया कि ओलंपियन दीपक कुमार से मिलकर श्रुति को निशानेबाजी सिखाने का अनुरोध किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उन्होंने श्रुति को अपनी राइफल भी दी। उसी से बेटी अभ्यास करती है। इस राइफल को उन्होंने ओलंपिक में इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि सपना है कि बेटी ओलंपिक में जाकर देश के लिए पदक जीते।
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खेलो हरियाणा में रजत पदक के साथ श्रुति जीत चुकी हैं 15 पदक
श्रुति पिछले दो साल में 15 पदक जीत चुकी हैं। खेलो हरियाणा में रजत पदक जीता था। वह रोज पांच घंटे अभ्यास करती हैं। इस वक्त 28 नवंबर से भोपाल में चल रही नेशनल चैंपियनशिप में भाग ले रहीं हैं।
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पिता ने बेटी के लिए बनवाई है शूटिंग रेंज
श्रुति के पिता सुक्रम जागलान ने बेटी के लिए अपने कांप्लेक्स में ही शूटिंग रेंज का निर्माण कराया है। श्रुति यहां अपने भाई द्रोण के साथ अभ्यास करती हैं। शूटिंग रेंज होने की वजह से उनकी निशानेबाजी भी पहले से बेहतर हुई है, जिससे उनकी रैंकिंग में भी सुधार हुआ है।