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Panipat News: सही तरीके से सफाई न होने के कारण गिरी स्वच्छता रैंकिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 02:56 AM IST
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Due to lack of proper cleaning, cleanliness ranking fell
छावनी के बीडी फ्लोर मिल के पीछे ट्रॅाली में अर्थमूविंग मशीन से कूड़ा भरते हुए कर्मचारी। संवाद
अंबाला सिटी। नगर निकाय ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अधूरी तैयारी के साथ स्टार रैंकिंग के लिए आवेदन कर दिया। नतीजा यह रहा है कि धरातल पर सफाई कार्य सही तरीके से न होने के कारण प्रदेश में नगर निकाय की रैंक गिर गई और स्टार रैंकिंग भी नहीं मिल पाई। बिना तैयारी के लिए आवेदन किया गया। अब रैंकिंग जारी होने पर सफाई व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
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नगर निगम ने वाटर प्लस का प्रमाणपत्र तो हासिल किया, मगर जीआरसी तीन स्टार रैंकिंग नहीं मिल पाई। इसी तरह नगर परिषद ने ओडीएफ प्लस प्लस प्रमाणपत्र हासिल किया, परिषद भी 3 स्टार रैंकिंग में पिछड़ गई। बराड़ा ने ओडीएफ प्लस प्लस प्रमाणपत्र ले लिया, यहां भी धरातल पर कमियां होने से नंबर कट गए। नगरपालिका बराड़ा को एक स्टार नहीं मिल पाया। नारायणगढ़ का पहले ओडीएफ प्लस प्रमाणपत्र था। इस बार तो सिर्फ ओडीएफ ही रह गया और एक स्टार रैंकिंग भी नहीं मिली। इन सभी में सबसे ज्यादा डोर टू डोर, सेग्रीगेशन, कचरा प्रोसेसिंग और कचरा निस्तारण के अंक कट गए।
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घरों से कूड़ा भी पूरा नहीं उठ रहा, गीला-सूखा कचरे की भी समस्या : नगर निगम की बात करें तो डोर टू डोर में 65 प्रतिशत, सेग्रीगेशन में महज 8 प्रतिशत, कचरा प्रोसेसिंग में 64 प्रतिशत, जलाशयों की सफाई में 67 प्रतिशत अंक मिले। नगर परिषद अंबाला सदर के डोर टू डोर में 32 प्रतिशत, सेग्रीगेशन में 27 प्रतिशत, कचरा प्रोसेसिंग में 20 प्रतिशत व कचरा निस्तारण में शून्य प्रतिशत अंक आए। नगरपालिका बराड़ा में डोर टू डोर में 72 प्रतिशत अंक मिले। यहां घरों से सही तरीके से कूड़ा नहीं उठ रहा, जबकि सेग्रीगेशन में 18 प्रतिशत अंक ही आए। यहां कचरा प्रोसेसिंग व निस्तारण शून्य प्रतिशत रही। नारायणगढ़ नगर पालिका में भी डोर टू डोर में 69 प्रतिशत, सेग्रीगेशन में 16 प्रतिशत, कचरा प्रोसेसिंग व निस्तारण शून्य प्रतिशत रहा।
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गारबेज फ्री सिटी के लिए निगम का लक्ष्य : नगर निगम में पिछले पांच वर्ष में 75 करोड़ से ज्यादा का बजट सफाई के लिए हो चुका है। निगम के पास संसाधन व सफाई कर्मचारियों की कमी है। वार्ड स्तर पर सफाई कर्मचारी न होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। निगम की ओर से अगला लक्ष्य गारबेज फ्री सिटी में शामिल होने के लिए रखा गया है। निगम की ओर से काकरू में नई कचरा प्रोसेसिंग यूनिट भी बनाई जा रही है। यहां से गीला-सूखा कचरा अलग कर प्लांट में भेजा जाएगा, हालांकि पहले भी यह प्रक्रिया मानव चौक के पास चल रही थी, मगर इसे नए सिरे से करने का लक्ष्य है।

परिषद को वाटर प्लस में शामिल करने का लक्ष्य : स्वच्छ भारत मिशन की कोआर्डिनेटर रितु शर्मा ने बताया कि नगर निगम को गारबेज फ्री सिटी में लाना लक्ष्य रखा गया है, इसमें एक स्टार के बाद तीन, पांच व सात स्टार मिलते हैं। काकरू में बनाई गई नई कचरा प्रोसेसिंग यूनिट भी जल्द ही चलेगी, जिससे शहर में सफाई को लेकर सुधार होगा। नगर परिषद छावनी में बीडी फ्लोर मिल के पीछे कचरा प्रोसेसिंग का कार्य किया जाता है।
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