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स्पेशल टॉय ट्रेन का संचालन न होने से यात्रियों में मायूसी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2016 12:37 AM IST
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यात्रियों में मायूसी
- फोटो : अमर उजाला
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कालका से शिमला के बीच स्पेशल टॉय ट्रेन का संचालन न होने से सैलानियों में मायूसी है। उन्हें भीड़ का सामना करके सफर करना पड़ रहा है। सैलानियों ने रेल अधिकारियों से स्पेशल ट्रेन के संचालन की मांग की है। वहीं भीड़ के चलते बड़ी संख्या में सैलानी बसों में सफर करने को मजबूर हैं।
कालका रेलवे स्टेशन पर जैसे-जैसे जून का महीना नजदीक आ रहा है सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार को भी स्टेशन पर सैलानियों की खासी भीड़ देखने को मिली। वहीं कालका से शिमला जाने वाली टॉय ट्रेन का नजारा भी कुछ अलग ही दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग टॉय ट्रेन में लटक कर सफर करते दिखाई दिए।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हर बार यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो स्पेशल टॉय ट्रेन का संचालन किया जाता है। लेकिन इस बार व्हील की समस्या के कारण स्पेशल टॉय ट्रेनों के चलने पर विभाग कोई संतोषजनक जवाब नही दे रहा है।
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शनिवार को जैसे ही हिमालयन क्वीन कालका स्टेशन पर पहुंची तो सैलानियों का हुजूम कालका शिमला टॉय ट्रेन की ओर दौड़ पड़ा। लेकिन यात्रियों के चेहरे उस समय उदास हो गए जब उन्होंने देखा कि ट्रेन पहले की खचाखच भरी है।
जयपुर से परिवार के साथ पहुंचे रजत, दिल्ली से विपिन और जोधपुर से आए पीआर चौहान ने बताया कि वह विश्वास मेडिटेशन द्वारा डगसई में लगने वाले कैंप में भाग लेने के लिए जा रहे हैं। 28 अप्रैल से मई माह तक कैंप चलता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
कालका शिमला ट्रेन की सहायता से धर्मपुर तक का गंतव्य तय करते है। वह हर साल कैंप में कालका शिमला टॉय ट्रेन में बैठ कर धर्मपुर तक का सफर करते हैं। इस बार भी उन्हें यही आशा थी, लेकिन ट्रेन में भीड़ के चलने निराशा हाथ लगी। कालका-शिमला रेलमार्ग से सफर कराने में अब भी विभाग पूरी तरह सक्षम नहीं है।
पहाड़ों में आग लगने से टॉय ट्रेन रोकी
कालका। विश्व धरोहर में शामिल कालका शिमला रेल खंड पर शनिवार को कोटी रेलवे स्टेशन के पास पहाड़ों में आग लगने के कारण कुछ समय के लिए टॉय ट्रेन को रेलवे ने रोक दिया। ऐसे में टॉय ट्रेन में सवार यात्री ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब साढ़े छह बजे हिमाचल के जाबली और सनवारा के गेट नंबर चार के समीप पहाड़ों में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही रेल विभाग ने शिमला जा रही टॉय ट्रेन को कोटी रेलवे स्टेशन पर 10 मिनट के लिए रोक दिया। कालका रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार पहाड़ में आग लगने के कारण ट्रेन को सुरक्षा की दृष्टि से रोका गया था और अन्य किसी ट्रेन के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
रेल लाइन पर गिरा पेड़, एक घंटे खड़ी रही ट्रेन
कालका। कालका-शिमला रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब एक घंटा टॉय ट्रेन बड़ोग स्टेशन पर खड़ी रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह चार बजे कालका स्टेशन से शिमला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन करीब 6:35 पर बड़ोग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वहीं सोलन और बड़ोग रेल लाइन किलो मीटर नंबर 45 के 12, 13 पर देर रात चली तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने से बड़ोग स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्री लाइन क्लीयर होने का इंतजार करते दिखे। वहीं करीब एक घंटे बाद ट्रैक क्लीयर होने के चलते 7:42 बजे ट्रेन बड़ोग से रवाना हुई।
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कालका रेलवे स्टेशन पर जैसे-जैसे जून का महीना नजदीक आ रहा है सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार को भी स्टेशन पर सैलानियों की खासी भीड़ देखने को मिली। वहीं कालका से शिमला जाने वाली टॉय ट्रेन का नजारा भी कुछ अलग ही दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग टॉय ट्रेन में लटक कर सफर करते दिखाई दिए।
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स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हर बार यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो स्पेशल टॉय ट्रेन का संचालन किया जाता है। लेकिन इस बार व्हील की समस्या के कारण स्पेशल टॉय ट्रेनों के चलने पर विभाग कोई संतोषजनक जवाब नही दे रहा है।
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शनिवार को जैसे ही हिमालयन क्वीन कालका स्टेशन पर पहुंची तो सैलानियों का हुजूम कालका शिमला टॉय ट्रेन की ओर दौड़ पड़ा। लेकिन यात्रियों के चेहरे उस समय उदास हो गए जब उन्होंने देखा कि ट्रेन पहले की खचाखच भरी है।
जयपुर से परिवार के साथ पहुंचे रजत, दिल्ली से विपिन और जोधपुर से आए पीआर चौहान ने बताया कि वह विश्वास मेडिटेशन द्वारा डगसई में लगने वाले कैंप में भाग लेने के लिए जा रहे हैं। 28 अप्रैल से मई माह तक कैंप चलता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
कालका शिमला ट्रेन की सहायता से धर्मपुर तक का गंतव्य तय करते है। वह हर साल कैंप में कालका शिमला टॉय ट्रेन में बैठ कर धर्मपुर तक का सफर करते हैं। इस बार भी उन्हें यही आशा थी, लेकिन ट्रेन में भीड़ के चलने निराशा हाथ लगी। कालका-शिमला रेलमार्ग से सफर कराने में अब भी विभाग पूरी तरह सक्षम नहीं है।
पहाड़ों में आग लगने से टॉय ट्रेन रोकी
कालका। विश्व धरोहर में शामिल कालका शिमला रेल खंड पर शनिवार को कोटी रेलवे स्टेशन के पास पहाड़ों में आग लगने के कारण कुछ समय के लिए टॉय ट्रेन को रेलवे ने रोक दिया। ऐसे में टॉय ट्रेन में सवार यात्री ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब साढ़े छह बजे हिमाचल के जाबली और सनवारा के गेट नंबर चार के समीप पहाड़ों में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही रेल विभाग ने शिमला जा रही टॉय ट्रेन को कोटी रेलवे स्टेशन पर 10 मिनट के लिए रोक दिया। कालका रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार पहाड़ में आग लगने के कारण ट्रेन को सुरक्षा की दृष्टि से रोका गया था और अन्य किसी ट्रेन के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
रेल लाइन पर गिरा पेड़, एक घंटे खड़ी रही ट्रेन
कालका। कालका-शिमला रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब एक घंटा टॉय ट्रेन बड़ोग स्टेशन पर खड़ी रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह चार बजे कालका स्टेशन से शिमला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन करीब 6:35 पर बड़ोग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वहीं सोलन और बड़ोग रेल लाइन किलो मीटर नंबर 45 के 12, 13 पर देर रात चली तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने से बड़ोग स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्री लाइन क्लीयर होने का इंतजार करते दिखे। वहीं करीब एक घंटे बाद ट्रैक क्लीयर होने के चलते 7:42 बजे ट्रेन बड़ोग से रवाना हुई।