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Panipat News: हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शिक्षा विभाग सख्त, बाला देवी मामले में अधिकारियों का रिकॉर्ड तलब
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन बाला देवी नियमितीकरण मामले में हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी से मामले से जुड़े अधिकारियों और वर्ष 2019 में नियमितीकरण करने वाली समिति के सदस्यों के नाम व सेवा रिकॉर्ड तलब किया है।
इसके साथ ही 2004 में 1999 की नीति के तहत बलबीर सिंह के नियमितीकरण का आधार और संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। निदेशालय ने तय समयसीमा में रिकॉर्ड नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बाला देवी शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी पार्ट-टाइम कर्मचारी थीं। विभाग ने वर्ष 2019 में उनकी सेवाओं को एक अप्रैल 2011 से नियमित करते हुए वित्तीय लाभ दिए थे। बाला देवी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में तैनात बलबीर सिंह के नियमितीकरण का उदाहरण देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वर्ष 2004 से नियमितीकरण की मांग की थी।
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इन बिंदुओं पर मांगा रिकॉर्ड
निदेशालय के अति-आवश्यक एवं समयबद्ध (कोर्ट केस) पत्र में वर्ष 2019 में बाला देवी की सेवाओं को वर्ष 2011 से नियमित करने वाली समिति के सदस्यों के नाम और उनसे संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य मांगे गए हैं। इसके अलावा 16 अगस्त 2022 के स्पीकिंग ऑर्डर और हाईकोर्ट में दायर लिखित बयान में कथित तौर पर गलत या भ्रामक तथ्य रखने वाले डीईओ, संबंधित सहायक, डीडीओ और लीगल असिस्टेंट के नाम भी मांगे गए हैं।
निदेशालय ने बाला देवी और बलबीर सिंह के सेवा में प्रवेश से नियमितीकरण तक स्वीकृत पदों की स्थिति का पूरा रिकॉर्ड, उपस्थिति शीट, वेतन प्राप्ति के प्रमाण, पे-बिल और ऑर्डर बुक की प्रतियां भी तलब की हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि वर्ष 2004 में बलबीर सिंह की सेवाओं को 1999 की नीति के तहत किस आधार पर और किस अधिकारी ने नियमित किया था।
विरोधाभासी जवाब पर हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति
बाला देवी के मामले में शिक्षा विभाग ने स्पीकिंग ऑर्डर में वर्ष 2004 से नियमितीकरण को संभव नहीं बताया था। इसके बाद बाला देवी ने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से पहले दिए गए आदेश और बाद में दाखिल जवाब में अंतर सामने आया।
हाईकोर्ट ने इन विरोधाभासी तथ्यों पर आपत्ति जताते हुए जवाब तलब किया। इसके बाद शिक्षा महानिदेशक कार्यालय ने मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित अधिकारियों और समिति सदस्यों के नाम व रिकॉर्ड मांगे हैं।
वर्जन
निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के तहत संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और स्कूल के प्रधानाचार्य से तुरंत रिकॉर्ड तलब कर लिया गया है। नियमानुसार रिपोर्ट तैयार कर पंचकूला भेजी जा रही है।
नीलम कुंडू, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी
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पानीपत। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन बाला देवी नियमितीकरण मामले में हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी से मामले से जुड़े अधिकारियों और वर्ष 2019 में नियमितीकरण करने वाली समिति के सदस्यों के नाम व सेवा रिकॉर्ड तलब किया है।
इसके साथ ही 2004 में 1999 की नीति के तहत बलबीर सिंह के नियमितीकरण का आधार और संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। निदेशालय ने तय समयसीमा में रिकॉर्ड नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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बाला देवी शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी पार्ट-टाइम कर्मचारी थीं। विभाग ने वर्ष 2019 में उनकी सेवाओं को एक अप्रैल 2011 से नियमित करते हुए वित्तीय लाभ दिए थे। बाला देवी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में तैनात बलबीर सिंह के नियमितीकरण का उदाहरण देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वर्ष 2004 से नियमितीकरण की मांग की थी।
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इन बिंदुओं पर मांगा रिकॉर्ड
निदेशालय के अति-आवश्यक एवं समयबद्ध (कोर्ट केस) पत्र में वर्ष 2019 में बाला देवी की सेवाओं को वर्ष 2011 से नियमित करने वाली समिति के सदस्यों के नाम और उनसे संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य मांगे गए हैं। इसके अलावा 16 अगस्त 2022 के स्पीकिंग ऑर्डर और हाईकोर्ट में दायर लिखित बयान में कथित तौर पर गलत या भ्रामक तथ्य रखने वाले डीईओ, संबंधित सहायक, डीडीओ और लीगल असिस्टेंट के नाम भी मांगे गए हैं।
निदेशालय ने बाला देवी और बलबीर सिंह के सेवा में प्रवेश से नियमितीकरण तक स्वीकृत पदों की स्थिति का पूरा रिकॉर्ड, उपस्थिति शीट, वेतन प्राप्ति के प्रमाण, पे-बिल और ऑर्डर बुक की प्रतियां भी तलब की हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि वर्ष 2004 में बलबीर सिंह की सेवाओं को 1999 की नीति के तहत किस आधार पर और किस अधिकारी ने नियमित किया था।
विरोधाभासी जवाब पर हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति
बाला देवी के मामले में शिक्षा विभाग ने स्पीकिंग ऑर्डर में वर्ष 2004 से नियमितीकरण को संभव नहीं बताया था। इसके बाद बाला देवी ने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से पहले दिए गए आदेश और बाद में दाखिल जवाब में अंतर सामने आया।
हाईकोर्ट ने इन विरोधाभासी तथ्यों पर आपत्ति जताते हुए जवाब तलब किया। इसके बाद शिक्षा महानिदेशक कार्यालय ने मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित अधिकारियों और समिति सदस्यों के नाम व रिकॉर्ड मांगे हैं।
वर्जन
निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के तहत संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और स्कूल के प्रधानाचार्य से तुरंत रिकॉर्ड तलब कर लिया गया है। नियमानुसार रिपोर्ट तैयार कर पंचकूला भेजी जा रही है।
नीलम कुंडू, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी