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Panipat News: पारा 40 और बिजली यूनिट खपत एक करोड़ के पार
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पानीपत। शुष्क मौसम होते ही जैसे ही तापमान में बढ़ोतरी हुई वैसे ही बिजली की खपत भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। मई की शुरुआत में ही बिजली खपत ने प्रतिदिन एक करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर दिया है। पहले करीब 85 हजार यूनिट की खपत थी। घरों, कार्यालयाें और उद्योगों में एसी बढ़ने के साथ खपत भी दिनों दिन ज्यादा होती जा रही है। जिसका भार ट्रांसफार्मरों पर पड़ने लगा है। जिससे ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट होने शुरू कर हो चुके हैं। हालांकि निगम की ओर से तुंरत प्रभाव से इनके समाधान का प्रयास किया जाता है लेकिन बढ़ती गर्मी अब निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ शहर के लोगों के भी पसीने निकाल सकती है।
अब तक जिले में ज्यादातर बिजली उद्योगों में करीब 40 प्रतिशत तक खर्च हो रही है। वहीं, 30 प्रतिशत से ज्यादा शहरी रिहायशी एरिया में, और करीब 15 प्रतिशत ग्रामीण एरिया में खर्च होती है। बाकी एपी फीडरों यानी खेतों पर चली जाती है। अब तक 400 केवी बीबीएमबी का ट्रांसफार्मर भी बदला नहीं गया है। जिससे आने वाले समय में ओवरलोड की वजह से बिजली का संकट गहरा सकता है। माना जा रहा है कि मई के अंत और जून की शुरुआत तक बिजली की खपत डेढ़ करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
पिछले एक सप्ताह में जिले भर से बिजली की 25 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। ये फॉल्ट बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ते लोड की वजह से हुए हैं। जिनमें बिजली की केबल तक जली हैं। वार्ड नंबर 16 विकास नगर की गली नंबर एक के ट्रांसफार्मर में आग तक लग गई थी। जिसे एनएफएल की दमकल टीम ने बुझाया था। अब मई, जून, जुलाई और अगस्त में ये खपत और ज्यादा बढ़ने की आशंका बनी है। वहीं निगम के अधिकारी लोड बैलेंस करने के काम पर जुटे हैं। ताकि जिस फेस में ज्यादा लोड हो उसे कम कर लाइन को दूसरे फेस में शिफ्ट किया जा सके।
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बॉक्स
अब धान के सीजन में बढ़ेगी तेजी से खपत
इस समय जिले भर के एपी फीडरों यानी खेतों की लाइट सबसे कम खर्च हो रही है। अब धान का सीजन शुरू होने के बाद यहां भी ज्यादा बिजली की खपत होगी। जितनी ज्यादा गर्मी होगी उतना ज्यादा लोड बढ़ेगा। जिससे केबल से लेकर ट्रांसफार्मर तक हीट होंगे और इनसे फॉल्ट होने के बाद बिजली कट लगने स्वाभाविक होंगे। इससे निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की दौड़ धूप बढ़ेगी और लोगों को गर्मी में बिजली कटों का सामना करना पड़ेगा।
वर्जन:
ऐसे करेंगे समाधान- एक्सईएन
जिन ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड है उनकी रिपेयरिंग करवाई जा रही है। ज्यादा खपत वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का प्रयास है। सभी ट्रांसफर्मरों का लोड बैलेंस चेक कराया जा रहा है ताकि फेस शिफ्ट किए जा सकें। विकल्प के तौर पर मोबाइल ट्रांसफार्मर भी तैयार किए गए हैं। कोशिश रहेगी कि जिले भर के लोगों को बिजली की पूरी सप्लाई दी जाए।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन।
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अब तक जिले में ज्यादातर बिजली उद्योगों में करीब 40 प्रतिशत तक खर्च हो रही है। वहीं, 30 प्रतिशत से ज्यादा शहरी रिहायशी एरिया में, और करीब 15 प्रतिशत ग्रामीण एरिया में खर्च होती है। बाकी एपी फीडरों यानी खेतों पर चली जाती है। अब तक 400 केवी बीबीएमबी का ट्रांसफार्मर भी बदला नहीं गया है। जिससे आने वाले समय में ओवरलोड की वजह से बिजली का संकट गहरा सकता है। माना जा रहा है कि मई के अंत और जून की शुरुआत तक बिजली की खपत डेढ़ करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
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पिछले एक सप्ताह में जिले भर से बिजली की 25 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। ये फॉल्ट बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ते लोड की वजह से हुए हैं। जिनमें बिजली की केबल तक जली हैं। वार्ड नंबर 16 विकास नगर की गली नंबर एक के ट्रांसफार्मर में आग तक लग गई थी। जिसे एनएफएल की दमकल टीम ने बुझाया था। अब मई, जून, जुलाई और अगस्त में ये खपत और ज्यादा बढ़ने की आशंका बनी है। वहीं निगम के अधिकारी लोड बैलेंस करने के काम पर जुटे हैं। ताकि जिस फेस में ज्यादा लोड हो उसे कम कर लाइन को दूसरे फेस में शिफ्ट किया जा सके।
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अब धान के सीजन में बढ़ेगी तेजी से खपत
इस समय जिले भर के एपी फीडरों यानी खेतों की लाइट सबसे कम खर्च हो रही है। अब धान का सीजन शुरू होने के बाद यहां भी ज्यादा बिजली की खपत होगी। जितनी ज्यादा गर्मी होगी उतना ज्यादा लोड बढ़ेगा। जिससे केबल से लेकर ट्रांसफार्मर तक हीट होंगे और इनसे फॉल्ट होने के बाद बिजली कट लगने स्वाभाविक होंगे। इससे निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की दौड़ धूप बढ़ेगी और लोगों को गर्मी में बिजली कटों का सामना करना पड़ेगा।
वर्जन:
ऐसे करेंगे समाधान- एक्सईएन
जिन ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड है उनकी रिपेयरिंग करवाई जा रही है। ज्यादा खपत वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का प्रयास है। सभी ट्रांसफर्मरों का लोड बैलेंस चेक कराया जा रहा है ताकि फेस शिफ्ट किए जा सकें। विकल्प के तौर पर मोबाइल ट्रांसफार्मर भी तैयार किए गए हैं। कोशिश रहेगी कि जिले भर के लोगों को बिजली की पूरी सप्लाई दी जाए।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन।