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डबल टैक्सेशन रोकने को बने नियम को बनाया धोखाधड़ी करने का हथियार
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पानीपत। जीएसटी प्रणाली में उत्पाद पर एक बार ही टैक्स लगता है। इसके लिए जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए डबल टैक्सेशन को हटाया जाता है। पानीपत से मंगलवार रात को गिरफ्तार तीन ठगों ने इसे ही धोखाधड़ी करने हथियार बना लिया। इसमें एक कंपनी तैयार माल बनाने के लिए कच्चा माल खरीदती है, यह कंपनी का इनपुट होता है। कच्चे माल को खरीदने में सरकार को भुगतान किए जाने वाले जीएसटी को खातों में इनपुट टैक्स क्रेडिट के तौर पर दर्ज कर लिया जाता है। इसके बाद जब कंपनी इस कच्चे माल से उत्पाद तैयार करती है तो यह उत्पाद कहा जाता है। अब इस तैयार माल यानी उत्पाद पर भी जीएसटी लगता है। ऐसे में तैयार माल पर लगने वाले जीएसटी में से कच्चे माल को खरीदने पर लगे जीएसटी को घटा दिया जाता है और बाकी का जीएसटी सरकार को भुगतान किया जाता है। इस तरह कच्चे माल को उत्पाद बनाने में सिर्फ एक ही बार जीएसटी लगता है। अब यहीं पर खेल शुरू होता है। फर्जी कंपनियों के बिलों पर कच्चे माल की खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट खातों में खड़ा कर लिया जाता है, जबकि असल में वह टैक्स कभी लगा ही नहीं। माल तैयार होने पर खातों में खड़े किए गए फर्जी टैक्स को घटाकर आरोपी ऐसे ही घपला करते थे।
जानकारी के अनुसार यह पांच करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का मामला है, जिसमें जीएसटी चोरी के लिए बकायदा कारोबार चलाया जा रहा था। आरोपी कच्चे माल की खरीद का फर्जी बिल यह फैक्टरियों को मुहैया कराते थे, जिसके जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट में गोलमाल कर सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। उनके पास से फर्जी फर्मों की 24 चेकबुक और छह फर्जी फर्मों की मोहरें आदि बरामद की गई हैं।
आंध्रा बैंक की 21, इलाहाबाद बैंक की एक और एक्सिस बैंक की दो चेकबुक मिलीं : पुलिस ने आरोपियों की कार से आंध्रा बैंक की 21, इलाहाबाद बैंक की एक और एक्सिस बैंक की दो चेकबुक बरामद की हैं। आंध्रा बैंक की तीन चेकबुक श्री बाला सुंदरी वुलटैक्स, एक आरके इंटरनेशनल, एक श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज, दो श्री गणेश टेक्सटाइल, दो मनीष वुलटैक्स, एक गीता यार्न, तीन रिद्धी ओवरसीज, एक मां कर्णी यार्न, एक अंस हॉस्पिटैलिटी, एक रामेश्वरम और एक सोनी टेक्सटाइल के नाम से है। इनकी चेकबुक ब्लैंक हैं और हस्ताक्षर भी हैं। एक चेकबुक इलाहाबाद बैंक की और एक्सिस बैंक की एक चेेकबुक मानसी जिंदल और दूसरी चेकबुक विपुल जिंदल के नाम है।
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बैग से छह फर्जी फर्मों की मोहर भी बरामद : पुलिस ने बैग से छह मोहरें भी बरामद की हैं। यह छह फर्में अंश हॉस्पिटेलिटी, गीता यार्न, श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज, मां कर्णी यार्न, डीईटीसी पानीपत और ईटीसी पानीपत हैं।
कार की डिक्की से मिले फर्जी फर्मों के बिल : आरोपियों की कार की डिक्की की तलाशी लेने पर ललित ट्रेडिंग कंपनी, श्रीबाला जी सुंदरी वूल, टैक्स माता स्वीट सनौली रोड, श्री गणेश टेक्सटाइल किशनुपरा, सिद्धी विनायक टेक्सटाइल काबड़ी रोड, श्रीबाला जी वूलटैक्स, सोनी इंटरप्राइजेस सनौली रोड, श्री हरिकृष्णा टेक्सटाइल माता स्वीट सनौली रोड, राधा कन्हैया एक्सोर्ट जीटी रोड, रिद्धी-सिद्धी ओवरसीज सेठी चौक, मां कर्णी यार्न नलवा कालोनी, आरके इंटरनेशनल किशनपुरा, श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज सनौली रोड, मनीष वूलटैक्स सनौली रोड, बाला सुंदरी टेक्सटाइल खाना रोड, पियश इंटरप्राइजेज शांतिनगर मुजफ्फरनगर उप्र, मयूर इंटरप्राइेजेज गांधीनगर मुजफ्फरनगर उप्र, गीता यार्न खाना रोड के फर्जी बिलों की प्रतियां बरामद की गई हैं।
जिन फर्मों के नाम सामने आए हैं, उनकी जांच की जा रही है। अभी तक जांच में पांच करोड़ रुपये से ऊपर की धोखाधड़ी सामने आई है। पूरी जांच होने के बाद ही धोखाधड़ी की सही राशि का पता चलेगा। पुलिस की कार्रवाई से अलग तीनों आरोपियों पर जीएसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। तीनों को रिमांड पर लेकर जीएसटी अधिकारी पूछताछ करेंगे। जिन बैंक खातों में रकम है, उनकी जांच की जा रही है। बाकी के बैंक खाते और चेकबुक रकम को घुमाने के लिए थे। पिछले कार्रवाई के दौरान जीएसटी विभाग की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई कि कुछ लोग इस तरह धोखाधड़ी कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की सक्रियता की वजह से बड़ी सफलता हाथ लगी है।
- आरआर नैन, कमिश्नर, जीएसटी।
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जानकारी के अनुसार यह पांच करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का मामला है, जिसमें जीएसटी चोरी के लिए बकायदा कारोबार चलाया जा रहा था। आरोपी कच्चे माल की खरीद का फर्जी बिल यह फैक्टरियों को मुहैया कराते थे, जिसके जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट में गोलमाल कर सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। उनके पास से फर्जी फर्मों की 24 चेकबुक और छह फर्जी फर्मों की मोहरें आदि बरामद की गई हैं।
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आंध्रा बैंक की 21, इलाहाबाद बैंक की एक और एक्सिस बैंक की दो चेकबुक मिलीं : पुलिस ने आरोपियों की कार से आंध्रा बैंक की 21, इलाहाबाद बैंक की एक और एक्सिस बैंक की दो चेकबुक बरामद की हैं। आंध्रा बैंक की तीन चेकबुक श्री बाला सुंदरी वुलटैक्स, एक आरके इंटरनेशनल, एक श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज, दो श्री गणेश टेक्सटाइल, दो मनीष वुलटैक्स, एक गीता यार्न, तीन रिद्धी ओवरसीज, एक मां कर्णी यार्न, एक अंस हॉस्पिटैलिटी, एक रामेश्वरम और एक सोनी टेक्सटाइल के नाम से है। इनकी चेकबुक ब्लैंक हैं और हस्ताक्षर भी हैं। एक चेकबुक इलाहाबाद बैंक की और एक्सिस बैंक की एक चेेकबुक मानसी जिंदल और दूसरी चेकबुक विपुल जिंदल के नाम है।
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बैग से छह फर्जी फर्मों की मोहर भी बरामद : पुलिस ने बैग से छह मोहरें भी बरामद की हैं। यह छह फर्में अंश हॉस्पिटेलिटी, गीता यार्न, श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज, मां कर्णी यार्न, डीईटीसी पानीपत और ईटीसी पानीपत हैं।
कार की डिक्की से मिले फर्जी फर्मों के बिल : आरोपियों की कार की डिक्की की तलाशी लेने पर ललित ट्रेडिंग कंपनी, श्रीबाला जी सुंदरी वूल, टैक्स माता स्वीट सनौली रोड, श्री गणेश टेक्सटाइल किशनुपरा, सिद्धी विनायक टेक्सटाइल काबड़ी रोड, श्रीबाला जी वूलटैक्स, सोनी इंटरप्राइजेस सनौली रोड, श्री हरिकृष्णा टेक्सटाइल माता स्वीट सनौली रोड, राधा कन्हैया एक्सोर्ट जीटी रोड, रिद्धी-सिद्धी ओवरसीज सेठी चौक, मां कर्णी यार्न नलवा कालोनी, आरके इंटरनेशनल किशनपुरा, श्री बांके बिहारी इंटरप्राइजेज सनौली रोड, मनीष वूलटैक्स सनौली रोड, बाला सुंदरी टेक्सटाइल खाना रोड, पियश इंटरप्राइजेज शांतिनगर मुजफ्फरनगर उप्र, मयूर इंटरप्राइेजेज गांधीनगर मुजफ्फरनगर उप्र, गीता यार्न खाना रोड के फर्जी बिलों की प्रतियां बरामद की गई हैं।
जिन फर्मों के नाम सामने आए हैं, उनकी जांच की जा रही है। अभी तक जांच में पांच करोड़ रुपये से ऊपर की धोखाधड़ी सामने आई है। पूरी जांच होने के बाद ही धोखाधड़ी की सही राशि का पता चलेगा। पुलिस की कार्रवाई से अलग तीनों आरोपियों पर जीएसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। तीनों को रिमांड पर लेकर जीएसटी अधिकारी पूछताछ करेंगे। जिन बैंक खातों में रकम है, उनकी जांच की जा रही है। बाकी के बैंक खाते और चेकबुक रकम को घुमाने के लिए थे। पिछले कार्रवाई के दौरान जीएसटी विभाग की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई कि कुछ लोग इस तरह धोखाधड़ी कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की सक्रियता की वजह से बड़ी सफलता हाथ लगी है।
- आरआर नैन, कमिश्नर, जीएसटी।