फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   no other agency should be investigated from the police

पुलिस से नहीं किसी अन्य एजेंसी से होनी चाहिए जांच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 12:48 AM IST
विज्ञापन
no other agency should be investigated from the police
तहसील कैंप निवासी सरदार गुरबचन सिंह हत्याकांड मामले में उनके बेटे ने मंगलवार को रोड धर्मशाला में एक प्रेसवार्ता की। जिसमें बेटे ने केस की पुलिस नहीं कराकर अलग जांच एजेंसी से कराने की मांग उठाई। बेटे ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मरने से पहले पिता ने पांच लोगों के नाम लिए थे, पुलिस ने उन पांच लोगों को जांच के दायरे में लिया ही नहीं।
विज्ञापन

मृतक गुरबचन सिंह के बेटे गगनदीप ने कहा कि छह जून को उसके पिता हत्या की गई थी। हत्या के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके भाई इंद्रजीत को गिरफ्तार किया था, जो जेल में बंद है। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता ने घायल अवस्था में फोन कर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेम सचदेवा, जगदीश माटा और प्रेम सब्जी वाले का नाम हमलावर के रूप में लिया था। जिसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल नहीं किया। बेटे ने बताया कि उनके पिता के साथ उपरोक्त तीनों का लेनदेन का विवाद था। पिता से उपरोक्त सभी ने लाखों रुपये उधार लिए थे, जिनको पिता वापस मांग रहे थे। सभी आरोपी पिता को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पिता ने तहसील कैंप चौकी से लेकर एसपी, आईजी, डीजीपी, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को शिकायत दी, लेकिन कही सुनवाई नहीं हुई। इस अवसर पर जत्थेदार अमीर सिंह घरौंडा, बाबा दिलबाग सिंह घरौंडा, बाबा बलदेव सिंह, बाबा जगपाल सिंह, बापू सरदारा सिंह, नरवैर सिंह, नरायण सिंह, रकेश सिंह, कुलदीप सिंह, सचिन कुवात्रा, हैप्पी सिंह और डॉ. कमल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

मिली भगत से भाई को दोषी ठहराया
बेटे ने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए है। उसका कहना है कि तीन से चार दिन पहले भाई ने जेल के कंट्रोल रूम नंबर से कॉल की थी और उसे झूठे के केस में फंसाने की बात कही। गगनदीप का कहना है कि पुलिस ने भाई को पिता की हत्या के गलत में आरोपी ठहराया, जबकि पुलिस प्रेम सचदेवा, इनके पुत्र दीपक सचदेवा, सचिन माटा, इसके पिता जगदीश माटा व प्रेम सब्जी वाला के खिलाफ हत्या, अपराधिक षडयंत्र रचने आदि आरोपों में केस दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिता ने मरने से पहले दिया था बयान, मैं वीडियो बनाने लगा तो पुलिस ने रोका
गगन का आरोप है कि पिता गुरबचन सिंह ने मरने से पहले अस्पताल में भी बयान दिए थे, पिता ने कहा था कि उसपर प्रेम सचदेवा व उसके साथियों ने हमला किया है। जब वह रिकार्ड करने व तथ्य रखने के लिए वीडियो बनाने लगा तो वहां पर खड़े पुलिसकर्मियो ने उसे रोक दिया और उसे बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed