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Panipat News: बॉक्सिंग में जिले का नाम चमका रहे बुआना लाखू गांव के आदि
Sat, 26 Jul 2025 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 26 Jul 2025 03:44 AM IST
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पानीपत। बुआना लाखू गांव के 14 वर्षीय आदि बॉक्सिंग में जिले का नाम चमका रहे हैं। आदि ने जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में एक-एक स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इसके साथ दिसंबर 2024 में दिल्ली में आयोजित नेशनल बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया। आदि की इन उपलब्धियों से परिजनों और कोच को आदि पर गर्व है।
आदि के पिता चंद्रांश एक निजी कंपनी में काम करते हैं। आदि की मां गृहिणी हैं। वे गांव के निजी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। आदि अपने गांव में ही अखाड़े में सुरेंद्र कोच के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग का अभ्यास करते हैं। कोच सुरेंद्र ने बताया कि जब आदि बचपन में बॉक्सिंग की तैयारी करते थे तब आदि दूसरे खिलाड़ियों को देखकर अपनी तैयारी करते थे। जब आदि तैयारी करता था तब देखकर लगता था कि आदि बॉक्सिंग में आगे बढ़ सकते हैं। फिर आदि धीरे-धीर मुझसे बॉक्सिंग प्रशिक्षण लेने लगे। आदि करीब चार साल से मुझसे प्रशिक्षण ले रहे हैं।आज आदि को देखकर लगता है कि मन में अगर कुछ करने का जनून हो जाए तो अपनी मेहनत से उस जनून को पूरा किया जा सकता है। आदि भी बॉक्सिंग का जनून लेकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
आदि ने बताया कि उनको बॉक्सिंग खेलने का शौक शुरू से रहा है। वे इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। दूसरे खिलाड़ियों को देखकर ही आगे बढ़े हैं। कोच सुरेंद्र के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग के गुर सीखने लगे। वे दोनों समय अभ्यास कर रहे हैं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक लाना है। वे एक दिन अपने सपने को हिम्मत और पंज के जोर के साथ पूरा करेंगे।
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आदि के पिता चंद्रांश एक निजी कंपनी में काम करते हैं। आदि की मां गृहिणी हैं। वे गांव के निजी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। आदि अपने गांव में ही अखाड़े में सुरेंद्र कोच के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग का अभ्यास करते हैं। कोच सुरेंद्र ने बताया कि जब आदि बचपन में बॉक्सिंग की तैयारी करते थे तब आदि दूसरे खिलाड़ियों को देखकर अपनी तैयारी करते थे। जब आदि तैयारी करता था तब देखकर लगता था कि आदि बॉक्सिंग में आगे बढ़ सकते हैं। फिर आदि धीरे-धीर मुझसे बॉक्सिंग प्रशिक्षण लेने लगे। आदि करीब चार साल से मुझसे प्रशिक्षण ले रहे हैं।आज आदि को देखकर लगता है कि मन में अगर कुछ करने का जनून हो जाए तो अपनी मेहनत से उस जनून को पूरा किया जा सकता है। आदि भी बॉक्सिंग का जनून लेकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
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आदि ने बताया कि उनको बॉक्सिंग खेलने का शौक शुरू से रहा है। वे इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। दूसरे खिलाड़ियों को देखकर ही आगे बढ़े हैं। कोच सुरेंद्र के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग के गुर सीखने लगे। वे दोनों समय अभ्यास कर रहे हैं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक लाना है। वे एक दिन अपने सपने को हिम्मत और पंज के जोर के साथ पूरा करेंगे।
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