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Panipat News: ग्रैप-4 में सरकारी काम रुके, प्राइवेट पर नहीं ब्रेक, एक्यूआई पहुंचा 314

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 07:31 AM IST
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Government work halted in Grape-4, no break on private
पानीपत। ग्रैप चार की पाबंदियों के कारण सरकारी प्रोजेक्ट पर कार्य रुक गए हैं। सेक्टर 29-25 बाइपास व गोहाना रोड फोरलेन का काम बंद हो गया है। असंध नाका पर बनने वाले फ्लाईओवर का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। ग्रैप चार में निर्माण कार्यों को बंद कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट दिसंबर के अंत तक बंद रह सकते हैं।
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गोहाना रोड 20 करोड़ की लागत से फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। सड़क की एक साइड लगभग ढाई फीट तक खोदाई की गई है। यहां मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। रात को यहां हादसा होने का भी भय बना हुआ है। धुंध में यहां वाहन चालकों की परेशानी अधिक बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर शहर में प्राइवेट काम धड़ल्ले से चल रहे हैं। शोरूमों का निर्माण कार्य चल रहा है। बिना ढके हुए निर्माण सामग्री रखी हुई हैं। सेक्टर 25 में बजरी, रेत व कोरसेंट खुले में पड़ा हुआ है। यह ग्रैप चार के नियमों की अवहेलना है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को पानीपत प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। पानीपत का एक्यूआई 314 दर्ज किया गया है। यह रेड जोन में है। जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
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पिछले सवा माह से एनसीआर की हवा की गुणवत्ता रेड जोन में है। सोमवार दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 दर्ज किया गया है। शहर में फिलहाल ग्रैप चार की पाबंदियों में ढील है। नगर निगम सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों में ही पानी का छिड़काव कर रहा है। बरसत रोड, असंध रोड व गोहाना रोड पर पानी का छिड़काव नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई ने स्टेट हाईवे व जीटी रोड पर पानी के छिड़काव के लिए टीमें तक नहीं बनाई है। इसलिए धूल के कण हवा में मिश्रित हो रहे हैं।
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सोमवार को हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 500 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है। यह अब तक रिकॉर्ड मात्रा दर्ज की गई है। धूल के कणों का हवा में मिश्रित होने का सबसे बड़ा कारण निर्माण कार्य व पानी का छिड़काव न होना है। हवा में धुएं की मात्रा भी 439 पहुंच गई है। हवा में धुएं की मात्रा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यहां चल रहे 20 हजार उद्योग व यहां से गुजरने वाले एक लाख वाहन हैं। इसके अलावा प्रतिदिन शहर के अंदर भी 40 हजार वाहन चलते हैं। इसलिए धुएं की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। उद्योगों , होटल व रेस्टोरेंट में चोरी छिपे जनरेटर सेट भी चलाए जा रहे हैं। वाहनों का डायवर्जन भी नहीं किया गया है। कार्बन की मात्रा 62 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। अब हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 09 व नाइट्रोजनऑक्साइड की मात्रा 32 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है।
प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि जब तक बरसात नहीं होगी स्मॉग की परत नहीं टूटेगी। हवा की रफ्तार बढ़ेगी तो थोड़ा एक्यूआई गिरेगा। हवा का दबाव बनते ही स्मॉग की चादर बनेगी। अब हवा में कार्बन की मात्रा बढ़ रही है। यह बेहद खतरनाक है । प्रशासन को ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम करना चाहिए।

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स्मॉग से हांफ रहे दमा के रोगी
स्मॉग से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दमा रोगी हांफ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शहर का हर व्यक्ति पेसिव रूप से प्रतिदिन 15-20 सिगरेट का सेवन कर रहा है। इसलिए फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। डॉक्टर लोगों को सुबह शाम की सैर से बचने की सलाह दे रहे हैं।








वर्जन-



प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसलिए निर्माण कार्य बंद किए गए हैं। बोर्ड की टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। वह उद्योगों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जिन उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला, उन पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
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