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Panipat News: फर्जी जाति प्रमाण-पत्र रद्द करने की मांग
Fri, 09 Oct 2026 03:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 09 Oct 2026 03:23 AM IST
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पानीपत। अनुसूचित वर्ग के प्रतिनिधियों ने जनता समाधान शिविर में गलत तथ्यों के आधार पर बनवाए गए जाति प्रमाण-पत्रों को रद्द कराने की मांग उठाई। लोगों ने इस संबंध में सचिवालय सभागार में वीरवार को आयोजित जनता समाधान शिविर में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को इसकी शिकायत दी।
शिकायतकर्ता रोहतास, गीनाराम, रमेश रंगा ने आरोप लगाया कि जिले के कई गांवों में वर्ष 2000 के बाद फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, नौकरियों और आरक्षित चुनाव सीटों का अनुचित लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने एक कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के प्रमाण-पत्र निरस्त करने की मांग की है।
जिला स्तरीय समाधान शिविर में वीरवार को 15 शिकायतें दर्ज की गईं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल औपचारिकता न निभाएं, बल्कि शिकायतों का स्थायी व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संवाद
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शिकायतकर्ता रोहतास, गीनाराम, रमेश रंगा ने आरोप लगाया कि जिले के कई गांवों में वर्ष 2000 के बाद फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, नौकरियों और आरक्षित चुनाव सीटों का अनुचित लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने एक कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के प्रमाण-पत्र निरस्त करने की मांग की है।
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जिला स्तरीय समाधान शिविर में वीरवार को 15 शिकायतें दर्ज की गईं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल औपचारिकता न निभाएं, बल्कि शिकायतों का स्थायी व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संवाद
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