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Panipat News: सरकार चार हजार रुपये मासिक मानदेय देकर कर रही आशा वर्करों का शोषण- सुशीला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 02:50 AM IST
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Government is exploiting Asha workers by giving monthly honorarium of Rs 4000- Sushila
पानीपत। आशा वर्कर्स यूनियन का सरकार के खिलाफ 18 वे दिन भी धरना जारी रहा। आशा वर्करों ने शुक्रवार को जिला सचिवालय में सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। शुक्रवार को धरने में बापौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले सिवाह, उझा व उग्रा खेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा वर्कर पहुंची। आशा वर्करों ने सरकार पर चार हजार रुपये मासिक वेतन देकर उनका आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया।
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शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता यूनियन की कोषाध्यक्ष सुशीला और धरने का संचालन सुमन ने किया। धरने को सीटू के राज्य सचिव सुनील दत्त, जिला सचिव जय भगवान, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक व गुलाब सिंह पट्टीकल्याण ने संबोधित किया।
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कोषाध्यक्ष सुशीला ने कहा कि सरकार आशा वर्करों के साथ अन्याय कर रही है। आशा वर्कर आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। सरकार उन्हें चार हजार रुपये मानदेय देकर उनका शोषण कर रही है। जनता की सेवा करने वाली लाखों आशा वर्कर्स ने कोरोना महामारी के दौरान अपने व अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का पालन किया । हरियाणा सरकार ने 2018 से एक भी रुपये की आशा वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की, उन्हें आठ एक्टिविटी के जो पैसे मिलते थे उनकी भी कटौती कर दी गई है। महंगाई आसमान पर है लेकिन मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। ऑनलाइन काम का बहुत ज्यादा दबाव आशा वर्कर्स पर बनाया जा रहा है। जिसके चलते आशाओं में भारी रोष पनप रहा है।
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हरियाणा की 20 हजार से ज्यादा आशा वर्कर्स को हड़ताल पर जाने के लिए सरकार ने ही मजबूर किया है। उनकी मांग की है उनका मानदेय 26 हजार रुपये मासिक किया जाए। आशा वर्करों को ईएसआई और पीएफ की सुविधा दी जाए। उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। अनुभव और योग्यता के आधार पर आशा वर्करों को पदोन्नति दी जाए। सब सेंटर पर आशा के बैठने व सामान रखने की जगह सुनिश्चित की जाए। जिन गांवों में सब सेंटर नहीं है वहां पर आशा सेंटर खोले जाएं। आठ एक्टिविटी के काटे गए 50 प्रतिशत इंसेंटिव को तुरंत वापस लिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सात हजार भी तुरंत जारी किए जाएं। इस मौके पर यूनियन की जिला सचिव सविता, पूर्व प्रधान सुमन शर्मा, सह सचिव सुमन व पिंकी देवी मौजूद रही।
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