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Panipat News: गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग, हर रोज 1.10 करोड़ यूनिट हो रही खपत
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पानीपत। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली की मांग भी एकाएक बढ़ गई है। अब जिले में 1.10 करोड़ यूनिट हर रोज खपत हो रही है। 70 लाख यूनिट बिजली की खपत अकेले औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों में हो रही है। सर्दियों में इसकी खपत करीब 50 लाख यूनिट थी। करीब डेढ़ गुना बिजली की मांग बढ़ने पर निगम को भी झटका लग रहा है। शहर के साथ गांवों में भी घोषित और अघोषित कट बढ़ गए हैं। म्हारा गांव, जगमग गांव योजना के तहत आने वाले गांवों में भी छह-छह घंटे के कट लग रहे हैं। इधर बिजली निगम की टीमें निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के लिए लाइनों पर नियमित मरम्मत के कार्य कर रही हैं।
जनवरी से मार्च तक जिले में बिजली की खपत 50 से 60 लाख यूनिट तक थी। औद्योगिक व म्हारा गांव जगमग गांव योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी। मई में बिजली की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। अब यह 1.10 करोड़ यूनिट है। धान के सीजन में खपत 1.50 करोड़ यूनिट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जिले में बिजली के कट भी लंबे होंगे। आने वाले समय में लोगों को बिजली कटों की अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
जिले में कंबल के 80 बड़े प्लांट हैं। मई, जून व जुलाई में कंबल उत्पादन होता है। कंबल उत्पादन के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की खपत बढ़ी है। अब गर्मियों में सभी प्रकार के उद्योग चल रहे हैं। सर्दियों में प्रदूषण व धुंध के कारण कई प्रकार के उद्योगों में उत्पादन ठप होता है। इसलिए बिजली की खपत भी कम होती है।
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ज्योति नगर निवासी मुकेश ने बताया कि दो दिन से बूंदाबांदी के चलते गर्मी कुछ कम है। ऐसे में बिजली भी कुछ सामान्य है। पिछले दिनों तापमान बढ़ने के साथ कट भी बढ़ गए थे। दिन में पांच से छह घंटे की बिजली मिल पाती थी। दत्ता कॉलोनी निवासी विनोद कुमार ने बताया कि पिछले दिनों रात में 12 से सुबह छह तक बिजली कट था। छह घंटे इन्वर्टर सभी पंखों को नहीं चला पाता था। ऐसे में रात में लोगों को छत पर बैठना पड़ता था। पिछले दो-तीन दिन से बूंदाबांदी के चलते कटों में कुछ राहत है।
नियमित रूप से फीडरों पर मरम्मत के कार्य जारी हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ी है। लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले, इसके लिए प्रयासरत हैं।
- डीएस छिक्कारा, एसई बिजली निगम
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जनवरी से मार्च तक जिले में बिजली की खपत 50 से 60 लाख यूनिट तक थी। औद्योगिक व म्हारा गांव जगमग गांव योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी। मई में बिजली की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। अब यह 1.10 करोड़ यूनिट है। धान के सीजन में खपत 1.50 करोड़ यूनिट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जिले में बिजली के कट भी लंबे होंगे। आने वाले समय में लोगों को बिजली कटों की अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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जिले में कंबल के 80 बड़े प्लांट हैं। मई, जून व जुलाई में कंबल उत्पादन होता है। कंबल उत्पादन के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की खपत बढ़ी है। अब गर्मियों में सभी प्रकार के उद्योग चल रहे हैं। सर्दियों में प्रदूषण व धुंध के कारण कई प्रकार के उद्योगों में उत्पादन ठप होता है। इसलिए बिजली की खपत भी कम होती है।
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ज्योति नगर निवासी मुकेश ने बताया कि दो दिन से बूंदाबांदी के चलते गर्मी कुछ कम है। ऐसे में बिजली भी कुछ सामान्य है। पिछले दिनों तापमान बढ़ने के साथ कट भी बढ़ गए थे। दिन में पांच से छह घंटे की बिजली मिल पाती थी। दत्ता कॉलोनी निवासी विनोद कुमार ने बताया कि पिछले दिनों रात में 12 से सुबह छह तक बिजली कट था। छह घंटे इन्वर्टर सभी पंखों को नहीं चला पाता था। ऐसे में रात में लोगों को छत पर बैठना पड़ता था। पिछले दो-तीन दिन से बूंदाबांदी के चलते कटों में कुछ राहत है।
नियमित रूप से फीडरों पर मरम्मत के कार्य जारी हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ी है। लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले, इसके लिए प्रयासरत हैं।
- डीएस छिक्कारा, एसई बिजली निगम