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Panchkula News: 10 साल पुराने सड़क हादसे में ट्रक चालक बरी, ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रायपुररानी क्षेत्र में करीब 10 साल पहले हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा की अदालत ने ट्रक चालक राजेश कुमार को बरी कर दिया। अदालत ने तीन अप्रैल 2019 को ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए अपील मंजूर कर ली। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय ट्रक राजेश कुमार चला रहा था और उसने वाहन लापरवाही से चलाया था। ऐसे में आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
मामला छह नवंबर 2016 का है। पुलिस के अनुसार बागवाड़ी बस स्टैंड पर खड़े ऑटो को पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में ऑटो पलट गया और कई लोग घायल हुए थे। घायलों में शामिल श्यो राम की पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने राजेश कुमार को धारा 279, 337, 338 और 304-ए के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
मैकेनिकल रिपोर्ट से भी उठे सवाल
अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने ऑटो की मैकेनिकल जांच रिपोर्ट पर गौर किया। इसमें टेल लाइट और रियर इंडिकेटर क्षतिग्रस्त नहीं पाए गए। इससे पीछे से ट्रक की टक्कर की अभियोजन कहानी पर संदेह पैदा हुआ। एफआईआर भी शुरुआत में अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज हुई थी। ट्रक मालिक और उसके भाई को गवाह नहीं बनाया गया, जबकि ऑटो चालक सिंगारा सिंह की भी गवाही नहीं हुई। इन परिस्थितियों में अभियोजन आरोपी की पहचान और लापरवाही संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
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पंचकूला। रायपुररानी क्षेत्र में करीब 10 साल पहले हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा की अदालत ने ट्रक चालक राजेश कुमार को बरी कर दिया। अदालत ने तीन अप्रैल 2019 को ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए अपील मंजूर कर ली। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय ट्रक राजेश कुमार चला रहा था और उसने वाहन लापरवाही से चलाया था। ऐसे में आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
मामला छह नवंबर 2016 का है। पुलिस के अनुसार बागवाड़ी बस स्टैंड पर खड़े ऑटो को पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में ऑटो पलट गया और कई लोग घायल हुए थे। घायलों में शामिल श्यो राम की पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने राजेश कुमार को धारा 279, 337, 338 और 304-ए के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
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मैकेनिकल रिपोर्ट से भी उठे सवाल
अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने ऑटो की मैकेनिकल जांच रिपोर्ट पर गौर किया। इसमें टेल लाइट और रियर इंडिकेटर क्षतिग्रस्त नहीं पाए गए। इससे पीछे से ट्रक की टक्कर की अभियोजन कहानी पर संदेह पैदा हुआ। एफआईआर भी शुरुआत में अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज हुई थी। ट्रक मालिक और उसके भाई को गवाह नहीं बनाया गया, जबकि ऑटो चालक सिंगारा सिंह की भी गवाही नहीं हुई। इन परिस्थितियों में अभियोजन आरोपी की पहचान और लापरवाही संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
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