फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Made wishes by worshiping Mother Kushmanda

Panipat News: मां कूष्मांडा का पूजन कर मांगी मन्नतें ्

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 06:21 AM IST
विज्ञापन
Made wishes by worshiping Mother Kushmanda
पानीपत। शारदीय नवरात्र में सोमवार को मां के चौथे रूप कूष्मांडा का पूजन किया गया। इस बार तृतीय नवरात्र दो दिन होने के चलते पांचवें दिन चौथा नवरात्र रहा। भक्तों ने अपने घरों में माता का पूजन करने के साथ प्राचीन श्री देवी मंदिर में माता के दर्शन किए। सुबह व शाम के समय भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। यहां पूजा अर्चना कर मां को अपनी प्रार्थना की।
विज्ञापन

प्राचीन श्री देवी मंदिर में सोमवार को प्रात:काल में ही मां के दर्शनों के लिए भक्त पहुंच गए। दोपहर 12 बजे तक दर्शन चलते रहे। इसके बाद सायं चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए। माता के दर्शनों को लेकर भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। शाम को सात से नौ बजे तक मंदिर में भक्तों ताता लगा रहा।
विज्ञापन

शयन आरती में सैकड़ों भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां के चौथे रूप कूष्मांडा की पूजा की गई। इस बार तृतीय नवरात्र की अधिकता के चलते ऐसा हुआ है। नवरात्र की अधिकता शुभकारी मानी जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि माता कूष्मांडा की उपासना करने से परिवार में खुशहाली आती है। इसके साथ व्यक्ति को यश, बल और लंबी उम्र की प्राप्ति होती है। अपनी मंद हंसी से ब्रह्मांड उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्मांडा के नाम से जाना जाता है। मां कूष्मांडा का वाहन सिंह है और आठ भुजा होने के कारण इन्हें अष्टभुजा वाली भी कहा जाता है। माता के सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा और आठवें हाथ में जप करने के लिए माला होती है।

शास्त्रों में लिखा है कि जप की माला में सभी सिद्धियों और निधियों का संग्रह करती हैं। कूष्मांडा देवी सेवा और भक्ति में ही प्रसन्न हो जाती हैं।मंदिर प्रबंधन समिति के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में माता और दरबार को हर रोज ताजे फूलों से सजाया जाता है। मंदिर हर रोज दिल्ली की गाजीपुर मंडी से फूल लेकर आती है। यहां रात के समय मंदिर और दरबार को सजाया जाता है। हर रोज एक से सवा लाख रुपये का खर्च फूलों और अन्य व्यवस्थाओं पर आ जाता है।
,
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed