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चंडीगढ़ : निष्पक्ष जांच की मांग लेकर मृतक की मां पहुंची हाईकोर्ट, दोस्त की गोली से गई थी जान
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चंडीगढ़। अपने ही दोस्त की गोली का शिकार होकर जान गंवाने वाले युवक की मां ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। याची ने जांच क्राइम ब्रांच या एसएसपी की अगुवाई वाली एसआईटी को सौंपने की मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, डीजीपी और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका दाखिल करते हुए चरणजीत कौर ने एडवोकेट बरजेश शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसका बेटा हैप्पी संधू 21 जून, 2021 को अपने दोस्त इंदरजीत के घर मौजूद था। इस दौरान चली गोली उसके गले में लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन इस मामले की जांच सही दिशा में नहीं जा रही है।
याची ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कई निर्दोष लड़कों को फंसाया है जिनका इस घटना से लेना-देना नहीं था। जिन लड़कों ने उसके घायल बेटे की मदद की उनको भी केस में फंसा दिया गया। याची ने कहा कि यदि गोली गलती से चली थी तो इंदरजीत ने उसके बेटे को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया। इंदरजीत और उसके परिवार ने खून साफ किया जो सीधे तौर पर सबूत मिटाने का प्रयास है। मामले की जांच को क्राइम ब्रांच या एसएसपी की अगुवाई वाली एसआईटी को सौंपने की मांग को लेकर विभिन्न स्तर पर रिप्रेजेंटेशन दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद पंजाब सरकार, डीजीपी व जालंधर के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए चरणजीत कौर ने एडवोकेट बरजेश शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसका बेटा हैप्पी संधू 21 जून, 2021 को अपने दोस्त इंदरजीत के घर मौजूद था। इस दौरान चली गोली उसके गले में लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन इस मामले की जांच सही दिशा में नहीं जा रही है।
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याची ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कई निर्दोष लड़कों को फंसाया है जिनका इस घटना से लेना-देना नहीं था। जिन लड़कों ने उसके घायल बेटे की मदद की उनको भी केस में फंसा दिया गया। याची ने कहा कि यदि गोली गलती से चली थी तो इंदरजीत ने उसके बेटे को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया। इंदरजीत और उसके परिवार ने खून साफ किया जो सीधे तौर पर सबूत मिटाने का प्रयास है। मामले की जांच को क्राइम ब्रांच या एसएसपी की अगुवाई वाली एसआईटी को सौंपने की मांग को लेकर विभिन्न स्तर पर रिप्रेजेंटेशन दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद पंजाब सरकार, डीजीपी व जालंधर के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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