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राम रहीम की रिहाई की अरदास के आरोपी पंजाब भाजपा प्रदेश सचिव को हाईकोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर
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चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तंदरुस्ती और डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की जेल से रिहाई की अरदास करने के कारण दर्ज एफआईआर में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब भाजपा के प्रदेश सचिव सुखपाल सिंह सरां को जमानत दे दी है। जांच में शामिल होने के चलते जस्टिस अवनीश झिंगन ने जमानत का आदेश जारी किया है।
सुखपाल सिंह सरां के खिलाफ बठिंडा के सदर पुलिस थाने में 20 मई को आईपीसी की धारा-120 बी और 295 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सरां ने पहले बठिंडा की जिला अदालत से इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। मांग खारिज होने के बाद सरां ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सरां को जांच में शामिल होने का आदेश देते हुए अंतरिम जमानत दे दी थी।
सरां ने अग्रिम जमानत की याचिका में कहा था कि उसके खिलाफ यह मामला राजनीतिक रंजिश के तहत दर्ज किया गया है। इससे पहले भी उसके खिलाफ ऐसे मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वह एक सिख परिवार से हैं और डेरा मुखी का अक्सर विरोध करता रहा है। उस पर जो आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधार हैं। वह मामले की जांच में शामिल होने को तैयार हैं, ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। गांव बीड़ तालाब के गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी की ओर से दर्ज एफआईआर में दी गई अंतरिम जमानत को अग्रिम जमानत में बदलते हुए अब हाईकोर्ट ने उनकी याचिका का निपटारा कर दिया है।
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सुखपाल सिंह सरां के खिलाफ बठिंडा के सदर पुलिस थाने में 20 मई को आईपीसी की धारा-120 बी और 295 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सरां ने पहले बठिंडा की जिला अदालत से इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। मांग खारिज होने के बाद सरां ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सरां को जांच में शामिल होने का आदेश देते हुए अंतरिम जमानत दे दी थी।
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सरां ने अग्रिम जमानत की याचिका में कहा था कि उसके खिलाफ यह मामला राजनीतिक रंजिश के तहत दर्ज किया गया है। इससे पहले भी उसके खिलाफ ऐसे मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वह एक सिख परिवार से हैं और डेरा मुखी का अक्सर विरोध करता रहा है। उस पर जो आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधार हैं। वह मामले की जांच में शामिल होने को तैयार हैं, ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। गांव बीड़ तालाब के गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी की ओर से दर्ज एफआईआर में दी गई अंतरिम जमानत को अग्रिम जमानत में बदलते हुए अब हाईकोर्ट ने उनकी याचिका का निपटारा कर दिया है।
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