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रूस और यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई उद्यमियों की चिंता, पीएनजी दो गुना महंगी हुई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2022 01:54 AM IST
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Russia and Ukraine war raised concerns of entrepreneurs
पानीपत। उद्यमियों के लिए चारों ओर से समस्याएं खड़ी हो गई है। पीएनजी का कनेक्शन न लेने पर उद्योगों को ताला लगेगा। पीएनजी का कनेक्शन लेने पर कपड़े का उत्पादन तीन गुना तक महंगा हो जाएगा। उद्यमी पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात के उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। वहां छह रुपये प्रति किलोग्राम कोयले से उत्पादन हो रहा है। अब रूस- यूक्रेन युद्ध भी उद्यमियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। पिछले आठ माह से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। ये ही कारण है कि पीएनजी के दाम इन आठ माह में दो गुना हो चुके हैं।
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जनवरी में पीएनजी के दाम 30 रुपये प्रति एससीएम थे अब ये बढ़कर 52 रुपये प्रति एससीएम हो चुके हैं, यानी उद्यमियों को लगभग 72 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से पीएनजी मिलेगी। भारत में 60 प्रतिशत पीएनजी की सप्लाई रूस से होती है। अब उद्यमियों ने पीएनजी की सप्लाई लेने से पहले सरकार के सामने सब्सिडी की मांग रख दी है। उद्यमियों ने 30-40 प्रतिशत सब्सिडी व दाम को स्थिर करने की मांग की है।
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कमीशन ऑफर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने लगभग 600 ऐसे उद्योगों की लिस्ट तैयार कर ली है। जिन पर कार्रवाई होनी है। मैनेजमेंट ने इन उद्योगों का पूरा डाटा जुटाया है। जिसमें किस उद्योग में कौन सा ईधन इस्तेमाल हो रहा है। किस उद्योग में पीएनजी की सप्लाई है किन उद्योगों ने पीएनजी की सप्लाई के लिए अप्लाई किया है। किन क्षेत्रों में पीएनज की पाइपलाइन नहीं है। इन तमाम बिंदुओं के आधार पर एचएसपीसीबी अब उद्योगों पर कार्रवाई करने के मूढ़ में है।
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पीएनजी सप्लाई देने वाली कंपनियों ने पाइपलाइन के काम में तेजी ला दी है। सेक्टर 25 व सेक्टर 29 में पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में भी लाइन दब चुकी है। अब बापौली रोड व इसराना की तरफ पाइपलाइन का काम शुरू नहीं हुआ है। जहां पाइपलाइन नहीं है वहां उद्यमियों को एक दिसंबर तक का वक्त दिया गया है।
उद्यमियों की मांगें
- जुर्माना कम किया जाए और जेल का प्रावधान हटाया जाए।
- उनको पीएनजी पर बॉयलर को शिफ्ट करने के लिए दो साल तक का वक्त दिया जाए।
- एपीएम 800 से 80 पर लाया मुश्किल है, उनको इसमें राहत मिले।
- बॉयलर विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाए।
- पीएनजी के दाम स्थिर किए जाए।
- जहां पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है वहां ये नियम लागू न हों।
- शहर में अडानी के अलावा दूसरी कंपनियां भी आए। ताकि उन्हें गैस सस्ती मिले।
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