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सेब मंडी में घोटाला: सीआईडी और विभागीय जांच रिपोर्ट पर नहीं की कार्रवाई, जांच रिपोर्ट में पूरे सीजन में 8 करोड़ की मार्केट फीस/एचआरडीएफ राजस्व की चोरी का अनुमान
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पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित मार्केट कमेटी की सेब मंडी में रोजाना हो रहे घोटालों और राजस्व की चोरी से प्रदेश सरकार व हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा जांच कमेटी बनाकर रिपोर्ट पेश करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही कारण है कि घोटाला प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सेब मंडी घोटाले और गबन का अड्डा बन गया है। हरियाणा सरकार में चेयरमैन रह चुके एवं शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल एडवोकेट ने इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने बताया है कि विभागीय जांच में भी सेब मंडी में प्रतिदिन 8 लाख के मार्केट फीस व एचआरडीएफ के राजस्व की चोरी हो रही है। पूरे सीजन में यह आंकड़ा 8 करोड़ पहुंच जाता है। मंडी में आने वाली सेब की कुल कीमत पर 2 प्रतिशत मार्केट फीस व एचआरडीएफ राजस्व के रूप में कटती है। उन्होंने कहा कि जब दोषी अधिकारियों की मौजूदगी में सेब मंडी के बॉक्स रिकार्ड हुए तो 6 दिन में सिर्फ 13 लाख 57 हजार 90 रुपये की राजस्व फीस आई और जब जांच कमेटी की मौजूदगी में रिकार्ड हुई तो मात्र दो दिन में ही 18 लाख 34 हजार 290 रुपये की मार्केट व एचआरडीएफ फीस राजस्व के रूप में एकत्रित हुए।
इस सीजन में 31 जुलाई को 9889, 7 अगस्त को 18455, 11 अगस्त को 27216, 12 अगस्त को 23994 व 13 अगस्त को 20318 सेब के बॉक्स सेब मंडी में आए। जिसकी कुल मार्केट फीस व एचआरडीएफ फंड का राजस्व 13 लाख 57 हजार 90 बना। जब बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा 11 सदस्यीय मार्केट बोर्ड के अफसरों की कमेटी का गठन मुख्य मार्केटिंग एनफोर्समेंट ऑफिसर की सुपरविजन में किया गया। कमेटी ने 13 अगस्त रात में जांच की तो मार्केट फीस की चोरी पाई गई। 14 अगस्त को 96160 सेब बक्से मंडी में एंट्री गेट पर रिकॉर्ड किए, जबकि15 अगस्त को 63393 बॉक्स रिकार्ड किए। दो दिन में सरकार को जांच कमेटी की मौजूदगी में 18 लाख 34 हजार 290 का राजस्व मार्केट फीस व एचआरडीएफ के रूप में प्राप्त हुआ।
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4 दिन में 3 लाख से ज्यादा सेब बक्से हुए रिकार्ड
विजय बंसल ने बताया कि 2020 के सीजन में सेब मंडी में कुल 8 लाख सेब बक्से तीन माह में रिकार्ड हुए, जबकि जांच कमेटी स्वयं मौके पर मौजूद रही तो मात्र चार दिनों में ही लगभग तीन लाख से ज्यादा सेब बक्से रिकार्ड कर लिए गए। यह सीजन नवंबर 2021 तक चलेगा। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किस स्तर पर राजस्व की चोरी स्थानीय कमेटी के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
गुप्तचर विभाग के एडीजीपी ने भी जांच रिपोर्ट में पाई थी करोड़ों की चोरी
गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा भी 29 सितंबर 2020 को सेब मंडी में हो रही अनियमितताओं के बारे में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर सूचित किया गया। तत्कालीन सीजन में ही ढाई करोड़ से भी अधिक के राजस्व की चोरी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है। प्रतिदिन 2.70 लाख से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ। विजय बंसल ने कहा कि हैरानी की बात है कि गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा गठित कमेटियों की जांच रिपोर्ट को भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दरकिनार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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उन्होंने बताया है कि विभागीय जांच में भी सेब मंडी में प्रतिदिन 8 लाख के मार्केट फीस व एचआरडीएफ के राजस्व की चोरी हो रही है। पूरे सीजन में यह आंकड़ा 8 करोड़ पहुंच जाता है। मंडी में आने वाली सेब की कुल कीमत पर 2 प्रतिशत मार्केट फीस व एचआरडीएफ राजस्व के रूप में कटती है। उन्होंने कहा कि जब दोषी अधिकारियों की मौजूदगी में सेब मंडी के बॉक्स रिकार्ड हुए तो 6 दिन में सिर्फ 13 लाख 57 हजार 90 रुपये की राजस्व फीस आई और जब जांच कमेटी की मौजूदगी में रिकार्ड हुई तो मात्र दो दिन में ही 18 लाख 34 हजार 290 रुपये की मार्केट व एचआरडीएफ फीस राजस्व के रूप में एकत्रित हुए।
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इस सीजन में 31 जुलाई को 9889, 7 अगस्त को 18455, 11 अगस्त को 27216, 12 अगस्त को 23994 व 13 अगस्त को 20318 सेब के बॉक्स सेब मंडी में आए। जिसकी कुल मार्केट फीस व एचआरडीएफ फंड का राजस्व 13 लाख 57 हजार 90 बना। जब बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा 11 सदस्यीय मार्केट बोर्ड के अफसरों की कमेटी का गठन मुख्य मार्केटिंग एनफोर्समेंट ऑफिसर की सुपरविजन में किया गया। कमेटी ने 13 अगस्त रात में जांच की तो मार्केट फीस की चोरी पाई गई। 14 अगस्त को 96160 सेब बक्से मंडी में एंट्री गेट पर रिकॉर्ड किए, जबकि15 अगस्त को 63393 बॉक्स रिकार्ड किए। दो दिन में सरकार को जांच कमेटी की मौजूदगी में 18 लाख 34 हजार 290 का राजस्व मार्केट फीस व एचआरडीएफ के रूप में प्राप्त हुआ।
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4 दिन में 3 लाख से ज्यादा सेब बक्से हुए रिकार्ड
विजय बंसल ने बताया कि 2020 के सीजन में सेब मंडी में कुल 8 लाख सेब बक्से तीन माह में रिकार्ड हुए, जबकि जांच कमेटी स्वयं मौके पर मौजूद रही तो मात्र चार दिनों में ही लगभग तीन लाख से ज्यादा सेब बक्से रिकार्ड कर लिए गए। यह सीजन नवंबर 2021 तक चलेगा। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किस स्तर पर राजस्व की चोरी स्थानीय कमेटी के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
गुप्तचर विभाग के एडीजीपी ने भी जांच रिपोर्ट में पाई थी करोड़ों की चोरी
गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा भी 29 सितंबर 2020 को सेब मंडी में हो रही अनियमितताओं के बारे में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर सूचित किया गया। तत्कालीन सीजन में ही ढाई करोड़ से भी अधिक के राजस्व की चोरी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है। प्रतिदिन 2.70 लाख से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ। विजय बंसल ने कहा कि हैरानी की बात है कि गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा गठित कमेटियों की जांच रिपोर्ट को भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दरकिनार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।