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Haryana: पैक्स में करीब पांच करोड़ का घोटाला उजागर, रिकॉर्ड में सामान चढ़ाया, धरातल पर नहीं

Tue, 06 Feb 2024 04:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जगमहेंद्र सरोहा, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
जगमहेंद्र सरोहा, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Feb 2024 04:19 AM IST
सार

सहकारी समिति के साथ पानीपत सेंट्रल को-ऑपरेटिव सोसायटी बैंक लिमिटेड के अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। बिना जरूरत योजना के तहत सामानों की मनमानी खरीदारी हुई है। कई जगह आज तक सामान नहीं पहुंचा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की स्थानीय टीम ने अफसरों को जांच में शामिल किया है। कई घंटे तक पूछताछ की गई है।

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Scam worth Rs 5 crore exposed in PACS
करोड़ों का घोटाला

विस्तार

सहकारिता विभाग की एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) में घोटाले की बू पानीपत तक पहुंच गई है। प्रथम दृष्टया यहां पांच करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। इसमें सहकारी समिति के साथ सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अधिकारियों की भी संलिप्ता सामने आई है। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की स्थानीय टीम ने सहकारिता विभाग के परियोजना विकास अधिकारी समेत कई अधिकारियों को जांच में शामिल किया है। उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई है।
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बताया जा रहा है कि आईसीडीपी में घोटाले के आरोपी अनु कौशिक और रामकुमार पहले पानीपत में नियुक्त रहे हैं। उनके कार्यकाल में आईसीडीपी के तहत सोलर सिस्टम के साथ खाद रखने के लिए लकड़ी के रैक, फायर फाइटिंग सिलिंडर समेत अन्य सामान खरीदा गया। इसके अलावा मेज, कुर्सी, कंप्यूटर, प्रिंटर समेत अन्य सामान खरीदा गया।
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पैक्स और सीएस में लकड़ी के रैक की पेमेंट निधि योजना में की गई है। प्रथम दृष्टया 2.17 लाख की कीमत के 14 सोलर सिस्टम में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जबकि हर बिंदू की बारीकी से जांच की जाएं तो प्राथमिक जांच में ही जिले में पांच करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है।
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रिकॉर्ड में सामान चढ़ाया, धरातल पर नहीं
 मामला सामने आने के बाद कई पैक्स में जबरदस्ती रैक और अन्य सामान उतारा गया

जिले में 32 पैक्स (प्राथमिक कृषि सहाकारी समिति) और 10 सीएस (क्रेडिट सोसायटी) हैं। यहां खाद रखने के लिए लाखों रुपये कीमत से लकड़ी के रैक बनवाए गए। कुछ में उसी समय रैक पहुंचा दिए गए, जबकि कुछ में अब तक रैक नहीं पहुंचे हैं। पैक्स कर्मचारी यूनियन का कहना है कि पिछले लंबे समय से पैक्स में अपेक्षाकृत खाद नहीं मिलती। इस सीजन में दो गाड़ी खाद की पहुंची है। जबकि खाद रखने के लिए रैक मंगवा लिए गए। इसके अलावा यहां फायर फाइटिंग सिलिंडर लगा दिए गए। मतलौडा व बापौली क्षेत्र की कई पैक्स में अब तक रैक नहीं पहुंचे हैं। मामला सामने आने के बाद कई पैक्स में जबरदस्ती रैक और अन्य सामान उतारा गया, जबकि यहां प्रबंधक इसको मना करते रहे। उनको सस्पेंड करने तक की धमकी दी गई। जानकारों की मानें तो 2022 में इनके बिल काटे गए और इसी साल सीधे पेमेंट कर दी गई। जबकि पैक्स द्वारा पेमेंट की जानी थी। 2023 में खरीदे गए सामान के बिल पैक्स में भेजे गए।

कई बार लग चुके गबन के आरोप
बापौली खंड के धनसौली गांव की प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में पिछले दिनों 15.70 लाख रुपये का गबन सामने आया था। यह मामला छह महीने पहले सामने आया था, लेकिन अधिकारियों ने इसकी जांच को ऊपर नहीं आने दिया। इसके अलावा केंद्रीय सहकारिता सोसायटी बैंक की काबड़ी शाखा में पिछले साल एक करोड़ के गबन का मामला सामने आया था। अधिकारियों ने इस मामले में भी शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों को बदलकर इतिश्रि कर ली थी। प्रबंधक से कुछ पैसे भी जमा करा दिए गए। बाकी गबन फाइलों में दब गया।


आईसीडीपी के कुछ सामान की पेमेंट निधि खाते से करने की जानकारी मिली है। यह पेमेंट उनसे पहले की गई है। वे इसके बाद यहां आए हैं। सभी पैक्स से इसका रिकॉर्ड मांगा गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही मिलेगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी। - सुरेश कुमार, महाप्रबंधक, पानीपत केंद्रीय सहकारिता सोसायटी बैंक


पानीपत में करीब तीन करोड़ रुपये के सामान की खरीद के आदेश दिए गए थे। यह मेरे कार्यकाल से पहले के हैं। मेरे सामने इस तरह की खरीद नहीं की गई है। -त्रिलोचन सिंह चट्ठा, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग।
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