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Panipat News: निगम ने 1.75 लाख संपत्तियों पर दिखाया 1200 करोड़ का टैक्स बकाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Dec 2023 02:20 AM IST
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Corporation showed tax outstanding of Rs 1200 crore on 1.75 lakh properties
पानीपत। नगर निगम ने शहर की कुल 1.75 लाख संपत्तियों पर 1200 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया दिखा दिया है। जिससे शहर के लाखों लोग बेवजह ही निगम के करोड़ों रुपये के बकायदार बन गए हैं। ये गलती निगम की प्रॉपर्टी आईडी को लिंक और डी लिंक करने की वजह से हुई है। इसके दुष्प्रभाव अब सामने आने लगे हैं, जिसे ठीक करने में अब निगम अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
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गौरतलब है कि उपरोक्त स्थिति के चलते सरकार और निगम की ओर से संपत्ति के स्वयं सत्यापन को लेकर योजना बनाने, जागरूकता लाने, निशुल्क सत्यापन करवाने तक के लिए लोगों से गुजारिश किया जा रहा है। बकाया टैक्स को लेकर भी निगम ने सीलिंग का अभियान चलाया जो पूरा नहीं हो सका। दो दिन में चार इमारतों पर चले इस अभियान में सभी ने निगम के टैक्स को गलत ठहराया। इस मामले में हैरानी की बात ये है कि नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी से करीब 35 करोड़ रुपये का टारगेट निर्धारित किया गया था। नौ माह बाद दो योजनाओं के चलाने के बाद भी अब तक केवल 11.18 करोड़ की ही रिकवरी हो पाई है। दूसरी ओर निगम कर्मचारी तत्काल योजना के टोकन पर भी कार्रवाई करने से कतराते हैं। जिसका समाधान महज दो दिन में होना चाहिए उस पर एक सप्ताह तक का समय लगाया जा रहा है।
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सरकार ने याशी कंपनी से प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे कराया। हालांकि बाद में सरकार ने याशी कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है। याशी के खामियाें से भर सर्वे की प्रॉपर्टी आईडी को शहर की संपत्तियों पर लगा दिया गया। जो पुराने से अलग एक नई प्रॉपर्टी आईडी बनी थी। अब निगम की पहली पुरानी वाली प्रॉपर्टी आईडी को नई प्रॉपर्टी आईडी के साथ लिंक कर दिया। जिससे लाखों संपत्तियों का डाटा गलत मैप हो गया।
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बॉक्स
ऐसे जुड़ गया टैक्स:
कुछ दिन पहले निकाय पोर्टल पर शुगर मिल की दो प्रॉपर्टी आईडी बनी दिखी। इस पर करीब छह करोड़ का टैक्स बकाया दिखाया गया। इसी प्रॉपर्टी आईडी को सर्वे ने वार्ड 18 की न्यू आरके पुरम कॉलोनी और मुखीजा कॉलोनी के मकानों पर जोड़ दिया। जिससे इन दोनों कॉलोनियों के सैकड़ों मकानों पर छह-छह करोड़ का टैक्स स्वत: जुड़ गया। जिससे परेशान लोगों ने निगम की ओर से लगाए गए कैंप, अधिकारियों को शिकायत दी तो जवाब मिला की एक साथ पूरी कॉलोनी की आईडी को नहीं हटाया जा सकता। जिसे ठीक करवानी होगी उसे ऑनलाइन ऑब्जेक्शन लगा देना होगा। इसी तरह अनाज मंडी, सब्जी मंडी, औद्योगिक क्षेत्र एरिया और अन्य कई जगहों पर बड़े बकायदारों की प्रॉपर्टी आईडी को उनके साथ बसी कॉलोनियों और मकानों की आईडी के साथ लिंक कर दिया गया। जिससे हर संपत्ति मालिक बेवजह ही निगम का करोड़ों का बकायेदार बन चुका है।




वर्जन:
संज्ञान में नहीं है मामला
मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसे लोग निगम कार्यालय में या ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवा इसे दुरुस्त करवा सकते हैं। अगर गलत आईडी लिंक होने की वजह से ज्यादा टैक्स बना है तो उसे हर हाल में ठीक किया जाएगा। वहीं, शहरवासी 31 दिसंबर तक टैक्स जमा करवाने पर ब्याज में सौ प्रतिशत की छूट पा सकते हैं। साथ में संपत्ति के स्वयं सत्यापन पर टैक्स के मूल से 15 प्रतिशत की छूट ले सकते हैं।
कुलदीप राणा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी।
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