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हरियाणा : सीएम मनोहर लाल बोले, 50 हार्स पावर से कम बिजली ट्यूबवेल को सोलर ऊर्जा में बदला जाएगा
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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में 50 हॉर्स पावर से कम खेती में प्रयोग किए जा रहे बिजली पर आधारित ट्यूबवेल सौर ऊर्जा में बदलने के निर्देश दिए हैं। वीरवार को यहां प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएमकुसुम) के तहत सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत कर किसानों को सोलर पंप सौंपे। कार्यक्रम में बिजली मंत्री रणजीत सिंह मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के डीसी ऑनलाइन इससे जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल हरियाणा सरकार का 50 हजार सोलर पंप सेट लगाए जाने का लक्ष्य है। इन पंपों पर सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इस दौरान सीएम ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया और सोलर वाटर पंपिंग प्रोग्राम की पुस्तिका और उपयोगिता पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात साल पहले केवल 492 सोलर पंप ही लगवाए गए थे। अब सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली अनिवार्य रुप से लगाई गई है। पिछले 7 वर्षों में 25897 सोलर पंप सेट लगाए हैं और इस वर्ष 13800 पंप सेट लगाने का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने सौर पंप लगाने वाली हिसार की महिला किसान कृष्णा, त्रिलोक सिंह और नूहं से शशी आहूजा व ईसाक खान से संवाद किया।
गुजरात के बाद हरियाणा अव्वल
सीएम ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जहां वर्ष के दौरान 320 दिन सूर्य की रोशनी अधिक मिलती है। गुजरात के बाद हरियाणा देश का दूसरा राज्य है जिसने सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है। अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा एप्लीकेशन का मुख्यालय भी गुरुग्राम में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य लगभग 80 लाख एकड़ भूमि है। इसमें से 75 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई हो पाती है। शेष भूमि पर सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता है।
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2024 तक पंचकूला में 20 प्रतिशत सौर ऊर्जा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला शहर की बिजली खपत वर्ष 2024 तक 20 प्रतिशत सौर ऊर्जा से करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा कचरे से कंचन योजना के तहत सोनीपत व गुरुग्राम में कचरे से बिजली बनाने की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस वर्ष 22 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया है जिसे पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्ष 22-23 में 50 हजार सोलर पम्प लगाए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल हरियाणा सरकार का 50 हजार सोलर पंप सेट लगाए जाने का लक्ष्य है। इन पंपों पर सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इस दौरान सीएम ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया और सोलर वाटर पंपिंग प्रोग्राम की पुस्तिका और उपयोगिता पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात साल पहले केवल 492 सोलर पंप ही लगवाए गए थे। अब सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली अनिवार्य रुप से लगाई गई है। पिछले 7 वर्षों में 25897 सोलर पंप सेट लगाए हैं और इस वर्ष 13800 पंप सेट लगाने का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने सौर पंप लगाने वाली हिसार की महिला किसान कृष्णा, त्रिलोक सिंह और नूहं से शशी आहूजा व ईसाक खान से संवाद किया।
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गुजरात के बाद हरियाणा अव्वल
सीएम ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जहां वर्ष के दौरान 320 दिन सूर्य की रोशनी अधिक मिलती है। गुजरात के बाद हरियाणा देश का दूसरा राज्य है जिसने सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है। अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा एप्लीकेशन का मुख्यालय भी गुरुग्राम में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य लगभग 80 लाख एकड़ भूमि है। इसमें से 75 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई हो पाती है। शेष भूमि पर सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता है।
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2024 तक पंचकूला में 20 प्रतिशत सौर ऊर्जा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला शहर की बिजली खपत वर्ष 2024 तक 20 प्रतिशत सौर ऊर्जा से करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा कचरे से कंचन योजना के तहत सोनीपत व गुरुग्राम में कचरे से बिजली बनाने की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस वर्ष 22 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया है जिसे पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्ष 22-23 में 50 हजार सोलर पम्प लगाए जाएंगे।