{"_id":"66906ca3a98211acda0f8674","slug":"smart-school-board-changed-two-years-ago-and-patted-back-arrangements-are-still-dilapidated-pkl-office-news-c-290-1-pkl1068-9100-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट स्कूल : दो साल पहले बोर्ड बदल थपथपाई पीठ, व्यवस्थाएं आज भी जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट स्कूल : दो साल पहले बोर्ड बदल थपथपाई पीठ, व्यवस्थाएं आज भी जर्जर
विज्ञापन
दो साल पहले हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई बनाए स्कूल, छह करोड़ का बजट आज तक नहीं हुआ पास
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। स्मार्ट स्कूलों में विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं देने के लिए शहर के तीन स्कूलों को हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई में परिवर्तित कर दिया गया लेकिन दो वर्ष के बाद भी व्यवस्थाएं जर्जर हैं। तीन संस्कृति स्कूलों में बहुमंजिला भवन बनाकर विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं देने का दावा किया गया था, लेकिन आज भी यहां दो सत्रों में कक्षाएं लगाई जाती हैं। तब प्रशासन और विभाग ने स्मार्ट स्कूल के नाम पर एक दूरी की पीठ थपथपाई थी, लेकिन आज भी एक साथ बैठने की जगह नहीं होने के कारण तीनों स्कूल दो शिफ्टों में चलाए जा रहे हैं। पहले सत्र में छठी से बारहवीं तक की कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई होती है, जबकि दूसरे सत्र में पहली से पांचवीं तक के बच्चों की कक्षाएं लगाई जाती हैं। स्मार्ट सुविधाओं की राह में बहुमंजिला भवनों के निर्माण के लिए निर्धारित छह करोड़ का बजट का पास नहीं होना मुख्य रोड़ा बताया जा रहा है। प्रशासन ने शहर के तीन संस्कृति स्कूलों को अपडेट करने का प्लान बनाया। इसमें मेजर अनुज राजपूत राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय-20, सार्थक समेकित संस्कृति मॉडल स्कूल सेक्टर-12ए और राजकीय संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-26 शामिल था। छह करोड़ से बहुमंजिला भवन बनाकर विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध करवाना था। अभी तक भवन नहीं बनने के कारण विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पा रहा है। इसमें तीनों स्कूलों में छठी से बारहवीं के विद्यार्थियों की कक्षा सुबह 6.45 से दोपहर 12.30 बजे तक चलती है। पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों की कक्षा दोपहर 12.30 से शाम को 6.15 बजे तक चलती है। इसमें जहां मेजर अनुज राजपूत राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-20 में 2600 विद्यार्थी, सार्थक समेकित संस्कृति मॉडल स्कूल सेक्टर-12ए में 2800 और राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-26 में 2800 विद्यार्थी दो शिफ्टों में पढ़ रहे हैं।
बिल्डिंग नहीं बनने से नहीं बढ़ी सुविधाएं
शिक्षा विभाग की तरफ से तीनों स्कूलों को सीबीएसई के माध्यम से चलाया जा रहा है। बच्चों में एडमिशन को लेकर क्रेज भी रहता है। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग नहीं बनने के कारण स्मार्ट सुविधाएं बढ़ाई जा सकती थीं। लैब, स्मार्ट क्लास रूम अधिक होने से एक शिफ्ट में बच्चे पढ़ाई कर सकते थे। अभी तक बिल्डिंग नहीं बनने से इस तरह के हालात बने हैं। इस बिल्डिंग के लिए बजट जल्द पास होना चाहिए, जिससे विद्यार्थी सही तरीके से पढ़ाई कर सकें। -भारत भूषण बंसल,चेयरमैन, पंचकूला पेरेंट्स एसोसिएशन
शहर में तीनों संस्कृति स्कूलों की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का प्लान बनाया गया है। अभी तक इसका बजट शिक्षा विभाग को नहीं मिला है। इस कारण इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। जैसे ही इसका बजट मिलेगा, स्कूलों का भवन बनाया जाएगा। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। स्मार्ट स्कूलों में विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं देने के लिए शहर के तीन स्कूलों को हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई में परिवर्तित कर दिया गया लेकिन दो वर्ष के बाद भी व्यवस्थाएं जर्जर हैं। तीन संस्कृति स्कूलों में बहुमंजिला भवन बनाकर विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं देने का दावा किया गया था, लेकिन आज भी यहां दो सत्रों में कक्षाएं लगाई जाती हैं। तब प्रशासन और विभाग ने स्मार्ट स्कूल के नाम पर एक दूरी की पीठ थपथपाई थी, लेकिन आज भी एक साथ बैठने की जगह नहीं होने के कारण तीनों स्कूल दो शिफ्टों में चलाए जा रहे हैं। पहले सत्र में छठी से बारहवीं तक की कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई होती है, जबकि दूसरे सत्र में पहली से पांचवीं तक के बच्चों की कक्षाएं लगाई जाती हैं। स्मार्ट सुविधाओं की राह में बहुमंजिला भवनों के निर्माण के लिए निर्धारित छह करोड़ का बजट का पास नहीं होना मुख्य रोड़ा बताया जा रहा है। प्रशासन ने शहर के तीन संस्कृति स्कूलों को अपडेट करने का प्लान बनाया। इसमें मेजर अनुज राजपूत राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय-20, सार्थक समेकित संस्कृति मॉडल स्कूल सेक्टर-12ए और राजकीय संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-26 शामिल था। छह करोड़ से बहुमंजिला भवन बनाकर विद्यार्थियों को स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध करवाना था। अभी तक भवन नहीं बनने के कारण विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पा रहा है। इसमें तीनों स्कूलों में छठी से बारहवीं के विद्यार्थियों की कक्षा सुबह 6.45 से दोपहर 12.30 बजे तक चलती है। पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों की कक्षा दोपहर 12.30 से शाम को 6.15 बजे तक चलती है। इसमें जहां मेजर अनुज राजपूत राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-20 में 2600 विद्यार्थी, सार्थक समेकित संस्कृति मॉडल स्कूल सेक्टर-12ए में 2800 और राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-26 में 2800 विद्यार्थी दो शिफ्टों में पढ़ रहे हैं।
बिल्डिंग नहीं बनने से नहीं बढ़ी सुविधाएं
शिक्षा विभाग की तरफ से तीनों स्कूलों को सीबीएसई के माध्यम से चलाया जा रहा है। बच्चों में एडमिशन को लेकर क्रेज भी रहता है। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग नहीं बनने के कारण स्मार्ट सुविधाएं बढ़ाई जा सकती थीं। लैब, स्मार्ट क्लास रूम अधिक होने से एक शिफ्ट में बच्चे पढ़ाई कर सकते थे। अभी तक बिल्डिंग नहीं बनने से इस तरह के हालात बने हैं। इस बिल्डिंग के लिए बजट जल्द पास होना चाहिए, जिससे विद्यार्थी सही तरीके से पढ़ाई कर सकें। -भारत भूषण बंसल,चेयरमैन, पंचकूला पेरेंट्स एसोसिएशन
विज्ञापन
शहर में तीनों संस्कृति स्कूलों की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का प्लान बनाया गया है। अभी तक इसका बजट शिक्षा विभाग को नहीं मिला है। इस कारण इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। जैसे ही इसका बजट मिलेगा, स्कूलों का भवन बनाया जाएगा। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
विज्ञापन