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सैनिक सम्मान के साथ किया गया सीआरपीएफ के जवान रविंद्र कुमार का अंतिम संस्कार
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इसराना (पानीपत)। साथी को आत्महत्या से रोकने के दौरान चली गोली से इसराना क्षेत्र के गांव मांडी निवासी सीआरपीएफ के जवान की मौत हो गई। हादसा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में हुआ, जहां वह 190वीं बटालियन में रसोइये के रूप में कार्यरत था और कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर पर तैनात था। बुधवार की देर रात सेना की गाड़ी जवान के पार्थिव शरीर को लेकर थाना इसराना पहुंची। इसके बाद वीरवार सुबह गांव के युवाओं की बाइकों और गाड़ियों के काफिले के साथ ही सेना की गाड़ी मांडी गांव पहुंची, जहां रविंद्र कुमार का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इसराना के मांडी गांव निवासी रविंद्र कुमार-32 सीआरपीएफ की 190वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी मौत की खबर से परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई। वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनके अंतिम संस्कार में विधायक बलबीर वाल्मीकि, पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सीटीएम रविंद्र मलिक, नायब तहसीलदार सिराज खान, हल्का पटवारी जोगेंद्र गुलिया के अलावा सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इससे पहले सेना की गाड़ी में शव इसराना थाने पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग वाहनों में वहां पहुंच गये और तिरंगा लिये भारत माता की जय के नारे लगाते रहे। सीआरपीएफ जवान रविंद्र कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे (एक पांच साल, दूसरा दो साल), माता-पिता और भाई को छोड़ गये हैं।
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इसराना के मांडी गांव निवासी रविंद्र कुमार-32 सीआरपीएफ की 190वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी मौत की खबर से परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई। वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनके अंतिम संस्कार में विधायक बलबीर वाल्मीकि, पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सीटीएम रविंद्र मलिक, नायब तहसीलदार सिराज खान, हल्का पटवारी जोगेंद्र गुलिया के अलावा सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इससे पहले सेना की गाड़ी में शव इसराना थाने पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग वाहनों में वहां पहुंच गये और तिरंगा लिये भारत माता की जय के नारे लगाते रहे। सीआरपीएफ जवान रविंद्र कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे (एक पांच साल, दूसरा दो साल), माता-पिता और भाई को छोड़ गये हैं।
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