फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Chemical laden water flowing on roads in industrial sectors

Panipat News: 42 एमएलडी का सीईटीपी फिर भी औद्योगिक सेक्टरों में सड़कों पर बह रहा केमिकल युक्त पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 05:55 AM IST
विज्ञापन
Chemical laden water flowing on roads in industrial sectors
पानीपत। पिछले लगभग दो माह से सेक्टर 29 में सीवरेज की सफाई नहीं हो रही है। इसलिए लाइन ब्लॉक हो गई है। फैक्ट्ररियों का केमिकलयुक्त पानी सड़कों पर बह रहा है। ऐसे में यहां का भूजल भी खराब हो रहा है। फैक्ट्री मालिकों व श्रमिकों को यहां भारी परेशानी हो रही है। फैक्ट्री मालिकों के अनुसार नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में व्यस्त थे, इसलिए यहां सफाई नहीं हो रही है। अब यह अनट्रीटेड पानी ड्रेन से होते हुए यमुना में गिरेगा। इससे यमुना प्रदूषित होगी।
विज्ञापन


पानीपत के सेक्टर 25 पार्ट वन, पार्ट टू, सेक्टर 29 पार्ट वन व पार्ट टू में पांच हजार से अधिक उद्योग हैं। इन उद्योगों से प्रतिदिन 42 एमएलडी पानी निकलता है। इसको देखते हुए 2019 में यहां एक 21 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाया गया था। अब दो सीईटीपी की क्षमता 42 एमएलडी पानी की है। यहां से पानी ट्रीट होकर ड्रेन में गिरता है। अब सीवेरज जाम होने के कारण यह केमिकलयुक्त पानी सीईटीपी में जाने की बजाय सड़कों पर बह रहा है।
विज्ञापन


औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में मिल चुकी है साइनाइड की मात्रा-
2019 से पहले औद्योगिक क्षेत्र में 21 एमएलडी पानी सेक्टर की सड़कों पर बहता था। खाली प्लॉटों में भी यह पानी जमा रहता था। इससे औद्योगिक क्षेत्र का भूजल खराब हो गया। इस बार इस पानी की जांच हुई। जिसमें पानी को पीने के लिए अयोग्य भी करार दिया गया। 2018 में हुई जांच में भूजल में 0.3 प्रतिशत साइनाइड की मात्रा मिली थी। जो सेहत के बेहद खतरनाक बताई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यमुना हो रही है मैली-

बापौली, बहरामपुर गांव, शिमला मोलाना गांव निंबरी के पास ड्रेन में केमिकलयुक्त पानी टैंकर से छोड़ा जाता है। कई फैक्ट्रियों में ईटीपी नहीं है। इसलिए रात के अंधेरे में यमुना को प्रदूषित किया जाता है। बापौली क्षेत्र में ड्रेन का पानी नीला व काला हो चुका है। यमुना प्रदूषित हो रही है। इसमें अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक बढ़ रही है। इसलिए दिल्ली के लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार यमुना को प्रदूषित करने के लिए सोनीपत, पानीपत व यमुनानगर को दोषी ठहरा चुकी है।
समय पर सीवरेज की सफाई नहीं होती- राणा
हरियाणा इंवायरमेंटल मैनेजमेंट सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने कहा कि कई माह से यहां सीवरेज की सफाई नहीं हुई है। इसलिए सीईटीपी में पानी नहीं जा पा रहा। सड़कों पर केमिकलयुक्त पानी बह रहा है। कई बार शिकायत भी दी गई है लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस बारे में नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व एचएसआईआईडीसी को संज्ञान लेना चाहिए।


वर्जन-

नगर निगम के एसडीओ अर्पित कुमार ने कहा कि यहां सीवरेज की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द यह समस्या दूर होगी। नगर निगम उद्यमियों की परेशानी को लेकर गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed