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Panchkula News: बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं में शामिल होंगे पीड़ितों के सुझाव
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जल स्रोत विभाग की ओर से बनाए जाने वाली भावी बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं में बाढ़ पीड़ितों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। यह सुझाव व फीडबैक मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जाकर पीड़ितों से ले रहे हैं। विभाग के आला अफसर व संबंधित जिला प्रशासनिक अफसर भी उनके साथ रहते हैं।
दरअसल पंजाब में बाढ़ की जो स्थिति बनी है, वह सूबे के इतिहास में बड़ी जल त्रासदी है। इस त्रासदी में बचाव व राहत कार्याें के साथ-साथ पंजाब सरकार इस चिंतन-मंथन में भी जुटी है कि आखिरकार बाढ़ की स्थिति इतनी खतरनाक कैसे बन गई। इसके लिए सीएम जहां एक ओर संबंधित विभागों के आला अफसरों से जानकारी जुटा रहे हैं, वहीं मान उन लोगों से भी इसका कारण जानना चाहते हैं, जिन्होंने बाढ़ की मार झेली है।
विभिन्न जिलों में दरियाओं के किनारे बसे कई गांव ऐसे हैं, जिनके तटबंध या तो टूट गए या फिर वहां अभी तक तटबंध ही नहीं हैं। बाढ़ पीड़ितों से संवाद के दौरान लोगों ने सीएम मान को बताया कि जो तटबंध उनके गांवों में बने हुए हैं, वे कच्चे हैं और कई जगह मरम्मत की जरूरत है। साथ ही लोगों ने यह भी बताया कि बाढ़ का पानी कहां से आया और यदि वहां भी तटबंध होते तो स्थिति खतरनाक होने से बच जाती।
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सीएम ने भी उनके सुझावों को बहुत गंभीरता से सुन रहे हैं। सीएम के अनुसार बाढ़ प्रबंध के इंतजाम पुख्ता थे मगर जिन लोगों ने आफत झेली है, उनका फीडबैक व सुझाव बाढ़ नियंत्रण संबंधित परियोजनाओं को और पुख्ता बनाने में सहायक होंगे। लिहाजा यह देखा जाएगा कि कहां नए बांध बनाने की जरूरत है और कहां नई नहरों का जाल बिछाने की।
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चंडीगढ़। जल स्रोत विभाग की ओर से बनाए जाने वाली भावी बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं में बाढ़ पीड़ितों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। यह सुझाव व फीडबैक मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जाकर पीड़ितों से ले रहे हैं। विभाग के आला अफसर व संबंधित जिला प्रशासनिक अफसर भी उनके साथ रहते हैं।
दरअसल पंजाब में बाढ़ की जो स्थिति बनी है, वह सूबे के इतिहास में बड़ी जल त्रासदी है। इस त्रासदी में बचाव व राहत कार्याें के साथ-साथ पंजाब सरकार इस चिंतन-मंथन में भी जुटी है कि आखिरकार बाढ़ की स्थिति इतनी खतरनाक कैसे बन गई। इसके लिए सीएम जहां एक ओर संबंधित विभागों के आला अफसरों से जानकारी जुटा रहे हैं, वहीं मान उन लोगों से भी इसका कारण जानना चाहते हैं, जिन्होंने बाढ़ की मार झेली है।
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विभिन्न जिलों में दरियाओं के किनारे बसे कई गांव ऐसे हैं, जिनके तटबंध या तो टूट गए या फिर वहां अभी तक तटबंध ही नहीं हैं। बाढ़ पीड़ितों से संवाद के दौरान लोगों ने सीएम मान को बताया कि जो तटबंध उनके गांवों में बने हुए हैं, वे कच्चे हैं और कई जगह मरम्मत की जरूरत है। साथ ही लोगों ने यह भी बताया कि बाढ़ का पानी कहां से आया और यदि वहां भी तटबंध होते तो स्थिति खतरनाक होने से बच जाती।
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सीएम ने भी उनके सुझावों को बहुत गंभीरता से सुन रहे हैं। सीएम के अनुसार बाढ़ प्रबंध के इंतजाम पुख्ता थे मगर जिन लोगों ने आफत झेली है, उनका फीडबैक व सुझाव बाढ़ नियंत्रण संबंधित परियोजनाओं को और पुख्ता बनाने में सहायक होंगे। लिहाजा यह देखा जाएगा कि कहां नए बांध बनाने की जरूरत है और कहां नई नहरों का जाल बिछाने की।