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Haryana News: नॉन एससीएस कोटे से तीन और अफसर बनेंगे IAS, 2021 में खाली हुए थे पद

Thu, 27 Oct 2022 01:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 27 Oct 2022 01:39 AM IST
सार

पहले की सरकारें डिस्क्रिशनरी पावर का इस्तेमाल कर नामों का चयन कर आईएएस बनाने के लिए केंद्र को भेजती थीं। उनमें से ही आईएएस अफसरों की नियुक्ति होती थी। अब मनोहर सरकार ने इस प्रथा को बदलने के लिए बड़ा कदम उठाया और डिस्क्रिशनरी पावर को खत्म किया।

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Three more officers will become IAS from non-SCS quota
आईएएस : भारतीय प्रशासनिक सेवा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हरियाणा में आने वाले दिनों में नॉन एससीएस कोटे से तीन और अफसर आईएएस बनेंगे। प्रदेश सरकार वर्ष 2021 में खाली हुए नॉन एससीएस कोटे के तीन पदों को जल्दी भरने जा रही है। आईएएस के इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। सभी विभागों से नियम और शर्तों को पूरा करने वाले अफसरों के नाम मांगे जाएंगे।

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प्रदेश सरकार आवेदकों के आवेदन को नियमों की कसौटी पर परखेगी। उसके बाद नाम शॉर्टलिस्ट कर लिखित परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा में पास होने वाले अफसरों में से तीन पदों के लिए कम से कम 12 के नाम केंद्र सरकार को भेजे जा सकते हैं। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तीन अफसरों को आईएएस बनाने की अधिसूचना जारी करेगा। हालांकि, यह लंबी प्रक्रिया है, जिसे पूरा करने में समय लगता है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आईएएस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। राज्य सरकार की शक्तियों को खत्म करने के परिणामस्वरूप नॉन-एससीएस (गैर राज्य सिविल सेवा) कोटे से मंगलवार को ही चार अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त हुए हैं। सेलेक्ट लिस्ट 2019 के लिए नियुक्त सूची में डॉ. विवेक भारती, डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, डॉ. जयइंदर सिंह छिल्लर और डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी शामिल हैं।
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पहले की सरकारें डिस्क्रिशनरी पावर का इस्तेमाल कर नामों का चयन कर आईएएस बनाने के लिए केंद्र को भेजती थीं। उनमें से ही आईएएस अफसरों की नियुक्ति होती थी। उन्होंने इस प्रथा को बदलने के लिए बड़ा कदम उठाया और डिस्क्रिशनरी पावर को खत्म किया। पहली बार नॉन-एससीएस कोटे से आईएएस बनने के लिए परीक्षा का आयोजन उन्होंने भाजपा सरकार में ही शुरू करवाया। इस अनूठी और सकारात्मक पहल को अन्य राज्य सरकारें भी अपने प्रदेश में लागू करने पर विचार कर रही हैं।

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