{"_id":"6259c7d03edbba173b4e8003","slug":"situation-cracks-in-the-yard-master-room-of-haryana-roadways-workshop-building-worth-22-crores-pkl-office-news-pkl447768995","type":"story","status":"publish","title_hn":"हालात : 22 करोड़ के हरियाणा रोडवेज वर्कशाप भवन के यार्ड मास्टर रूम में आई दरारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हालात : 22 करोड़ के हरियाणा रोडवेज वर्कशाप भवन के यार्ड मास्टर रूम में आई दरारें
विज्ञापन
पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में हरियाणा रोडवेज की वर्कशॉप का भवन लगभग बनकर तैयार हो चुका है। भवन विभाग को सौंपने से पहले ही इसके यार्ड रूम में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। इससे भवन को बनाने में प्रयोग की गई निर्माण सामग्री या तकनीक पर सवालिया निशान लग रहा है। हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल 10 अप्रैल को इस भवन का उद्घाटन भी कर चुके हैं।
सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड परिसर में ही काफी समय से कच्ची वर्कशॉप में कर्मचारी बसों की मरम्मत कर रहे हैं। इसीलिए फेज-2 में वर्कशॉप बनाने का फैसला लिया गया था। यहां पर जगह खरीदने के बाद 22 करोड़ रुपये वर्कशॉप और प्रशासनिक भवन के लिए टेंडर जारी किया गया। अब भवन बनाया जा चुका है। लगभग सारा काम पूरा भी हो चुका है। ठेकेदार के अनुसार अब पांच फीसदी काम ही बचा है। एक सप्ताह में यह भी पूरा कर दिया जाएगा।
फर्श बनाने का काम जोरों से चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ गेट के पास बनाए यार्ड मास्टर रूम में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। हालांकि ठेकेदार का कहना है कि ये दरार दीवार में नहीं है। ब्लॉक के कारण ये नजर आ रही हैं। अमर उजाला की टीम ने जैसे ही दरारों की फोटो करनी शुरू की तो कर्मचारियों ने ठेकेदार को इसकी सूचना दे दी। ठेकेदार ने मौके पर पहुंच कर दरारों को ढंकने के लिए उन पर वाल पुट्टी की पुताई शुरू करा दी।
विज्ञापन
मरम्मत कराने के बाद करेंगे हैंडओवर
वर्कशॉप निर्माण की निगरानी कर रहे एक कर्मचारी से जब इन दरारों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि विभाग को यह भवन सौंपने से पहले इसकी मरम्मत कराई जाएगी। भवन का प्रयोग शुरू होने से पहले ही उसे मरम्मत की जरूरत पड़ गई है। इससे भवन निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता पर ही सवालिया निशान लग गए हैं।
ऐसा रहेगा भवन का ढांचा
वर्कशॉप के भवन में 12 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें विभाग के कर्मचारी अपना कामकाज करेंगे। इसके अलावा चार कमरे अधिकारियों के लिए बनाए गए हैं। बसों की मरम्मत और वाशिंग के लिए दो बड़े शेड बनाए गए हैं। इसके अलावा एक कैंटीन, एक डीआई रूम और एक यार्ड मास्टर रूम भी बनाया गया है।
कई बार ऐसा हो जाता है। मकान बनाते हैं तो भी ब्लॉक या प्लास्टर में दरारें आ जाती हैं। इसे ठीक कराने के बाद ही विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। - दीपक, ठेकेदार
यह बात मेरी जानकारी में नहीं है। इसकी जांच करवाता हूं। अगर कहीं ऐसी लापरवाही बरती गई है तो संबंधित कार्रवाई की जाएगी। - इंद्रपाल, जेई, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड परिसर में ही काफी समय से कच्ची वर्कशॉप में कर्मचारी बसों की मरम्मत कर रहे हैं। इसीलिए फेज-2 में वर्कशॉप बनाने का फैसला लिया गया था। यहां पर जगह खरीदने के बाद 22 करोड़ रुपये वर्कशॉप और प्रशासनिक भवन के लिए टेंडर जारी किया गया। अब भवन बनाया जा चुका है। लगभग सारा काम पूरा भी हो चुका है। ठेकेदार के अनुसार अब पांच फीसदी काम ही बचा है। एक सप्ताह में यह भी पूरा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
फर्श बनाने का काम जोरों से चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ गेट के पास बनाए यार्ड मास्टर रूम में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। हालांकि ठेकेदार का कहना है कि ये दरार दीवार में नहीं है। ब्लॉक के कारण ये नजर आ रही हैं। अमर उजाला की टीम ने जैसे ही दरारों की फोटो करनी शुरू की तो कर्मचारियों ने ठेकेदार को इसकी सूचना दे दी। ठेकेदार ने मौके पर पहुंच कर दरारों को ढंकने के लिए उन पर वाल पुट्टी की पुताई शुरू करा दी।
विज्ञापन
मरम्मत कराने के बाद करेंगे हैंडओवर
वर्कशॉप निर्माण की निगरानी कर रहे एक कर्मचारी से जब इन दरारों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि विभाग को यह भवन सौंपने से पहले इसकी मरम्मत कराई जाएगी। भवन का प्रयोग शुरू होने से पहले ही उसे मरम्मत की जरूरत पड़ गई है। इससे भवन निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता पर ही सवालिया निशान लग गए हैं।
ऐसा रहेगा भवन का ढांचा
वर्कशॉप के भवन में 12 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें विभाग के कर्मचारी अपना कामकाज करेंगे। इसके अलावा चार कमरे अधिकारियों के लिए बनाए गए हैं। बसों की मरम्मत और वाशिंग के लिए दो बड़े शेड बनाए गए हैं। इसके अलावा एक कैंटीन, एक डीआई रूम और एक यार्ड मास्टर रूम भी बनाया गया है।
कई बार ऐसा हो जाता है। मकान बनाते हैं तो भी ब्लॉक या प्लास्टर में दरारें आ जाती हैं। इसे ठीक कराने के बाद ही विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। - दीपक, ठेकेदार
यह बात मेरी जानकारी में नहीं है। इसकी जांच करवाता हूं। अगर कहीं ऐसी लापरवाही बरती गई है तो संबंधित कार्रवाई की जाएगी। - इंद्रपाल, जेई, पीडब्ल्यूडी