{"_id":"6944551820823fe9db0031f7","slug":"twenty-lakh-rupees-were-extorted-by-threatening-to-disconnect-the-gas-connection-a-case-has-been-registered-based-on-the-banks-complaint-panchkula-news-c-71-1-mli1010-136986-2025-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर 20 लाख ठगे, बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर 20 लाख ठगे, बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज
विज्ञापन
मोहाली। पंजाब पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाने में 20 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला एचडीएफसी बैंक की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। शिकायत बैंक के मिलरगंज लुधियाना शाखा के ब्रांच मैनेजर मोहित भाटिया ने 11 दिसंबर को ई-मेल के माध्यम से दी थी। शिकायत के अनुसार बैंक के ग्राहक मीना फड़के और प्रभाकर फड़के साइबर ठगी का शिकार हुए। 7 दिसंबर 2025 को मीना फड़के को अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर खुद को महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) का कर्मचारी बताया और गैस कनेक्शन काटने की धमकी दी।
भय और दबाव में आकर पीड़िता से बैंकिंग व निजी जानकारी हासिल की गई। आरोप है कि ठगों ने उन्हें एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करवाई, इससे मोबाइल पर पूरा नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के खाते से आईएमपीएस के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 20 लाख रुपये की रकम निकाल ली। इनमें से 10 लाख रुपये यूको बैंक के खातों में और 10 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए, जो लुधियाना निवासी विशाल चावला के नाम पर बताया गया है। 8 दिसंबर को ही विशाल चावला ने खाते में आई रकम में से करीब 9.70 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत 8 दिसंबर को गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन तब तक राशि निकाली जा चुकी थी।
बैंक का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साइबर अपराध और आपराधिक साजिश है। इसमें फर्जी पहचान, भय का माहौल, तकनीकी माध्यम से ठगी और त्वरित निकासी शामिल है। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भय और दबाव में आकर पीड़िता से बैंकिंग व निजी जानकारी हासिल की गई। आरोप है कि ठगों ने उन्हें एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करवाई, इससे मोबाइल पर पूरा नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के खाते से आईएमपीएस के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 20 लाख रुपये की रकम निकाल ली। इनमें से 10 लाख रुपये यूको बैंक के खातों में और 10 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए, जो लुधियाना निवासी विशाल चावला के नाम पर बताया गया है। 8 दिसंबर को ही विशाल चावला ने खाते में आई रकम में से करीब 9.70 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत 8 दिसंबर को गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन तब तक राशि निकाली जा चुकी थी।
विज्ञापन
बैंक का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साइबर अपराध और आपराधिक साजिश है। इसमें फर्जी पहचान, भय का माहौल, तकनीकी माध्यम से ठगी और त्वरित निकासी शामिल है। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन