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सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली के एक दिन बाद मनेंगे पर्व त्योहार
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पानीपत। सूर्य ग्रहण के कारण इस बार दीपावली के एक दिन बाद मनने वाले सभी त्योहार उसके अगले दिन मनेगें। इस वर्ष दीपावली 24 अक्तूबर को है, लेकिन सूर्यग्रहण 25 को रहने के कारण गोवर्धन पूजा और अन्नकूट 26 को मनाई जाएगी। इसके एक दिन बाद 27 अक्तूबर को भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाएगी। पंचांग गणना के अनुसार दीपावली की रात्रि पूजा के बाद मंदिरों के पट बंद होंगे तो उसके बाद सूर्यग्रहण के मोक्ष के ढाई घंटे के उपरांत ही खुलेंगे। 24 अक्तूबर दीपावली की रात्रि में ही ग्रहण का सूतक लग जाएगा।
जब चंद्रमा, पृथ्वी व सूर्य के बीच में आ जाता है और चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है, उस समय पृथ्वी से देखने पर हमें सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। ऐसा अक्सर अमावस्या के दिन होता है, लेकिन जब चंद्रमा की स्थिति सूर्य और पृथ्वी को मिलाने वाली सरल रेखा के समीप होती है, तब आंशिक ग्रहण होता है।
- 26 गोर्धवन पूजा, 27 को चित्रगुप्त पूजा व भाई दूज
पंचांग के अनुसार सूतक रहने के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा है। एक दिन बाद 27 अक्तूबर को चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा। चित्रगुप्त पूजा की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति है। कुछ लोग 26 को ही मना रहे हैं। दरअसल चित्रगुप्त पूजा शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि का प्रवेश 26 अक्तूबर को दोपहर 02:42 बजे प्रवेश हो रहा है जो अगले दिन 27 की दोपहर 12:45 तक रहेगा। इसलिए 27 को चित्रगुप्त पूजा मनाना उचित रहेगा।
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जब चंद्रमा, पृथ्वी व सूर्य के बीच में आ जाता है और चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है, उस समय पृथ्वी से देखने पर हमें सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। ऐसा अक्सर अमावस्या के दिन होता है, लेकिन जब चंद्रमा की स्थिति सूर्य और पृथ्वी को मिलाने वाली सरल रेखा के समीप होती है, तब आंशिक ग्रहण होता है।
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- 26 गोर्धवन पूजा, 27 को चित्रगुप्त पूजा व भाई दूज
पंचांग के अनुसार सूतक रहने के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा है। एक दिन बाद 27 अक्तूबर को चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा। चित्रगुप्त पूजा की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति है। कुछ लोग 26 को ही मना रहे हैं। दरअसल चित्रगुप्त पूजा शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि का प्रवेश 26 अक्तूबर को दोपहर 02:42 बजे प्रवेश हो रहा है जो अगले दिन 27 की दोपहर 12:45 तक रहेगा। इसलिए 27 को चित्रगुप्त पूजा मनाना उचित रहेगा।
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