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Panchkula News: मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज, जांच पूरी होने तक छोड़ा खेल विभाग
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चंडीगढ़। महिला कोच से छेड़छाड़ का केस दर्ज होने और भाजपा आलाकमान तक विवाद पहुंचने के बाद हरियाणा सरकार में मंत्री संदीप सिंह ने रविवार को खेल विभाग छोड़ दिया। हालांकि, वह युवा मामले और प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के मंत्री बने रहेंगे। उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज किए जाने के एक दिन बाद सीएम को इस आशय का खत सौंपा। उन्होंने महिला कोच के सभी आरोपों को झूठा करार देते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की।
29 दिसंबर को महिला कोच ने मीडिया के सामने खेल मंत्री सिंह पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 30 दिसंबर को महिला ने चंडीगढ़ एसपी को मंत्री के खिलाफ लिखित शिकायत दी। इसके बाद चंडीगढ़ सेक्टर 26 थाना पुलिस ने मंत्री के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला को निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर करना, बंदी बनाने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया। चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी रामगोपाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी पलक गोयल के नेतृत्व में एसआईटी बना दी गई है। एसपी सिटी श्रुति अरोड़ा एसआईटी का सुपरविजन करेंगी। एसआईटी के सदस्य रविवार शाम को पंचकूला में शिकायकर्ता महिला कोच के बयान लेने पहुंचे। टीम ने उससे सबूत भी हासिल किए हैं।
महिला कोच के पैर पर रखा हाथ, टी शर्ट फाड़ी
महिला कोच ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि एक जुलाई 2022 को मंत्री संदीप सिंह ने उसे चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर बुलाया था। यहां पर दस्तावेज जांच के बहाने उसे एक अलग केबिन में ले गए। मंत्री ने उससे कहा कि, वह पहले दिन से ही उसे पसंद करता है। वह उसे स्पांसर भी करा देगा। इसलिए तुम मुझे खुश रखो और मैं तुम्हें खुश रखूंगा। आरोप है कि मंत्री ने महिला कोच के पैर पर हाथ रखा और विरोध करने पर उससे जबरदस्ती करने लगा। इस दौरान उसकी टी शर्ट भी फाड़ दी। महिला मंत्री को धक्का देकर वहां से भागी। महिला का आरोप है कि पहले भी मंत्री उसे इंस्टाग्राम और स्नैप चैट पर मैसेज भेजता रहा है।
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विपक्ष ने साधा निशाना, गिरफ्तारी की मांग
मंत्री के खिलाफ केस दर्ज होते हुए विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने कहा कि तुरंत प्रभाव से मंत्री संदीप सिंह को गिरफ्तार किया जाए। केवल विभाग छोड़ने से कुछ नहीं होगा। मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाए। हरियाणा सरकार मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और महिला को न्याय दिलाने के लिए इनेलो सड़कों पर उतरेगी। उधर, हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संदीप सिंह ने विभाग छोड़ दिया है और अब इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने भी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
विज से मिलने के बाद महिला कोच को मिली सुरक्षा
संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला कोच ने रविवार को अंबाला में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात की है। महिला कोच ने अपने आरोपों को दोहराया और कहा कि मंत्री ने मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया। पहले तो मैंने बचने की कोशिश की, लेकिन मुझे परेशान करना जारी रखा। अब वह पीछे नहीं हटेगी। विज ने महिला को इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा धमकियां मिलने की शिकायत पर गृह मंत्री के आदेश पर महिला कोच को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।
जब तक जांच पूरी नहीं होती मैं नैतिकता के आधार पर खेल विभाग को छोड़ रहा हूं। मेरे ऊपर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। जांच रिपोर्ट आने तक मैंने खेल विभाग मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। अब मुख्यमंत्री ही आगामी फैसला लेंगे।
संदीप सिंह, मंत्री, हरियाणा सरकार
इन धाराओं में दर्ज हुआ मंत्री के खिलाफ केस
धारा आरोप सजा
354 बल पूर्वक महिला की लज्जा भंग करना तीन से सात साल सजा, जुर्माना
354ए यौन उत्पीड़न तीन साल तक सजा और जुर्माना या दोनों
354बी कपड़े फाड़ना तीन से सात साल तक सजा और जुर्माना
342 किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित करना एक साल सजा और जुर्माना
506 धमकी देना दो साल सजा, जुर्माना या दोनों
हरियाणा सरकार ने बना रखी है फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
संदीप सिंह ने महिला कोच के पुराने आचरण के बारे में जांच की मांगी थी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। इसमें एडीजीपी ममता सिंह, डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह और एचपीएस राजकुमार कौशिक को शामिल किया गया है। शनिवार को एडीजीपी पंचकूला पहुंची थी और अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
स्पीकर की मुलाकात के बाद बदले समीकरण
मंत्री संदीप सिंह से 30 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता ने मुलाकात की थी। करीब एक घंटे तक स्पीकर ने इस मामले को लेकर संदीप सिंह से बातचीत की थी। इसके बाद स्पीकर ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया था। मामला आलाकमान पर पहुंचने के बाद मंत्री पर अपना विभाग छोड़ने का दबाव बढ़ा।
इस सवाल का जवाब नहीं
महिला कोच का कहना है कि खेल विभाग में उसकी ज्वाइनिंग सितंबर में हुई है, जबकि खेल मंत्री ने 13 मई को ही हरियाणा सरकार की गोपनीय रिपोर्ट उसे भेज दी थी। इसमें उसका नाम चयन सूची में डाला गया था। स्नैप चैट के माध्यम से यह पत्र भेजा गया था। इसके बाद सितंबर में महिला ने बतौर जूनियर कोच नौकरी भी ज्वाइन कर ली।
धमकियां मिल रहीं, नहीं मिली सुरक्षा
महिला कोच ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद से उसे सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। महिला कोच ने हरियाणा पुलिस से सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। हालांकि, अभी तक इस मामले में हरियाणा पुलिस ने महिला को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है। महिला कोच मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की कोशिश में है।
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29 दिसंबर को महिला कोच ने मीडिया के सामने खेल मंत्री सिंह पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 30 दिसंबर को महिला ने चंडीगढ़ एसपी को मंत्री के खिलाफ लिखित शिकायत दी। इसके बाद चंडीगढ़ सेक्टर 26 थाना पुलिस ने मंत्री के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला को निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर करना, बंदी बनाने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया। चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी रामगोपाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी पलक गोयल के नेतृत्व में एसआईटी बना दी गई है। एसपी सिटी श्रुति अरोड़ा एसआईटी का सुपरविजन करेंगी। एसआईटी के सदस्य रविवार शाम को पंचकूला में शिकायकर्ता महिला कोच के बयान लेने पहुंचे। टीम ने उससे सबूत भी हासिल किए हैं।
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महिला कोच के पैर पर रखा हाथ, टी शर्ट फाड़ी
महिला कोच ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि एक जुलाई 2022 को मंत्री संदीप सिंह ने उसे चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर बुलाया था। यहां पर दस्तावेज जांच के बहाने उसे एक अलग केबिन में ले गए। मंत्री ने उससे कहा कि, वह पहले दिन से ही उसे पसंद करता है। वह उसे स्पांसर भी करा देगा। इसलिए तुम मुझे खुश रखो और मैं तुम्हें खुश रखूंगा। आरोप है कि मंत्री ने महिला कोच के पैर पर हाथ रखा और विरोध करने पर उससे जबरदस्ती करने लगा। इस दौरान उसकी टी शर्ट भी फाड़ दी। महिला मंत्री को धक्का देकर वहां से भागी। महिला का आरोप है कि पहले भी मंत्री उसे इंस्टाग्राम और स्नैप चैट पर मैसेज भेजता रहा है।
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विपक्ष ने साधा निशाना, गिरफ्तारी की मांग
मंत्री के खिलाफ केस दर्ज होते हुए विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने कहा कि तुरंत प्रभाव से मंत्री संदीप सिंह को गिरफ्तार किया जाए। केवल विभाग छोड़ने से कुछ नहीं होगा। मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाए। हरियाणा सरकार मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और महिला को न्याय दिलाने के लिए इनेलो सड़कों पर उतरेगी। उधर, हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संदीप सिंह ने विभाग छोड़ दिया है और अब इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने भी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
विज से मिलने के बाद महिला कोच को मिली सुरक्षा
संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला कोच ने रविवार को अंबाला में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात की है। महिला कोच ने अपने आरोपों को दोहराया और कहा कि मंत्री ने मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया। पहले तो मैंने बचने की कोशिश की, लेकिन मुझे परेशान करना जारी रखा। अब वह पीछे नहीं हटेगी। विज ने महिला को इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा धमकियां मिलने की शिकायत पर गृह मंत्री के आदेश पर महिला कोच को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।
जब तक जांच पूरी नहीं होती मैं नैतिकता के आधार पर खेल विभाग को छोड़ रहा हूं। मेरे ऊपर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। जांच रिपोर्ट आने तक मैंने खेल विभाग मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। अब मुख्यमंत्री ही आगामी फैसला लेंगे।
संदीप सिंह, मंत्री, हरियाणा सरकार
इन धाराओं में दर्ज हुआ मंत्री के खिलाफ केस
धारा आरोप सजा
354 बल पूर्वक महिला की लज्जा भंग करना तीन से सात साल सजा, जुर्माना
354ए यौन उत्पीड़न तीन साल तक सजा और जुर्माना या दोनों
354बी कपड़े फाड़ना तीन से सात साल तक सजा और जुर्माना
342 किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित करना एक साल सजा और जुर्माना
506 धमकी देना दो साल सजा, जुर्माना या दोनों
हरियाणा सरकार ने बना रखी है फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
संदीप सिंह ने महिला कोच के पुराने आचरण के बारे में जांच की मांगी थी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। इसमें एडीजीपी ममता सिंह, डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह और एचपीएस राजकुमार कौशिक को शामिल किया गया है। शनिवार को एडीजीपी पंचकूला पहुंची थी और अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
स्पीकर की मुलाकात के बाद बदले समीकरण
मंत्री संदीप सिंह से 30 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुुप्ता ने मुलाकात की थी। करीब एक घंटे तक स्पीकर ने इस मामले को लेकर संदीप सिंह से बातचीत की थी। इसके बाद स्पीकर ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया था। मामला आलाकमान पर पहुंचने के बाद मंत्री पर अपना विभाग छोड़ने का दबाव बढ़ा।
इस सवाल का जवाब नहीं
महिला कोच का कहना है कि खेल विभाग में उसकी ज्वाइनिंग सितंबर में हुई है, जबकि खेल मंत्री ने 13 मई को ही हरियाणा सरकार की गोपनीय रिपोर्ट उसे भेज दी थी। इसमें उसका नाम चयन सूची में डाला गया था। स्नैप चैट के माध्यम से यह पत्र भेजा गया था। इसके बाद सितंबर में महिला ने बतौर जूनियर कोच नौकरी भी ज्वाइन कर ली।
धमकियां मिल रहीं, नहीं मिली सुरक्षा
महिला कोच ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद से उसे सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। महिला कोच ने हरियाणा पुलिस से सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। हालांकि, अभी तक इस मामले में हरियाणा पुलिस ने महिला को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है। महिला कोच मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की कोशिश में है।