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बिना एनओसी के भूजल का दोहन करने वाली 4 फैक्टरियों पर जल्द होगी कार्रवाई
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पानीपत। बिना एनओसी के भू-जल का दोहन करने वाली फैक्टरियों पर भू-जल प्राधिकरण व जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले दो साल में पानीपत से 4 शिकायतें भू-जल प्राधिकरण के पास गई थी। हाल में प्राधिकरण ने मामले की जांच कर पानीपत डीसी को इन फैक्टरियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन जल्द इन फैक्टरियों पर कार्रवाई कर सकता है।
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं एडवोकेट अमित राठी ने भू-जल प्राधिकरण, चंडीगढ़ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी थी कि पानीपत से भू-जल जल का अवैध रूप से दोहन करने वाली कितनी फैक्टरियों की शिकायत प्राधिकरण को मिली और कितनी फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई है। इसी के जवाब में प्राधिकरण ने बताया कि 4 फैक्टरियों की शिकायत मिली थी। डीसी पानीपत को इन फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। इसके अलावा प्रदेशभर से 47 फैक्टरियों की शिकायत प्राधिकरण के पास पहुंची है। इनमें सबसे अधिक शिकायत फरीदाबाद से है। पानीपत की डीसी सुमेधा कटारिया ने जल्द ही पानीपत की इन फैक्टरियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
एनओसी लेने के लिए उद्योगपति भू-जल प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं। एनओसी की प्रक्रिया काफी जटिल है। केंद्र को राज्य स्तर पर भू-जल प्राधिकरण का गठन करना चाहिए। भू-जल निकालना भी उद्योगपतियों के लिए काफी महंगा पड़ता है। इसलिए केंद्र को अपनी इस पॉलिसी में बदलाव करना चाहिए।
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- भीम राणा, जिलाध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन पानीपत।
केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की ओर से मुझे कार्रवाई के लिए पत्र मिला है। जिन फैक्टरियों के पास भू-जल का दोहन करने की एनओसी नहीं है। उन फैक्टरियों को जल्द क्लोजर नोटिस जारी किए जाएंगे।
- सुमेधा कटारिया, उपायुक्त पानीपत।
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आरटीआई एक्टिविस्ट एवं एडवोकेट अमित राठी ने भू-जल प्राधिकरण, चंडीगढ़ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी थी कि पानीपत से भू-जल जल का अवैध रूप से दोहन करने वाली कितनी फैक्टरियों की शिकायत प्राधिकरण को मिली और कितनी फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई है। इसी के जवाब में प्राधिकरण ने बताया कि 4 फैक्टरियों की शिकायत मिली थी। डीसी पानीपत को इन फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। इसके अलावा प्रदेशभर से 47 फैक्टरियों की शिकायत प्राधिकरण के पास पहुंची है। इनमें सबसे अधिक शिकायत फरीदाबाद से है। पानीपत की डीसी सुमेधा कटारिया ने जल्द ही पानीपत की इन फैक्टरियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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एनओसी लेने के लिए उद्योगपति भू-जल प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं। एनओसी की प्रक्रिया काफी जटिल है। केंद्र को राज्य स्तर पर भू-जल प्राधिकरण का गठन करना चाहिए। भू-जल निकालना भी उद्योगपतियों के लिए काफी महंगा पड़ता है। इसलिए केंद्र को अपनी इस पॉलिसी में बदलाव करना चाहिए।
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- भीम राणा, जिलाध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन पानीपत।
केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की ओर से मुझे कार्रवाई के लिए पत्र मिला है। जिन फैक्टरियों के पास भू-जल का दोहन करने की एनओसी नहीं है। उन फैक्टरियों को जल्द क्लोजर नोटिस जारी किए जाएंगे।
- सुमेधा कटारिया, उपायुक्त पानीपत।