{"_id":"5d6d77998ebc3e01431bf3c6","slug":"village-sunpade-firecase-pkl-office-news-pkl349408949","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुनपेड़ अग्निकांड: बचाव पक्ष की बहस के लिए याचिका, सीबीआई ने दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुनपेड़ अग्निकांड: बचाव पक्ष की बहस के लिए याचिका, सीबीआई ने दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट
Tue, 03 Sep 2019 02:23 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2019 02:23 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद में बल्लभगढ़ के सुनपेड़ मामले में सोमवार को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। सीबीआई द्वारा 11 आरोपियों की ओर से दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट पर बचाव पक्ष ने बहस के लिए याचिका लगाई। सीबीआई कोट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 नवंबर की तारीख तय की है।
बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार और अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि सीबीआई को इस केस में अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। सीबीआई की ओर से फॉरेंसिंक रिपोर्ट में भी जितने नामजद है उनकी कोई इनवाल्वमेंट सामने नहीं आई है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि सभी आरोपियों पर यह मामला आपसी रंजिश के चलते दर्ज करवाया गया था।
उन्होंने बताया कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। इसलिए अब बचाव पक्ष की ओर से बहस की याचिका लगाई गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। 26 नवंबर को सीबीआई कोर्ट द्वारा इस रिपोर्ट के आधार पर बड़ा फैसला सुनाया जा सकता है।
विज्ञापन
क्या था मामला
फरीदाबाद के गांव सुनपेड़ में 20 अक्टूबर 2015 को जितेंद्र का परिवार जिस कमरे में सोया हुआ था उसमें रात को किसी ने ज्वलनशील पदार्थ फेंककर आग लगा दी थी। घटना में जितेंद्र के दो मासूम बच्चे दिव्या और वैभव की मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी रेखा झुलस गई थी।
घटना में राजपूत समुदाय के 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में कोर्ट से राजपूत समुदाय के सभी 11 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष की मांग पर 27 अक्टूबर 2015 को इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। जिस पर पीड़ित पक्ष ने भी अपनी सहमति जाहिर की थी।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार और अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि सीबीआई को इस केस में अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। सीबीआई की ओर से फॉरेंसिंक रिपोर्ट में भी जितने नामजद है उनकी कोई इनवाल्वमेंट सामने नहीं आई है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि सभी आरोपियों पर यह मामला आपसी रंजिश के चलते दर्ज करवाया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई थी। इसलिए अब बचाव पक्ष की ओर से बहस की याचिका लगाई गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। 26 नवंबर को सीबीआई कोर्ट द्वारा इस रिपोर्ट के आधार पर बड़ा फैसला सुनाया जा सकता है।
विज्ञापन
क्या था मामला
फरीदाबाद के गांव सुनपेड़ में 20 अक्टूबर 2015 को जितेंद्र का परिवार जिस कमरे में सोया हुआ था उसमें रात को किसी ने ज्वलनशील पदार्थ फेंककर आग लगा दी थी। घटना में जितेंद्र के दो मासूम बच्चे दिव्या और वैभव की मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी रेखा झुलस गई थी।
घटना में राजपूत समुदाय के 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में कोर्ट से राजपूत समुदाय के सभी 11 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष की मांग पर 27 अक्टूबर 2015 को इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। जिस पर पीड़ित पक्ष ने भी अपनी सहमति जाहिर की थी।