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Panipat News: लावारिस संपत्तियों की बनेगी सूची
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अंबाला छावनी में नगर परिषद की जमीन पर गोबर डालकर किया गया अस्थाई अतिक्रमण। संवाद
अंबाला। छावनी में लावारिस पड़ी संपत्तियों को नगर परिषद की टीम खंगालेगी। टीम ऐसी संपत्तियों की रिपोर्ट तैयार करेगी। इस दौरान कब्जे सहित खाली जगह का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। यह कार्रवाई निकाय विभाग के एसीएस के निर्देश पर शुरु की गई है।
इस संबंध में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पत्र लिखकर जांच करवाने के निर्देश दिए थे ताकि सरकारी जमीनों पर लगातार हो रहे कब्जों को लेकर विभाग सजग हो सके और समय रहते इन कब्जों को छुड़वाने की प्रक्रिया आरंभ हो सके। करोड़ाें रुपये की जमीन पर उपजा विवाद: करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर हुए कब्जों से जुड़े दो मामले, बर्फखाने और सिया वाटिका की जमीन को लेकर निकाय विभाग के निर्देश पर नगर परिषद ने मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा है। हालांकि इन दोनों मामलों में ही कोर्ट में सही तरीके से पैरवी न करने की कार्यशैली सामने । आई है।
इन मामलों को लेकर संबंधित विभागीय कर्मचारियों पर भी शक की सुई घूम रही है कि क्या उन्होंने कोर्ट में सुनवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी थी या नहीं। अगर दी थी तो कोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर परिषद की तरफ से पेश होने वाले वकील क्यों नहीं पहुंचे। इन सभी सवालों के जवाब भी टीम ही ढूढ़ेगी।
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लगातार कब्जों से नगर परिषद की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न : छावनी में लगातार कब्जे हो रहे हैं, कहीं सरकारी जमीन पर गोबर डालकर कब्जा किया जा रहा है तो कहीं दस्तावेजों में गोलमाल करके।
ऐसे में लगातार हो रहे अवैध निर्माण से नगर परिषद कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है, वहीं लगातार ऐसी शिकायतें हरियाणा के कैबिनेट मंत्री के पास भी पहुंच रही हैं, इसलिए वो भी पूरी सक्रियता से छावनी को कब्जा मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं, इसका सबसे बड़ा उदाहरण सुभाष चंद्र बोस पार्क की जमीन है जोकि पहले एक गंदे पानी का तालाब होती थी और इस पर पूर्व में कब्जे की भी कोशिश की गई, लेकिन कैबिनेट मंत्री विज ने इस पर पार्क का निर्माण करवाकर कब्जाधारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
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इस संबंध में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पत्र लिखकर जांच करवाने के निर्देश दिए थे ताकि सरकारी जमीनों पर लगातार हो रहे कब्जों को लेकर विभाग सजग हो सके और समय रहते इन कब्जों को छुड़वाने की प्रक्रिया आरंभ हो सके। करोड़ाें रुपये की जमीन पर उपजा विवाद: करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर हुए कब्जों से जुड़े दो मामले, बर्फखाने और सिया वाटिका की जमीन को लेकर निकाय विभाग के निर्देश पर नगर परिषद ने मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा है। हालांकि इन दोनों मामलों में ही कोर्ट में सही तरीके से पैरवी न करने की कार्यशैली सामने । आई है।
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इन मामलों को लेकर संबंधित विभागीय कर्मचारियों पर भी शक की सुई घूम रही है कि क्या उन्होंने कोर्ट में सुनवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी थी या नहीं। अगर दी थी तो कोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर परिषद की तरफ से पेश होने वाले वकील क्यों नहीं पहुंचे। इन सभी सवालों के जवाब भी टीम ही ढूढ़ेगी।
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लगातार कब्जों से नगर परिषद की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न : छावनी में लगातार कब्जे हो रहे हैं, कहीं सरकारी जमीन पर गोबर डालकर कब्जा किया जा रहा है तो कहीं दस्तावेजों में गोलमाल करके।
ऐसे में लगातार हो रहे अवैध निर्माण से नगर परिषद कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है, वहीं लगातार ऐसी शिकायतें हरियाणा के कैबिनेट मंत्री के पास भी पहुंच रही हैं, इसलिए वो भी पूरी सक्रियता से छावनी को कब्जा मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं, इसका सबसे बड़ा उदाहरण सुभाष चंद्र बोस पार्क की जमीन है जोकि पहले एक गंदे पानी का तालाब होती थी और इस पर पूर्व में कब्जे की भी कोशिश की गई, लेकिन कैबिनेट मंत्री विज ने इस पर पार्क का निर्माण करवाकर कब्जाधारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।

अंबाला छावनी में नगर परिषद की जमीन पर गोबर डालकर किया गया अस्थाई अतिक्रमण। संवाद