फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The sword of deportation hangs on 78 year old Sikh woman

Panchkula News: 78 साल की सिख महिला पर लटकी निर्वासन की तलवार

Tue, 28 Nov 2023 01:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Nov 2023 01:31 AM IST
विज्ञापन
The sword of deportation hangs on 78 year old Sikh woman
चंडीगढ़। ब्रिटेन में 78 साल की सिख बुजुर्ग महिला पर अब निर्वासन की तलवार लटक रही है। वह 2009 में ब्रिटेन गई थीं और तब से वहां पर स्मेथविक में रह रही हैं। यह मामला पहली बार 2019 में सामने आया था, जबकि उनके वहां पर रहने की स्थानीय सरकार वहां पर ठहरने की याचिका को रद्द कर चुकी है। वहीं, बुजुर्ग के निर्वासन के खिलाफ अब वहां के लोग एकजुट हो गए हैं। हेल्प गुरमीत कौर स्टे इन द यूके नाम से चल रही समर्थन मुहिम चल रही है, जिस पर 65 हजार से अधिक लोगों ने उसके पक्ष में हस्ताक्षर किए हैं।
विज्ञापन

दायर याचिका में गया था कि गुरमीत का अपना कोई परिवार न तो ब्रिटेन में और न ही पंजाब में है। उसे स्मेथविक के स्थानीय सिख समुदाय ने गोद ले लिया है। गुरमीत ने यूके में रहने के लिए आवेदन किया था लेकिन उसे मना कर दिया गया। याचिका में कहा गया है गुरमीत एक बहुत ही दयालु और उदार महिला हैं, वह अपना अधिकांश दिन स्थानीय गुरुद्वारे में स्वयंसेवा करते हुए बिताती है। याचिका के अनुसार गुरमीत कौर 2009 में एक शादी के लिए यूके पहुंचीं और तब से स्मेथविक में रह रही हैं। उस समय उनके पास भारत वापस जाने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए वह अपने बेटे के साथ रहीं। हालांकि, उनके पति की मृत्यु हो चुकी है और वह अब अपने बच्चों से अलग हैं। वह आश्रय और सहायता के लिए स्मेथविक में समुदाय की दयालुता पर भरोसा कर रही है, और यह उसे दयालु चाची के रूप में संदर्भित करते हुए उसके आसपास जमा हो गया है। 2020 में समुदाय ने उनके बने रहने के अधिकार की लड़ाई में मदद करने के लिए रहम सभी गुरमीत कौर हैं अभियान शुरू किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed