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सेक्टर-20 के दो कोल्ड स्टोरों से खाद्य सुरक्षा विभाग ने भरे सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:44 AM IST
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने भरे सैंपल
- फोटो : अमर उजाला
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कार्बाइड से फल पकाने वाले कोल्ड स्टोर और गोदाम मालिकों की अब खैर नहीं है। क्योंकि कार्बाइड से फलों को पकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेश पर मंगलवार को विभागीय अधिकारियों ने सेक्टर-20 स्थित दो कोल्ड स्टोर और गोदामों में फलों के सैंपल लिए हैं। सैंपल रिपोर्ट में कमी मिलने पर स्टोर और गोदाम मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में छह माह की कैद या फिर एक लाख जुर्माने का प्रावधान है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पंचकूला सेक्टर-20 के दो कोल्ड स्टोर में केले और आम के सैंपल भरे। अधिकारियों ने बताया कि भरे गए सैंपल की रिपोर्ट 14 दिनों में आएगी। पिछले सप्ताह बरवाला के कोल्ड स्टोर में विभाग ने केला और आम के सैंपल भरे थे। जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है।
कैसे हो रही है धांधली
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि केला पकाने का समय 96 घंटे होता है। जो छोटे कोल्ड स्टोर हैं वे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए केले और आम को कार्बाइड से पकाते हैं। ऐसे में केला 96 घंटे में पकने के बजाया 24 घंटे से पहले ही पककर तैयार हो जाता है।
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गर्मी में फलों खरीदते समय सावधानी बरतें। हो सकता है कि उन्हें कार्बाइड से पकाया हो। विशेषज्ञों के मुताबिक कार्बाइड से पके फलों के सेवन से लोग बीमार हो सकते हैं। सबसे ज्यादा खतरा आम, पपीता एवं केले से है। बताया जाता है कि इन फलों को समय से पहले पकाने के लिए कैल्सियम कार्बाइड नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है। इसमें काफी मात्रा में कार्बाइड के अंश मौजूद रहते हैं, जो लीवर समेत शरीर के अन्य भागों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हो जाती है पोषक तत्वों में कमी
आम में विटामिन के अलावा शरीर के लिए उपयोगी फाइबर, कैल्सियम, आयरन सहित लगभग सारे पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। कार्बाइड से पकाने से फलों में विटामिन की मात्रा काफी कम हो जाती है।
यह हो सकती है परेशानी
लगातार उपयोग से लीवर डैमेज
शरीर में एलर्जी की समस्या
फलों में पाए जाने वाले प्राकृतिक पौष्टिक तत्वों की कमी।
पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत। अचानक उल्टियों का शुरू हो जाना
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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पंचकूला सेक्टर-20 के दो कोल्ड स्टोर में केले और आम के सैंपल भरे। अधिकारियों ने बताया कि भरे गए सैंपल की रिपोर्ट 14 दिनों में आएगी। पिछले सप्ताह बरवाला के कोल्ड स्टोर में विभाग ने केला और आम के सैंपल भरे थे। जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है।
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कैसे हो रही है धांधली
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि केला पकाने का समय 96 घंटे होता है। जो छोटे कोल्ड स्टोर हैं वे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए केले और आम को कार्बाइड से पकाते हैं। ऐसे में केला 96 घंटे में पकने के बजाया 24 घंटे से पहले ही पककर तैयार हो जाता है।
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गर्मी में फलों खरीदते समय सावधानी बरतें। हो सकता है कि उन्हें कार्बाइड से पकाया हो। विशेषज्ञों के मुताबिक कार्बाइड से पके फलों के सेवन से लोग बीमार हो सकते हैं। सबसे ज्यादा खतरा आम, पपीता एवं केले से है। बताया जाता है कि इन फलों को समय से पहले पकाने के लिए कैल्सियम कार्बाइड नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है। इसमें काफी मात्रा में कार्बाइड के अंश मौजूद रहते हैं, जो लीवर समेत शरीर के अन्य भागों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हो जाती है पोषक तत्वों में कमी
आम में विटामिन के अलावा शरीर के लिए उपयोगी फाइबर, कैल्सियम, आयरन सहित लगभग सारे पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। कार्बाइड से पकाने से फलों में विटामिन की मात्रा काफी कम हो जाती है।
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