फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   13 percent of newborns in the district are deprived of vaccination

Panipat News: जिले के 13 प्रतिशत नवजात टीकाकरण से वंचित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2025 02:08 AM IST
विज्ञापन
13 percent of newborns in the district are deprived of vaccination
-
विज्ञापन


पानीपत । जिले में 13 प्रतिशत नवजात आज भी नियमित टीकाकरण से वंचित है। इन नवजातों में अधिकतर वे हैं जो ईंट भट्ठों, फैक्ट्ररियों , झुग्गी- झोपड़ियों व बाहरी कॉलोनियों में रहते हैं। नियमित टीकाकरण से वंचित रहने के कारण नवजात गलघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, दिमागी बुखार और पीलिया , डायरिया, बुखार-उल्टी जैसी बीमारियों से घिर रहे हैं। पिछले पांच साल में जिले में विभिन्न कारणों से 250 से अधिक नवजातों की मौत हो चुकी है।
पानीपत का टीकाकरण प्रतिशत बढ़ने की बजाय लगातार कम हो रहा है। सात साल पहले यह 93 प्रतिशत था अब यह घटकर 87 प्रतिशत पर आ चुका है। यह स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है। साल 2022-2023 में पानीपत का टीकाकरण 98 प्रतिशत दर्शाया गया है। इस आंकड़े पर सवाल उठ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) टीकाकरण की योजना बनाता है। यूनिसेफ फंड मुहैया कराता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में करीब 75 फीसदी बच्चों का ही टीकाकरण होता है।
विज्ञापन

बूस्टर टीका से तो करीब 40 फीसदी बच्चे वंचित रह जाते हैं। टीकाकरण में पिछड़ने का बड़ा कारण अभिभावकों की लापरवाही, विभागीय टीमों का आउट रिच तक नहीं पहुंचना और संबंधित विभागों की सुस्ती को माना जाता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



बच्चों का होने वाला टीकाकरण-

डेढ़ माह में ओपीवी, पैंटावेलेंट, रोटावायरस, पीसीवी और आइपीवी


ढाई माह में ओपीवी, पेंटावेलेंट और रोटावायरस का टीका-वैक्सीन

साढ़े तीन माह में ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटावायरस, पीसीवी और आइसीवी
नौ माह में एमआर, जेई, विटामिन-ए, पीसीवी बूस्टर



16 से 24 माह में डीपीटी बूस्टर, विटामिन-ए, एमआर-जेई, ओपीवी बूस्टर



पांच-छह आयु में डीपीटी बूस्टर-टू

10 साल की आयु में टीडी

16 साल की आयु में टीडी टीका-वैकसीन और लाभ :

बीसीजी : टीबी के खतरे को कम करता है।

ओपीवी : यह वैक्सीन पोलियो का खतरा कम करती है।

पैंटावैलेंट : गलघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, दिमागी बुखार और पीलिया का खतरा कम।

रोटावायरस : डायरिया, बुखार-उल्टी का खतरा कम करता है।

पीसीवी : निमोनिया, दिमागी बुखार व कान के संक्रमण को कम करता है।

आइपीवी : यह पोलियो रोधी वैक्सीन है।

एमआर : यह टीका मीजल्स (खसरा) और रूबेला (जर्मन खसरा) से बचाता है।

जेई : यह टीका बच्चों को जापानी बुखार से बचाता है।

टीडी : यह बूस्टर टीका है, टिटनेस और गलघोंटू से बचाव करता है।

साल- टीकाकरण प्रतिशत

2018-19- 93



2019-20- 92



2020-21- 84



2021-22- 88



2022-23- 98



2023-24- 88



2024-25- 87



वर्जन-



जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि उनके पास नियमित टीकाकरण की रिपोर्ट आई है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। प्रयास है कि जिले के हर बच्चे का टीकाकरण किया जाए। झुग्गी झोपड़ियों, ईंट भट्ठों व फैक्ट्ररियों पर फोकस रहेगा। बिना टीकाकरण के स्वास्थ्य केंद्रों से जच्चा बच्चा को डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। नियमित टीकाकरण को बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed