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गन्ने के रस में फिर घुली सियायत की मिठास

Fri, 10 Sep 2021 02:11 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 02:11 AM IST
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The sweetness of politics again dissolved in sugarcane juice, leaving Punjab behind
चंडीगढ़। किसानों को रिझाने का कोई मौका केंद्र और हरियाणा सरकार नहीं छोड़ रही। गेहूं, जौ, चना फसलों की एमएसपी बढ़ने के अगले ही दिन मनोहर सरकार ने गन्ने का बाजार भाव बढ़ाकर किसानों को एक और सौगात दे दी। गन्ने के रस में घुली इस सियासी मिठास के अनेक मायने हैं।
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नए कृषि कानूनों के खिलाफ लामबंद किसान संगठनों को यह संदेश है कि उनके विरोध के बावजूद सरकार के किसान हितैषी निर्णय जारी रहेंगे। दूसरा कानूनों का समर्थन कर रहे प्रगतिशील और गरीब किसानों को आगे बढ़ाने से पीछे नहीं हटा जाएगा। तीसरा पंजाब को बता दिया कि गन्ने को राजनीति का केंद्र नहीं बनने देंगे।
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हरियाणा सरकार अपने ताजा दांव से फिर देश भर में गन्ने का सबसे अधिक मूल्य देने में अव्वल हो गई है। साथ ही किसानों के मामले में अपने बड़े भाई पंजाब को दोबारा पीछे छोड़ दिया है। पंजाब सरकार ने चंद दिन पहले ही आंदोलनरत किसानों को साधने के लिए गन्ने का बाजार भाव 360 रुपये कर खुद को सिरमौर बनाया था। लेकिन, उसके सिर यह ताज ज्यादा दिन तक नहीं सज पाया। हरियाणा ने ताजा वृद्घि से ताज तो छीना ही पंजाब से दो कदम आगे भी निकल गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसानों के मामले में बीते दिनों पंजाब से खुद को कई गुना आगे बता चुके हैं। उन्होंने आंकड़ों के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के हर सवाल का जवाब दिया था। जिस पर पंजाब सरकार कोई पलटवार नहीं कर पाई। प्रदेश सरकार गन्ने के रेट में वृद्घि को लेकर किसानों के बीच जाने की तैयारी में है। भाजपा का किसान प्रकोष्ठ इसका प्रचार-प्रसार करेगा।
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अमरिंदर का मुंह मीठा करवाने वाले मनोहर का भी करवाएं
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि सबसे अधिक रेट गन्ने का हरियाणा देता है। सात साल में हमने 52 रुपये बढ़ाए थे। अब 362 हो गए हैं। जब पंजाब सरकार ने गन्ने का रेट 360 रुपये किया था तो किसानों ने पंजाब के सीएम को मिठाई खिलाई थी। अब हरियाणा में गन्ने का रेट जयादा हो गया है, इसलिए जिन किसानों ने पंजाब के सीएम का मुंह मीठा करवाया था, वे हरियाणा के सीएम का भी मुंह मीठा करवाएं।सीएम मनोहर लाल को भी लड्डू खिलाएं।

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भाजपा सरकार को 634 रुपये करना चाहिए गन्ने का रेट : दीपेंद्र
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार को गन्ने का रेट 634 रुपये करना चाहिए। सात साल से सत्ता में बैठी भाजपा ने 362 रुपये ही मूल्य किया जो नाकाफी है। 2015-16 में रेट 317 रुपये था, इसलिए किसानों की आय दोगुनी करने के फार्मूला के तहत इसे दोगुना करना चाहिए था। पूर्व हुड्डा सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ने के रेट में रिकॉर्ड तोड़ 193 रुपये की बढ़ोतरी की थी। 117 रुपये से उन्होंने मूल्य को 310 रुपये तक पहुंचाया। भाजपा सरकार ने सात साल में मात्र 52 रुपये बढ़ाए हैं।
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