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Panipat News: सचिन हत्याकांड के मुख्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने समालखा की कृष्णा कॉलोनी में चार साल पहले हुए चर्चित सचिन हत्याकांड में मुख्य दोषी अमित उर्फ कुकी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मामले के अन्य आरोपी निहाल सिंह को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
अदालत ने गवाहों के बयानों और पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट को दोषसिद्धि का प्रमुख आधार माना। अदालत ने पीड़ित परिवार को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की सिफारिश भी की है।
मामले के अनुसार, 11 जून 2022 को शिकायतकर्ता दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पुरानी कहासुनी की रंजिश को लेकर आरोपी अमित उर्फ कुकी निवासी चुलकाना रोड, समालखा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके भाई सचिन को घेर लिया था। आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से सचिन पर जानलेवा हमला कर दिया था।
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गंभीर रूप से घायल सचिन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में समालखा थाना पुलिस ने धारा 302, 323, 201, 506 और 34 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत ने अमित उर्फ कुकी को हत्या की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 323 में तीन महीने की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में एक साल की सजा और धारा 506 में छह महीने की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
वहीं, अदालत ने आरोपी निहाल सिंह को हत्या में संलिप्तता के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने माना कि पुलिस जांच और चालान के आधार पर उसके खिलाफ हत्या में शामिल होने के ठोस प्रमाण साबित नहीं हो सके।
हत्या के एक अन्य मामले में काट रहा था सजा
पुलिस जांच के दौरान इस मामले में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और एफएसएल रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। हत्या के बाद आरोपी अमित उर्फ कुकी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, डंडा और बिंटा (लकड़ी का हथियार) बरामद किया गया था।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि दोषी अमित उर्फ कुकी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह हत्या के प्रयास के एक अन्य मामले में भी 10 साल के कठोर कारावास की सजा काट रहा है।
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पानीपत। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने समालखा की कृष्णा कॉलोनी में चार साल पहले हुए चर्चित सचिन हत्याकांड में मुख्य दोषी अमित उर्फ कुकी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मामले के अन्य आरोपी निहाल सिंह को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
अदालत ने गवाहों के बयानों और पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट को दोषसिद्धि का प्रमुख आधार माना। अदालत ने पीड़ित परिवार को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की सिफारिश भी की है।
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मामले के अनुसार, 11 जून 2022 को शिकायतकर्ता दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पुरानी कहासुनी की रंजिश को लेकर आरोपी अमित उर्फ कुकी निवासी चुलकाना रोड, समालखा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके भाई सचिन को घेर लिया था। आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से सचिन पर जानलेवा हमला कर दिया था।
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गंभीर रूप से घायल सचिन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में समालखा थाना पुलिस ने धारा 302, 323, 201, 506 और 34 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत ने अमित उर्फ कुकी को हत्या की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 323 में तीन महीने की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में एक साल की सजा और धारा 506 में छह महीने की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
वहीं, अदालत ने आरोपी निहाल सिंह को हत्या में संलिप्तता के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने माना कि पुलिस जांच और चालान के आधार पर उसके खिलाफ हत्या में शामिल होने के ठोस प्रमाण साबित नहीं हो सके।
हत्या के एक अन्य मामले में काट रहा था सजा
पुलिस जांच के दौरान इस मामले में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और एफएसएल रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। हत्या के बाद आरोपी अमित उर्फ कुकी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, डंडा और बिंटा (लकड़ी का हथियार) बरामद किया गया था।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि दोषी अमित उर्फ कुकी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह हत्या के प्रयास के एक अन्य मामले में भी 10 साल के कठोर कारावास की सजा काट रहा है।