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Panipat News: सीएम के आदेशों पर निगम ने खाली प्लाटों से उठवाया कूड़ा, भूल गया कूड़े का पहाड़
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पानीपत। शहर के खाली प्लाटों और खुले एरिया से कूड़ा उठाने के मुख्यमंत्री के सख्त आदेशों के बाद निगम ने शहर में सात दिन तक महा सफाई अभियान चलाकर कूड़े को उठवाने का काम तो जरूर किया लेकिन इस बीच निंबरी डंपिंग यार्ड में डाला गया छह लाख टन कूड़ा उठवाना भूल गया। निगम के अधिकारियों ने कंपनी को एक के बाद एक नौ बार पत्राचार कर इसे कूड़े का निस्तारण करने के लिए नोटिस भी जारी किए लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। यहां तक कि एनजीटी भी सख्त हो चुकी है लेकिन कंपनी प्रबंधन पर इसका कोई असर नहीं है।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त कूड़ा फरवरी 2018 से लेकर अगस्त 2021 तक डोर टू डोर कूड़ा उठान करने वाली कंपनी जेबीएम ने यहां डाला था। जिसकी शर्त थी कि वे सोनीपत में अपना वेस्ट टू एनर्जी प्लांट चालू होने के बाद इसे उठाकर इसे निस्तारण करवा देंगे। या मौके पर ही इसका निस्तारण कर निष्पादन किया जाएगा। अब प्लांट चालू हुए भी सवा दो साल बीत चुके हैं लेकिन ये कूड़े का ढेर अब तक यहीं पड़ा है। निगम के अधिकारियों के अनुसार पुराने पांच लाख टन कूड़े के निस्तारण के लिए करीब 28 करोड़ का टेंडर लगाया गया था। अब इस छह लाख टन कूड़े पर अनुमानित 33 से 34 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। वहीं इस कूड़े का प्रयोग कंपनी बायो रेमिडेशन के लिए भी कर सकती है।
जो कूड़ा निगम की ओर से पहले निंबरी में डाला जाता रहा, इसका नाम लीजेसी वेस्ट रखा गया था। निगम अधिकारियों ने गूगल और फिजिकल सर्वे कर इसकी क्षमता करीब 5 लाख टन तक आंकी थी। 2018 में जेबीएम के टेंडर के बाद कंपनी ने इसी लीजेसी वेस्ट के ऊपर अपना नया कूड़ा डालना शुरू कर दिया। साढ़े तीन साल तक लगातार कूड़ा डालने की वजह से ये कूड़े का सबसे बड़ा डंपिंग यार्ड बन चुुका है।
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बॉक्स
ऐसे लगा कूड़े का ढेर और अब ये रहा निस्तारण पर खर्च
नगर निगम अब तक शहर का कूड़ा उठाकर निंबरी डंपिंग यार्ड पर डाल रहा था। जिसके निस्तारण के लिए निगम ने करीब 28 करोड़ का टेंडर लगाया था। इससे अलग जेबीएम कंपनी ने भी यहीं पर कूड़ा डालना शुरू किया। रिकॉर्ड अनुसार फरवरी 2018 से लेकर अगस्त 2021 तक जेबीएम ने यहां छह लाख टन कूडा डाला। जिसका निस्तारण कंपनी को करना था जो नहीं किया गया। अब निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। इस कूड़े का निस्तारण कंपनी को करना है। अगर कंपनी की ओर से इसका निस्तारण नहीं किया गया तो निगम इसका निस्तारण करवाएगा जिसका खर्च कंपनी से वसूला जाएगा।
वर्जन:
कूड़ा निस्तारण नहीं होने पर कंपनी पर की जाएगी कार्रवाई
निंबरी डंपिंग साइट से कूड़ा निस्तारण के लिए जेबीएम को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। इससे पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अगर कंपनी कूड़ा निस्तारण नहीं करती है तो आगे नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।
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उल्लेखनीय है कि उपरोक्त कूड़ा फरवरी 2018 से लेकर अगस्त 2021 तक डोर टू डोर कूड़ा उठान करने वाली कंपनी जेबीएम ने यहां डाला था। जिसकी शर्त थी कि वे सोनीपत में अपना वेस्ट टू एनर्जी प्लांट चालू होने के बाद इसे उठाकर इसे निस्तारण करवा देंगे। या मौके पर ही इसका निस्तारण कर निष्पादन किया जाएगा। अब प्लांट चालू हुए भी सवा दो साल बीत चुके हैं लेकिन ये कूड़े का ढेर अब तक यहीं पड़ा है। निगम के अधिकारियों के अनुसार पुराने पांच लाख टन कूड़े के निस्तारण के लिए करीब 28 करोड़ का टेंडर लगाया गया था। अब इस छह लाख टन कूड़े पर अनुमानित 33 से 34 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। वहीं इस कूड़े का प्रयोग कंपनी बायो रेमिडेशन के लिए भी कर सकती है।
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जो कूड़ा निगम की ओर से पहले निंबरी में डाला जाता रहा, इसका नाम लीजेसी वेस्ट रखा गया था। निगम अधिकारियों ने गूगल और फिजिकल सर्वे कर इसकी क्षमता करीब 5 लाख टन तक आंकी थी। 2018 में जेबीएम के टेंडर के बाद कंपनी ने इसी लीजेसी वेस्ट के ऊपर अपना नया कूड़ा डालना शुरू कर दिया। साढ़े तीन साल तक लगातार कूड़ा डालने की वजह से ये कूड़े का सबसे बड़ा डंपिंग यार्ड बन चुुका है।
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ऐसे लगा कूड़े का ढेर और अब ये रहा निस्तारण पर खर्च
नगर निगम अब तक शहर का कूड़ा उठाकर निंबरी डंपिंग यार्ड पर डाल रहा था। जिसके निस्तारण के लिए निगम ने करीब 28 करोड़ का टेंडर लगाया था। इससे अलग जेबीएम कंपनी ने भी यहीं पर कूड़ा डालना शुरू किया। रिकॉर्ड अनुसार फरवरी 2018 से लेकर अगस्त 2021 तक जेबीएम ने यहां छह लाख टन कूडा डाला। जिसका निस्तारण कंपनी को करना था जो नहीं किया गया। अब निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। इस कूड़े का निस्तारण कंपनी को करना है। अगर कंपनी की ओर से इसका निस्तारण नहीं किया गया तो निगम इसका निस्तारण करवाएगा जिसका खर्च कंपनी से वसूला जाएगा।
वर्जन:
कूड़ा निस्तारण नहीं होने पर कंपनी पर की जाएगी कार्रवाई
निंबरी डंपिंग साइट से कूड़ा निस्तारण के लिए जेबीएम को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। इससे पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अगर कंपनी कूड़ा निस्तारण नहीं करती है तो आगे नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।