{"_id":"5ba7c648867a557ea94a62ce","slug":"141537721928-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत आयुष्मान योजना से जुड़े शहर के 12 निजी अस्पताल, पहले दिन पांच को मिले गोल्ड कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत आयुष्मान योजना से जुड़े शहर के 12 निजी अस्पताल, पहले दिन पांच को मिले गोल्ड कार्ड
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत आयुष्मान योजना से जुड़े शहर के 12 निजी अस्पताल, पहले दिन पांच को मिले गोल्ड कार्ड
150 मरीजों का डाटा जल्द होगा अपडेट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। आयुष्मान भारत योजना की रविवार को विधायक महिपाल ढांडा और रोहिता रेवड़ी ने यहां शुरुआत की। इस योजना के तहत फिलहाल जिले के 150 परिवारों के कार्ड ट्रायल तौर पर बनाए गए थे। इनको दोबारा जीरो कर दिया गया है। जिन परिवारों के कार्ड बनाए गए हैं, उनका रिकॉर्ड भी दोबारा स्कैन करके चढ़ाया जाएगा। रविवार को योजना के शुभारंभ पर सात लोगों को गोल्डन कार्ड मिला है। रविवार से योजना का सारा काम ऑनलाइन हो गया है।
विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि आयुष्मान विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। इस योजना की विशेषता यह भी है कि यह योजना कैशलेस और कागजलेस भी है। सारा कार्य ऑनलाइन संपन्न करवाया जाएगा और परिवार के मुखिया व अन्य सदस्यों के फिंगर प्रिंट के आधार पर लाभार्थी को लाभ मिलेगा। यदि किसी सदस्य का दुर्घटना के समय फिंगर प्रिंट नहीं है तो तुरंत फिंगर प्रिंट तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के एक सदस्य पर एक लाख रुपये की राशि खर्च हो गई तो उस परिवार के खाते में चार लाख रुपये शेष रहेंगे। यदि उस परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों के उपचार पर पांच लाख रुपये एक वर्ष में खर्च हो गए तो उस परिवार को अगले वर्ष भी पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध हो सकेगा। लाभार्थियों की मदद के लिए सरकार ने वैबसाईट के साथ-साथ टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।
यह योजना है कागज रहित : स्कीम के तहत योजना से जुड़े परिवारों को हर साल पांच लाख तक का फ्री इलाज मिलेगा। इसमें सामान्य चिकित्सा और शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं से लेकर कार्डियोवेस्कुलर और कैंसर सहित 1300 से अधिक चिकित्सा प्रक्रिया के लिए रोगियों को सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत पूरी तरह नगद रहित कागज रहित पोर्टेबल और विश्व स्तरीय आईटी हाउस वाले होंगे। इसके अंतर्गत सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों में उपलब्ध को बेहतर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। जिला आयुष्मान योजना की मैनेजर सोहन ने बताया कि योजना का ट्रेलर पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
योजना के तहत 12 अस्पताल हुए फाइनल : इस योजना के तहत जिले के 21 निजी अस्पताल योजना से जुड़ने के लिए आगे आए हैं। 12 अस्पताल योजना से पूरी तरह से जुड़ चुके हैं। वहीं नौ अस्पतालों की प्रक्रिया प्रोसेस में है। जो अस्पताल जुड़े हैं उनकी ट्रेनिंग भी शुरू हो चुकी है। इस योजना से आशा वर्करों को भी जोड़ा जा रहा है। यह वर्कर अपने एरिया में जाकर पात्र परिवारों को ढूंढेंगे और उनका कार्ड बनवाने में मदद करेगी।
विज्ञापन
150 मरीजों का डाटा जल्द होगा अपडेट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। आयुष्मान भारत योजना की रविवार को विधायक महिपाल ढांडा और रोहिता रेवड़ी ने यहां शुरुआत की। इस योजना के तहत फिलहाल जिले के 150 परिवारों के कार्ड ट्रायल तौर पर बनाए गए थे। इनको दोबारा जीरो कर दिया गया है। जिन परिवारों के कार्ड बनाए गए हैं, उनका रिकॉर्ड भी दोबारा स्कैन करके चढ़ाया जाएगा। रविवार को योजना के शुभारंभ पर सात लोगों को गोल्डन कार्ड मिला है। रविवार से योजना का सारा काम ऑनलाइन हो गया है।
विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि आयुष्मान विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। इस योजना की विशेषता यह भी है कि यह योजना कैशलेस और कागजलेस भी है। सारा कार्य ऑनलाइन संपन्न करवाया जाएगा और परिवार के मुखिया व अन्य सदस्यों के फिंगर प्रिंट के आधार पर लाभार्थी को लाभ मिलेगा। यदि किसी सदस्य का दुर्घटना के समय फिंगर प्रिंट नहीं है तो तुरंत फिंगर प्रिंट तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के एक सदस्य पर एक लाख रुपये की राशि खर्च हो गई तो उस परिवार के खाते में चार लाख रुपये शेष रहेंगे। यदि उस परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों के उपचार पर पांच लाख रुपये एक वर्ष में खर्च हो गए तो उस परिवार को अगले वर्ष भी पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध हो सकेगा। लाभार्थियों की मदद के लिए सरकार ने वैबसाईट के साथ-साथ टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।
विज्ञापन
यह योजना है कागज रहित : स्कीम के तहत योजना से जुड़े परिवारों को हर साल पांच लाख तक का फ्री इलाज मिलेगा। इसमें सामान्य चिकित्सा और शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं से लेकर कार्डियोवेस्कुलर और कैंसर सहित 1300 से अधिक चिकित्सा प्रक्रिया के लिए रोगियों को सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत पूरी तरह नगद रहित कागज रहित पोर्टेबल और विश्व स्तरीय आईटी हाउस वाले होंगे। इसके अंतर्गत सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों में उपलब्ध को बेहतर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। जिला आयुष्मान योजना की मैनेजर सोहन ने बताया कि योजना का ट्रेलर पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
योजना के तहत 12 अस्पताल हुए फाइनल : इस योजना के तहत जिले के 21 निजी अस्पताल योजना से जुड़ने के लिए आगे आए हैं। 12 अस्पताल योजना से पूरी तरह से जुड़ चुके हैं। वहीं नौ अस्पतालों की प्रक्रिया प्रोसेस में है। जो अस्पताल जुड़े हैं उनकी ट्रेनिंग भी शुरू हो चुकी है। इस योजना से आशा वर्करों को भी जोड़ा जा रहा है। यह वर्कर अपने एरिया में जाकर पात्र परिवारों को ढूंढेंगे और उनका कार्ड बनवाने में मदद करेगी।