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हालात : लावारिस कुत्तों के आतंक से शहरवासियों को नहीं मिली निजात, आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने निगम के प्रबंधन पर लगाया प्रश्न चिह्न
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पंचकूला। स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाला नगर निगम लावारिस कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने में विफल साबित हो रहा है। सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में रोजाना 10 से 15 कुत्तों के काटने के मामले आ रहे हैं। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए निगम द्वारा गांव सुखदर्शनपुर में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से कैनल हाउस का निर्माण करवाया गया। लेकिन, कानूनी अड़चन के चलते योजना धराशायी हो गई। तीन साल में कुत्तों के काटने के तीन मामले ऐेसे सामने हैं जिनमें सर्जरी तक करवानी पड़ी है। इसके बाद भी कुत्तों के आतंक से शहरवासियों को छुटकारा नहीं मिल रहा है। कैनल हाउस में सुख-सुविधाओं की कमी होने के कारण 20 दिन से स्टरलाइजेशन का कार्य भी ठप पड़ा है। इस मामले को लेकर आरडब्ल्यूए के सदस्य लगातार निगम पर निशाना साध रहे हैं।
नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही शहरवासियों को आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिल जाएगी। कैनल हाउस में करीब 12 विशेषज्ञों का स्टाफ रखा जा चुका है। यह स्टाफ सभी गंभीर रूप से चोटिल कुत्तों की देखभाल करेगा। इसके साथ ही जिले के खतरनाक किस्म के लावारिस कुत्तों को ट्रेनिंग देगा। कुत्तों के लिए गांव सुखदर्शनपुर में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से चार एकड़ में कैनल हाउस तैयार किया गया है। कैनल हाउस में 36 पिंजरे बनाए गए हैं। यहां वाशिंग स्पा, डॉग्स ओपीडी, वेटरनरी डॉक्टर रूम, ऑपरेशन थियेटर, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक लैब आदि की सुविधाएं उपलब्ध जल्द करवाई जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बिना किसी प्लानिंग के सुखदर्शनपुर में कैनल हाउस का निर्माण करवाया। यही कारण है कि चार एकड़ में बनकर तैयार बिल्डिंग सफेद हाथी साबित हो रही है। इस बिल्डिंग के निर्माण पर किया गया खर्च भी एक तरह से पानी में बह गया है। निगम अधिकारी फैसला नहीं कर पा रहे हैं बिल्डिंग का उपयोग किसके लिए किया जाए। कैनल हाउस में सुविधाओं की कमी होने के कारण स्टरलाइजेशन कार्य पूरी तरह से बंद है। - भारत हितैषी, चेयरमैन हाउस ओवर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10
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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने दावा किया था कि शहरवासियों को जल्द ही लावारिस पशु और आवारा कुत्तों की समस्या से निजात मिल जाएगी। क्योंकि सुखदर्शनपुर में गोशाला और कैनल हाउस बनकर तैयार हो गया है। आठ महीने का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक सेक्टर के अंदर कुत्तों की भरमार है। वह रोजाना लोगों को काट रहे हैं। वहीं, लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिसके चलते हादसे हो रहे हैं। - योगेंद्र क्वात्रा, वरिष्ठ उपप्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
स्वच्छ, सुंदर और हराभरा पंचकूला बनाने का दावा हर समारोह में किया जा रहा है। लेकिन नगर निगम अभी तक वर्षों पुरानी कुत्तों की समस्या से निजात नहीं दिला पाया है। निगम अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से सुखदर्शनपुर में गोशाला को बनाया गया, लेकिन पशु शहर के अंदर घूम रहे हैं। कैनल हाउस दिखावा साबित हो रहा है। कैनल हाउस के अंदर अव्यवस्था का आलम है। यही कारण है कि स्टरलाइजेशन को बंद कर दिया गया है। - सीमा भारद्वाज, चेयरमैन पंचकूला विकास मंच।
लावारिस कुत्तों के लिए बने कैनल हाउस में काम जल्द शुरू हो जाएगा। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए पार्षदों की टीम बनाई गई है, जो लगातार देखरेख करेगी। कैनल हाउस में स्टाफ की नियुक्ति भी हो गई है। इस मामले को लेकर आज एक मीटिंग भी होगी। निगम विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। स्टरलाइजेशन लगातार हो रही है, बंद होने की कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो स्टरलाइजेशन कार्य को जल्द शुरू करवाया जाएगा। एक अक्तूबर से खतरनाक कुत्तों के साथ गंभीर चोटिल कुत्तों को यहां लाया जाएगा। स्टरलाइजेशन के बाद यहां कुछ दिन रखा जाएगा। इसके बाद जहां से कुत्तों को उठाया गया है उन्हें वहीं छोड़ा जाएगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।
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नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही शहरवासियों को आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिल जाएगी। कैनल हाउस में करीब 12 विशेषज्ञों का स्टाफ रखा जा चुका है। यह स्टाफ सभी गंभीर रूप से चोटिल कुत्तों की देखभाल करेगा। इसके साथ ही जिले के खतरनाक किस्म के लावारिस कुत्तों को ट्रेनिंग देगा। कुत्तों के लिए गांव सुखदर्शनपुर में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से चार एकड़ में कैनल हाउस तैयार किया गया है। कैनल हाउस में 36 पिंजरे बनाए गए हैं। यहां वाशिंग स्पा, डॉग्स ओपीडी, वेटरनरी डॉक्टर रूम, ऑपरेशन थियेटर, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक लैब आदि की सुविधाएं उपलब्ध जल्द करवाई जाएगी।
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नगर निगम के अधिकारियों ने बिना किसी प्लानिंग के सुखदर्शनपुर में कैनल हाउस का निर्माण करवाया। यही कारण है कि चार एकड़ में बनकर तैयार बिल्डिंग सफेद हाथी साबित हो रही है। इस बिल्डिंग के निर्माण पर किया गया खर्च भी एक तरह से पानी में बह गया है। निगम अधिकारी फैसला नहीं कर पा रहे हैं बिल्डिंग का उपयोग किसके लिए किया जाए। कैनल हाउस में सुविधाओं की कमी होने के कारण स्टरलाइजेशन कार्य पूरी तरह से बंद है। - भारत हितैषी, चेयरमैन हाउस ओवर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10
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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने दावा किया था कि शहरवासियों को जल्द ही लावारिस पशु और आवारा कुत्तों की समस्या से निजात मिल जाएगी। क्योंकि सुखदर्शनपुर में गोशाला और कैनल हाउस बनकर तैयार हो गया है। आठ महीने का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक सेक्टर के अंदर कुत्तों की भरमार है। वह रोजाना लोगों को काट रहे हैं। वहीं, लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिसके चलते हादसे हो रहे हैं। - योगेंद्र क्वात्रा, वरिष्ठ उपप्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
स्वच्छ, सुंदर और हराभरा पंचकूला बनाने का दावा हर समारोह में किया जा रहा है। लेकिन नगर निगम अभी तक वर्षों पुरानी कुत्तों की समस्या से निजात नहीं दिला पाया है। निगम अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से सुखदर्शनपुर में गोशाला को बनाया गया, लेकिन पशु शहर के अंदर घूम रहे हैं। कैनल हाउस दिखावा साबित हो रहा है। कैनल हाउस के अंदर अव्यवस्था का आलम है। यही कारण है कि स्टरलाइजेशन को बंद कर दिया गया है। - सीमा भारद्वाज, चेयरमैन पंचकूला विकास मंच।
लावारिस कुत्तों के लिए बने कैनल हाउस में काम जल्द शुरू हो जाएगा। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए पार्षदों की टीम बनाई गई है, जो लगातार देखरेख करेगी। कैनल हाउस में स्टाफ की नियुक्ति भी हो गई है। इस मामले को लेकर आज एक मीटिंग भी होगी। निगम विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। स्टरलाइजेशन लगातार हो रही है, बंद होने की कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो स्टरलाइजेशन कार्य को जल्द शुरू करवाया जाएगा। एक अक्तूबर से खतरनाक कुत्तों के साथ गंभीर चोटिल कुत्तों को यहां लाया जाएगा। स्टरलाइजेशन के बाद यहां कुछ दिन रखा जाएगा। इसके बाद जहां से कुत्तों को उठाया गया है उन्हें वहीं छोड़ा जाएगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।