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तीज की मस्ती में ट्राइसिटी की महिलाएं सराबोर
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चंडीगढ़। एक ओर मेहंदी का स्टाल और दूसरी ओर चूड़ियों की खनकार इसके साथ ही गूंजता गीत...काला शा काला मेरा काला है सरदार गोरियां नू दफा करो..। मस्ती से भरे इस गीत में ट्राइसिटी की महिलाएं ने जमकर डांस किया। मौका था सेक्टर- 10 में स्थित होटल माउंटव्यू में आयोजित तीज के त्यौहार का। ‘तियां तीज दियां’ नामक इस कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मस्ती के साथ तीज का सेलिब्रेशन किया। इसका आयोजन तरुण मक्कड़ और गुरदर्शन बैंस ने किया। दोनों ने ही तीज के इस त्योहार को एकदम खास बना डाला। इस कार्यक्रम के दौरान गायिका आनंद ने पंजाबी के वह हिट ट्रैक सुनाए कि महिलाओं ने डांस फ्लोर छोड़ा ही नहीं। इस मौके पर आंचल ने मस्ती से भरे कई पंजाबी गीत सुनाए।
तियां तीज दियां की आयोजक तरुण मक्कड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम की थीम उन्होंने गुरदर्शन बैंस के साथ मिलकर रखी थी। अब तक वह चार बार इस कार्यक्रम का आयोजन कर चुकी हैं और अबकी बार कुछ अलग करना चाहती थीं, इसी वजह से इसका आयोजन होटल में किया गया। इसमें महिलाओं के लिए डांस के साथ ही मेहंदी और चूड़ियों का खास इंतजाम किया गया था। इसमें दोनों ही स्टॉल लगाए गए थे। चूड़ियों का स्टाल एकदम पारंपरिक तौर पर लगाया गया था, जिसमें महिलाएं चूड़ियां ले सकती थीं।
तरुण मक्कड़ ने कहा कि वास्तव में अब लोग संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और उसी वजह से उनकी कोशिश है कि वह पंजाब की लोक संस्कृति को आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में त्योहार का सेलिब्रेशन जिस मस्ती से किया जाता था, अब वैसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि दूनिया में सभी जगह पंजाब की संस्कृति को फालो किया जाता है। विदेशों में पंजाबी संस्कृति का जबरदस्त बोलबाला है। इस मौके पर गुरदर्शन बैंस ने कहा कि चंडीगढ़ की महिलाएं हर त्योहार को मनाती हैं। तीज की मस्ती कुछ अलग होती है और इसी वजह से यहां गायिका अंचल को बुलाया गया और उसके साथ ही विरसा ग्रुप को भी बुलाया गया। इस मौके पर कन्नू और अमन ने कहा कि वास्तव में तीज फेस्टिवल को यहां सेलिब्रेट करने का अपना अलग आनंद रहा।
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तियां तीज दियां की आयोजक तरुण मक्कड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम की थीम उन्होंने गुरदर्शन बैंस के साथ मिलकर रखी थी। अब तक वह चार बार इस कार्यक्रम का आयोजन कर चुकी हैं और अबकी बार कुछ अलग करना चाहती थीं, इसी वजह से इसका आयोजन होटल में किया गया। इसमें महिलाओं के लिए डांस के साथ ही मेहंदी और चूड़ियों का खास इंतजाम किया गया था। इसमें दोनों ही स्टॉल लगाए गए थे। चूड़ियों का स्टाल एकदम पारंपरिक तौर पर लगाया गया था, जिसमें महिलाएं चूड़ियां ले सकती थीं।
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तरुण मक्कड़ ने कहा कि वास्तव में अब लोग संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और उसी वजह से उनकी कोशिश है कि वह पंजाब की लोक संस्कृति को आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में त्योहार का सेलिब्रेशन जिस मस्ती से किया जाता था, अब वैसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि दूनिया में सभी जगह पंजाब की संस्कृति को फालो किया जाता है। विदेशों में पंजाबी संस्कृति का जबरदस्त बोलबाला है। इस मौके पर गुरदर्शन बैंस ने कहा कि चंडीगढ़ की महिलाएं हर त्योहार को मनाती हैं। तीज की मस्ती कुछ अलग होती है और इसी वजह से यहां गायिका अंचल को बुलाया गया और उसके साथ ही विरसा ग्रुप को भी बुलाया गया। इस मौके पर कन्नू और अमन ने कहा कि वास्तव में तीज फेस्टिवल को यहां सेलिब्रेट करने का अपना अलग आनंद रहा।
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