{"_id":"68e14efa72637f046102e5b4","slug":"the-government-has-strictly-implemented-the-safe-school-vehicle-policy-making-childrens-safety-a-priority-dr-baljeet-kaur-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-836375-2025-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने सेफ स्कूल वाहन नीति को सख्ती से किया लागू, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता : डॉ. बलजीत कौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने सेफ स्कूल वाहन नीति को सख्ती से किया लागू, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता : डॉ. बलजीत कौर
विज्ञापन
चंडीगढ़। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने सेफ स्कूल वाहन नीति को पूरे राज्य में लागू किया है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अगस्त में एक विशेष ड्राइव चलाई गई। इस दौरान 1,486 स्कूल वाहनों की जांच की गई और 561 चालान जारी किए गए। विशेष रूप से इस मुहिम के दौरान 187 स्कूलों में भी जांच की गई। 2022 से जुलाई 2025 तक पंजाब में कुल 13,819 स्कूल वाहनों की जांच की गई। इनमें से 4,351 वाहनों के चालान काटे गए और 87 को जब्त किया गया है। सभी स्कूल वाहन पीले रंग के होने चाहिए। उनमें कार्यशील आपातकालीन निकास द्वार होना चाहिए। सभी सीटें आगे की ओर होनी चाहिए। टेम्पर-प्रूफ स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए और दरवाजा खुलते ही हैजर्ड लाइट अपने आप जलनी चाहिए।
सामाजिक सुरक्षा विभाग ने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त समिति बनाई है, जो स्कूल वाहनों की निगरानी करती है और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अगस्त में एक विशेष ड्राइव चलाई गई। इस दौरान 1,486 स्कूल वाहनों की जांच की गई और 561 चालान जारी किए गए। विशेष रूप से इस मुहिम के दौरान 187 स्कूलों में भी जांच की गई। 2022 से जुलाई 2025 तक पंजाब में कुल 13,819 स्कूल वाहनों की जांच की गई। इनमें से 4,351 वाहनों के चालान काटे गए और 87 को जब्त किया गया है। सभी स्कूल वाहन पीले रंग के होने चाहिए। उनमें कार्यशील आपातकालीन निकास द्वार होना चाहिए। सभी सीटें आगे की ओर होनी चाहिए। टेम्पर-प्रूफ स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए और दरवाजा खुलते ही हैजर्ड लाइट अपने आप जलनी चाहिए।
विज्ञापन
सामाजिक सुरक्षा विभाग ने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त समिति बनाई है, जो स्कूल वाहनों की निगरानी करती है और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।
विज्ञापन